Ориф ки ҷо ба ҷузи сари кӯй фано насохт
عارف که جا به جز سر کوی فنا نساخت
Ҷоӣӣ ки сайл роҳ надорад саро насохт
جائیکه سیل راه ندارد سرا نساخت
Афлокро ба фикри ман андохти васл ӯ
افلاک را به فکر من انداخت وصل او
Кам бахтро саодати бол ҳумо насохт
کم بخت را سعادت بال هما نساخت
Дар малики зиндагии дил бешӯр ишқ нест
در ملک زندگی دل بیشور عشق نیست
Оре ба даҳри каси ҷарас бесадо насохт
آری به دهر کس جرس بیصدا نساخت
Зон кӯй по кашидам ва рафтам зи ёд ӯ
زان کوی پا کشیدم و رفتم ز یاد او
Доруии ногувори сабурӣ маро насохт
داروی ناگوار صبوری مرا نساخت
Ошиқ ки чашми ҳасрат ӯ вақфи он лаб аст
عاشق که چشم حسرت او وقف آن لب است
То дошт дастрас ба намак тўтё насохт
تا داشت دسترس به نمک توتیا نساخت
Доне киро зи ширдилон , мард гуфтаанд ?
دانی که را ز شیردلان، مرد گفتهاند؟
Онро ки тангдастӣ , бедаст ва по насохт
آن را که تنگدستی، بیدست و پا نساخت
Гуфтам ки дил ба даст ман омад зи тарки ишқ
گفتم که دل به دست من آمد ز ترک عشق
Дил каз ту шуд ҷудо ба ман бенаво насохт
دل کز تو شد جدا به من بینوا نساخت
Шамшери имтиёзи ҷаҳонро буриш намонад
شمشیر امتیاز جهان را برش نماند
Як ҷавҳарӣ дару хзФ аз ҳам ҷудо насохт
یک جوهری دُر و خزف از هم جدا نساخت
Дар рӯзгори тнгдлӣ ом шуд кулем
در روزگار تنگدلی عام شد کلیم
Зон сон ки шамъ дар дили фонӯс ҷо насохт
زانسان که شمع در دل فانوس جا نساخت