Шукри худоро ки як тавваҷуҳи иқбол
شکر خدا را که یک توجه اقبال
Зад ду гули фатҳи тоза бар даврон
زد دو گل فتح تازه بر دوران
Ҳамчуи хадангӣ ки бугзарад здўи нахҷӣр
همچو خدنگی که بگذرد زدو نخجیر
Гашти бики дафъаи фатҳи Балху Бадахшон
گشت بیک دفعه فتح بلخ و بدخشان
Шоҳиди ин фатҳро расад зи никуӣ
شاهد این فتح را رسد ز نکویی
Гирад агар рӯнамои вилояти турон
گیرد اگر رونما ولایت توران
Чун гуҳари фатҳи подшоҳи замона
چون گهر فتح پادشاه زمانه
Гавҳари дигар на баҳр дорад ва на кон
گوهر دیگر نه بحر دارد و نه کان
Лашкари иқболи сурх рӯй шуд аз фатҳ
لشکر اقبال سرخ روی شد از فتح
Ранги зхўни ногирифтаи чеҳраи майдон
رنگ زخون ناگرفته چهره میدان
Волии Балх аз ҳадис кардӣу мардӣ
والی بلخ از حدیث کردی و مردی
Гашти зи гирди сипоҳи фатҳи гурезон
گشت ز گرد سپاه فتح گریزان
Дар иваз аз дасти душманат чаҳ баромад
در عوض از دست دشمنت چه برآمد
Инки даҳ ангушти хеши бдндон
اینکه ده انگشت خویش بدندان
Сонии соҳибқирону шоҳи ҷаҳон ро
ثانی صاحبقران و شاه جهان را
Дода худои бахти малики гири зи шоҳон
داده خدا بخت ملک گیر ز شاهان
Иззати иқболи ту бмзҳби афлок
عزت اقبال تو بمذهب افلاک
Воҷибу лозими басони ҳурмати меҳмон
واجب و لازم بسان حرمت مهمان
Аз сари душман чу моя ёфт синонат
از سر دشمن چو مایه یافت سنانت
Ёфтам он рӯзи маънии сару сомон
یافتم آن روز معنی سر و سامان
Хасми турои сарбаландӣ аз сар зонуаст
خصم ترا سربلندی از سر زانوست
Зонуи курсии куҷоу тахти сулаймон
زانو کرسی کجا و تخت سلیمان
Бскаҳ бирав рӯзгори танги гирифта
بسکه برو روزگار تنگ گرفته
Душмани ту дар ҳисори рафтаи зи домон
دشمن تو در حصار رفته ز دامان
Бар сар хон мусӣбатаст ҳамеша
بر سر خوان مصیبتست همیشه
Чашми адуяти зи ашки шӯри намакдон
چشم عدویت ز اشک شور نمکدان
Тахти баландат чу ёфт халъати эҷод
تخت بلندت چو یافت خلعت ایجاد
Ғолиби мутлақ хитоб ёфт зиздон
غالب مطلق خطاب یافت زیزدان
Аз сафи иқболи шоҳ якка саворӣаст
از صف اقبال شاه یکه سواریست
Шуъла ки танҳо занад бқлби Нитсаатон
شعله که تنها زند بقلب نیستان
То ки наҳифи сафи сипоҳи ту дида
تا که نهیب صف سپاه تو دیده
Чашми адуяти рамида аз сафи мижгон
چشم عدویت رمیده از صف مژگان
Чун шавад аз шакли наъли асби сипоҳат
چون شود از شکل نعل اسب سپاهت
Сӯрати домии замини арсаи турон
صورت دامی زمین عرصه توران
Дона шавад қатраҳои хӯни адуят
دانه شود قطره های خون عدویت
Сайди гирифтор ӯ ҳамаи тани биҷон
صید گرفتار او همه تن بیجان
Фатҳи чунинат қисм хӯрд ки надидаст
فتح چنینت قسم خورد که ندیدست
Ҳамчуи сипоҳати зафари паноҳи бадӯрон
همچو سپاهت ظفر پناه بدوران
Фатҳ шавад боғбони гулшани размат
فتح شود باغبان گلشن رزمت
Маърака аз хӯни дамӣ ки гашти гулистон
معرکه از خون دمی که گشت گلستان
Ҷомаи сурх ар наёфт нест шукуфта
جامه سرخ ار نیافت نیست شکفته
Теғи ту дар рӯзи иди разм чу Тифлон
تیغ تو در روز عید رزم چو طفلان
Аз паии таърихи фатҳи қуббаи алислом
از پی تاریخ فتح قبة الاسلام
Барад чу ғаввоси фикри србгрибон
برد چو غواص فکر سربگریبان
Рояти волии малик паст шуд ва гуфт
رایت والی ملک پست شد و گفت
( Балхи муборак буд бсоиаҳи яздон )
(بلخ مبارک بود بسایه یزدان)