Хуши он равшандили соҳиби басират

خوش آن روشندل صاحب بصیرت

Ки бинад пушту рӯи кори ҷаҳон ро

که بیند پشت و رو کار جهان را

Чу дунёро бком хеш бинад

چو دنیا را بکام خویش بیند

Бақадр суди андешади зиён ро

بقدر سود اندیشد زیان را

Фалак баргаштанӣ дорад , чаҳ ҳосил

فلک برگشتنی دارد، چه حاصل

Басӯи худ кашӣдан ин камон ро

بسوی خود کشیدن این کمان را

Дукони мо ва ман хоҳанд барчед

دکان ما و من خواهند برچید

з тобутаст таҳтаи ин дукон ро

ز تابوتست تخته این دکان را

Равони обӣ буд дар гулшани тан

روان آبی بود در گلشن تن

Казон равнақ буд ин гулистон ро

کزان رونق بود این گلستان را

Бҳнгомӣ каз он мироби тақдир

بهنگامی کز آن میراب تقدیر

зи болои бандади ин оби равон ро

ز بالا بندد این آب روان را

Моли ҳоли осФхони бидонад

مآل حال آصفخان بداند

Кунад равшани фазои осмон ро

کند روشن فضای آسمان را

Аннан ихтиёраш рафт аз даст

عنان اختیارش رفت از دست

Ки бигирифтӣ гиребони ҷаҳон ро

که بگرفتی گریبان جهان را

Зкор афтод он дастӣ ки лоиқ

زکار افتاد آن دستی که لایق

намедид остини каҳкашон ро

نمی دید آستین کهکشان را

зи дили таърихи фӯташи хостам , хонд

ز دل تاریخ فوتش خواستم، خواند

Бмни ин байт чун оби равон ро

بمن این بیت چون آب روان را

( на осФҷоаҳ ва на он ҷоҳ монад

(نه آصفجاه و نه آن جاه ماند

Бақои бодои сулаймони замонро )

بقا بادا سلیمان زمان را)