Расӯли марги зи ногуҳ бмн расед фароз
رسول مرگ ز ناگه بمن رسید فراز
Ки кӯси кӯчи ФрўкўФтнд , кор бисоз
که کوس کوچ فروکوفتند، کار بساز
Камони пушти дўто чун бузаи даровардӣ
کمان پشت دوتا چون بزه درآوردی
зи хеши новаки длдўзи ҳирс давр андоз
ز خویش ناوک دلدوز حرص دور انداز
Чу пунбаи зор биногваш бушковед туро
چو پنبه زار بناگوش بشکفید ترا
зи гӯши пунба бурун кун , ба кори худ пардоз
ز گوش پنبه برون کن، به کار خود پرداز
Миёни пунбау оташ касе чу ҷамъ накард
میان پنبه و آتش کسی چو جمع نکرد
Чаҳ мекунӣ сар чун пунбаи зору оташи оз ?
چه می کنی سر چون پنبه زار و آتش آز؟
Чу субҳи перӣ пуф кард , шамъ умр бамурд
چو صبح پیری پف کرد، شمع عمر بمرد
Агарчӣ ҷонӣ ҳам мекунад бисӯзу гудоз
اگرچه جانی هم می کند بسوز و گداز
Бирехт оби ҳаёт ва бирафт бод бирават
بریخت آب حیات و برفت باد بروت
Намонад қӯти пойу заъифи гашти овоз
نماند قوت پای و ضعیف گشت آواز
Басӯии хоки ҳаме боядат намӯд суҷуд
بسوی خاک همی بایدت نمود سجود
Кунун ки қомат ту шуд дўто чу бонги намоз
کنون که قامت تو شد دوتا چو بانگ نماز
На ҳркҷо ки буд барф , оташ афрӯзанд ?
نه هرکجا که بود برف، آتش افروزند؟
зи барф перӣ шуд синаи ман оташи боз
ز برف پیری شد سینۀ من آتش باز
Сутуни хайма қолаб кунам ду дасти заъиф
ستون خیمۀ قالب کنم دو دست ضعیف
Чу ман зи пастии хрпштаҳро барам бФроз
چو من ز پستی خرپشته را برم بفراز
Бпои хостн аз дасти барнамеи хезад
بپای خاستن از دست برنمی خیزد
Азон бадаст кунам чун кунам қиёми оғоз
ازآن بدست کنم چون کنم قیام آغاز
Серуми бхок фурӯ мешавад зи пушти дўто
سرم بخاک فرو می شود ز پشت دوتا
Бхоки сар чу фурӯ шуд куҷо барояд боз ?
بخاک سر چو فرو شد کجا برآید باز؟
зи заъфи зонуии худ буии марг май шинавам
ز ضعف زانوی خود بوی مرگ می شنوم
зи аҷз чун србинии нуҳум ба зонуи боз
ز عجز چون سربینی نهم به زانو باز
Серуми зи оташи перӣ ба шамъ монаду зуд
سرم ز آتش پیری به شمع ماند و زود
Наад аҷали сари ин шамъ дар даҳонаи газ
نهد اجل سر این شمع در دهانۀ گاز
Табораки аллоҳ аз он майл ман биравӣ накӯ
تبارک الله از آن میل من بروی نکو
Табораки аллоҳ аз он қасди ман ба зулфи дароз
تبارک الله از آن قصد من به زلف دراز
Кунун чаҳ гесуии мишкӣни маро чаҳ мори сиёҳ
کنون چه گیسوی مشکین مرا چه مار سیاه
Кунун чаҳ шуълаи оташи маро чаҳ шамъи тароз
کنون چه شعلۀ آتش مرا چه شمع طراز
Дареғи ҷони гиромӣ ки рафт дар сари тан
دریغ جان گرامی که رفت در سر تن
Дареғи рӯзи ҷавонӣ ки рафт дар так ва тоз
دریغ روز جوانی که رفت در تک و تاز
Дареғи дида ки барҳами нҳодмӣ бояд
دریغ دیده که برهم نهادمی باید
Кунун ки чашми бакор замона кардам боз
کنون که چشم بکار زمانه کردم باز
Дареғу ғам ки пас аз шаст ваанд сол аз умр
دریغ و غم که پس از شصت و اند سال از عمر
зи ногаҳон бсФр мерӯм на барг ва на соз
ز ناگهان بسفر میروم نه برگ و نه ساز
Ба садҳазор забон гуфт дар рухами перӣ
به صدهزار زبان گفت در رخم پیری
Ки ин на ҷой қарораст хезу вопрдоз
که این نه جای قرار است خیز و واپرداز
Фрўшдти бгли шеби пой заъф бикаш
فروشدت بگل شیب پای ضعف بکش
Баромадати зи гиребони аҷзи сари мФроз
برآمدت ز گریبان عجز سر مفراز
Чу ҷилавгоҳ ҳўосл шуд ошиёнаи зоғ
چو جلوگاه حواصل شد آشیانۀ زاغ
Макун ба пари ҳавас дар ҳавои дили парвоз
مکن به پر هوس در هوای دل پرواز
Буруни зи кунҷ қаноат манеҳ ту пои талаб
برون ز کنج قناعت منه تو پای طلب
Ки мурғи хонагии эмин буд зи чнгли боз
که مرغ خانگی ایمن بود ز چنگل باز
зи орзӯӣу ҳаваси нафаси хеш сайр макун
ز آرزوی و هوس نفس خویش سیر مکن
Дарандатар буд онгаҳ ки сайри гашти гуроз
درنده تر بود آنگه که سیر گشت گراز
зи хашму шаҳват , худро дад ва сутур макун
ز خشم و شهوت، خود را دد و ستور مکن
Бҳлму илм чу зишони нмишўии мумтоз
بحلم و علم چو زیشان نمیشوی ممتاز
зи пеш худ бифирист ончии дўстри дорӣ
ز پیش خود بفرست آنچه دوستر داری
Ки гум шавад зи ту ҳарчӣ аз пас ту монад боз
که گم شود ز تو هرچه از پس تو ماند باز
Турои биҷузи тани фонӣу ҷон боқӣ нест
ترا بجز تن فانی و جان باقی نیست
з ҳарчӣ ҳосили тест аз ҷаҳони ҳазлу муҷоз
ز هرچه حاصل تست از جهان هزل و مجاز
Барои ин тани фонии ҳазор рагу наво
برای این تن فانی هزار رگ و نوا
Бсохтӣ , яке аз баҳри ҷон пок бисоз
بساختی، یکی از بهر جان پاک بساز
Чу шермардон , бо меҳнату бало ху кун
چو شیرمردان، با محنت و بلا خو کن
Ки баси занонаи мтоъисти айшу неъмату ноз
که بس زنانه متاعیست عیش و نعمت و ناز
зи дона дилат омад ба бори хӯшаи ҳирс
ز دانۀ دلت آمد به بار خوشۀ حرص
Биҷузи ниёз чаҳ орад ба бори тухми ниёз
بجز نیاز چه آرد به بار تخم نیاز
Чу оби гандаи зи махраҷ , сӯй нишеб мапуӣ
چو آب گنده ز مخرج، سوی نشیب مپوی
Чу оби зиндаи зи чашмаи басӯии болои ёз
چو آب زنده ز چشمه بسوی بالا یاز
Ту бо ҳарифи дғодсти хӯни ҳамеи бозӣ
تو با حریف دغادست خون همی بازی
Камоли фикри бакори ор ва ҳеҷ саҳви мбоз
کمال فکر بکار آر و هیچ سهو مباز
Чу устувор набошад баннои умр чаҳ суд ?
چو استوار نباشد بنای عمر چه سود؟
Чу пойдор набошад ба ҷоҳу моли мноз
چو پایدار نباشد به جاه و مال مناز
Бъшқи бозии ин гандаи пер , ҳардуи ҷаҳон
بعشق بازی این گنده پیر، هردو جهان
Ба бод додӣ ва бо ту нашуд дамии дмсоз
به باد دادی و با تو نشد دمی دمساز
Арӯси имони мондаи бараҳнаи вази сад даст
عروس ایمان مانده برهنه وز صد دست
Барои ҳизуми дӯзах баҳам кашида ҷҳоз
برای هیزم دوزخ بهم کشیده جهاز
Бомари шаръи тасарруф дар офариниш кун
بامر شرع تصرف در آفرینش کن
Ки аз ҳудӯд нишоед гузашти ҷуз ба ҷавоз
که از حدود نشاید گذشت جز به جواز
Навозишӣ бикун исломро ки гашти ғариб
نوازشی بکن اسلام را که گشت غریب
Нахоҳӣ онкии лақаби бошиддати ғариби навоз ?
نخواهی آنکه لقب باشدت غریب نواز؟
Раҳо макун ки сари дев дар миён бошад
رها مکن که سر دیو در میان باشد
Ба хилватӣ ки туро бо худоӣ бошад роз
به خلوتی که ترا با خدای باشد راز
Тиҷорати раҳи ҳақ чун кунӣ бшркти дев
تجارت ره حق چون کنی بشرکت دیو
зи суду моя зиён оварад чунин анбоз
ز سود و مایه زیان آورد چنین انباز
Раҳи саломат агар май рӯй муҷарради шӯ
ره سلامت اگر می روی مجرد شو
Ки ҷуз ъно нафазояд , турои либосу тароз
که جز عنا نفزاید، ترا لباس و طراز
Бибин ки обии хушбӯ чу ҷома пашмин кард
ببین که آبی خوشبو چو جامه پشمین کرد
Ҳаром гашт бирав корд аз раҳи эъзоз
حرام گشت برو کارد از ره اعزاز
Ба теғи матбах аз он мисла шуд ки дарушед
به تیغ مطبخ از آن مثله شد که درپوشید
Либоси ту бртў аз димоғи гандаи пиёз
لباس تو برتو از دماغ گنده پیاز
зи сад яке чу нахоҳад гирифт дар ту сухан
ز صد یکی چو نخواهد گرفت در تو سخن
Ҳамон бааст ки дар мавъизат кунам эҷоз
همان به است که در موعظت کنم ایجاز
Ба гардан ту расад ҳалқаи каманди аҷал
به گردن تو رسد حلقۀ کمند اجل
Ту хоҳ нармак биншину хоҳ тез битоз
تو خواه نرمک بنشین و خواه تیز بتاز
Дуруди боди зи мо бар равони соҳиби шаръ
درود باد ز ما بر روان صاحب شرع
Ки бар набувват ӯ меҳр шуд дар эъҷоз
که بر نبوت او مهر شد در اعجاز