Чу бахти тираи ман равшании ниҳоди оғоз

چو بخت تیرۀ من روشنی نهاد آغاز

Маро ба ҳазрати садр ҷаҳон кашид ниёз

مرا به حضرت صدر جهان کشید نیاز

Чу бар ҷиноҳи сафари пои азм муҳкам шуд

چو بر جناح سفر پای عزم محکم شد

Гирифт сӯии ҷаноби рафеъ ӯ парвоз

گرفت سوی جناب رفیع او پرواز

Раҳе чу зулф батон зер пой оварадам

رهی چو زلف بتان زیر پای آوردم

Дарозу тирау дилгиру пурнишебу фароз

دراز و تیره و دلگیر و پرنشیب و فراز

Ба сами мураккаб роҳӣ насӯ чу байзаи мурғ

به سمّ مرکب راهی نسو چو بیضۀ مرغ

зи наъл чун дами тоўси кишту синаи боз

ز نعل چون دم طاوس کشت و سینۀ باز

Тамаъ бар асб рҷотнк мекашид ҳзом

طمع بر اسب رجاتنک میکشید حزام

Амл ҳаме зад паҳлавии ҳирсро мҳмоз

امل همی زد پهلوی حرص را مهماز

Бидон умед ки чун ман расм ба ҳазрат ӯ

بدان امید که چون من رسم به حضرت او

Кунам фунуни саодати зи хизматаши эҳроз

کنم فنون سعادت ز خدمتش احراز

Чу давлати ду ҷаҳонии ниҳода рӯй бадв

چو دولت دو جهانی نهاده روی بدو

Чу васияти роҳи навардаши фитода дар так ва тоз

چو وصیت راه نوردش فتاده در تک و تاز

Фалаки дўосбаҳи ҳамеи тохт бар пем ки : бидор

فلک دواسبه همی تاخت بر پیم که: بدار

На ҳамраҳи туам оҳиста бошу тези мтоз

نه همره توام آهسته باش و تیز متاز

Аҷали Аннани вуҷӯдами гирифтаи бади сад ҷой

اجل عنان وجودم گرفته بد صد جای

Агар надоштамӣ аз санои хоҷаи ҷавоз

اگر نداشتمی از ثنای خواجه جواز

Хдоигони вазирони низоми миллату малик

خدایگان وزیران نظام ملّت و ملک

Ки ҳаст бандаи ҳукмаши ҷаҳони шӯъбадаи боз

که هست بندۀ حکمش جهان شعبده باز

Ба зери роят инсоф ӯст он хитта

به زیر رایت انصاف اوست آن خطّه

Ки моҳ ӯст қсби бофу грк ӯ хроз

که ماه اوست قصب باف و گرک او خرّاز

зи амтло чу қаноат , ҳаме занад орўғ

ز امتلا چو قناعت، همی زند آروغ

з хон ҷудуӣ аз бас ки хӯрд меъдаи оз

ز خوان جودوی از بس که خورد معدۀ آز

Агар набӯдӣ бар чархи всмти бедод

اگر نبودی بر چرخ وصمت بیداد

Ба ҳеҷ васф нагаштӣ зи даргааши мумтоз

به هیچ وصف نگشتی ز درگهش ممتاز

Ҷаҳони пноҳо ! аз фари давлатати имрӯз

جهان پناها! از فرّ دولتت امروز

Даҳон ъоФиаҳ бозасту чашми фитнаи фароз

دهان عافیه بازست و چشم فتنه فراز

Мҷоҳзони амлро ҳаме зада манзил

مجاهزان امل را همی زده منزل

Шамоили ту талаққӣ кунад ба сад эъзоз

شمایل تو تلقّی کند به صد اعزاز

зи рашки онкии фалак саҷда мебарад пешат

ز رشک آنکه فلک سجده میبرد پیشت

Шудаст қомати хасмати дўто чу бонги намоз

شدست قامت خصمت دوتا چو بانگ نماز

Чу писта бо ҳамаи кас дил намӯд ?гийаст туро

چو پسته با همه کس دل نمود گیست ترا

Аз он буд ҳамаи солати зи хандаи лабҳо боз

از آن بود همه سالت ز خنده لبها باز

зи аФтқори ҳасуд ту ҳаст бар ҳамаи кас

ز افتقار حسود تو هست بر همه کس

зи баҳри қарзи дурустии даҳони кушода чу газ

ز بهر قرض درستی دهان گشاده چو گاز

Заъифи калаки ту алҳақ чаҳ турфа ҷонварӣаст

ضعیف کلک تو الحق چه طرفه جانوریست

Ки бо забони бурӣда нигаҳ надорад роз

که با زبان بریده نگه ندارد راز

Раво буд ки бинолад ба сони беморон

روا بود که بنالد به سان بیماران

Ки ҷон ҳаме диҳад онгаҳ ки шуд сухани пардоз

که جان همی دهد آنگه که شد سخن پرداز

Китоби мстўр аз саргузашт ӯ ҷзўист

کتاب مسطور از سرگذشت او جزویست

Ки гашти сохта аз аҳди қарни аввали боз

که گشت ساخته از عهد قرن اوّل باز

Сари бурӣдааш овоз медиҳад чунаст

سر بریده اش آواز میدهد چونست

Нагуфтаанд ки : надиҳади бурӣдаи сари овоз ?

نگفته اند که: ندهد بریده سر آواز؟

Сараш ҳамеша з андеша бошад андари пеш

سرش همیشه ز اندیشه باشد اندر پیش

Чунон касе ки ҳадисии бахотири оради боз

چنان کسی که حدیثی بخاطر آرد باز

Ҳаме фишонд ашк ва ҳаме сарояд шеър

همی فشاند اشک و همی سراید شعر

Фиканда сари зи таҳайюр чу ошиқии сарбоз

فکنده سر ز تحیّر چو عاشقی سرباز

Валек онгаҳаш аз сар бурун шавад савдо

ولیک آنگهش از سر برون شود سودا

Ки дар баровард ӯро аномл ту биноз

که در برآورد او را انامل تو بناز

Вуҷӯди хасми турои ҳеҷ ҳосилӣ набӯд

وجود خصم ترا هیچ حاصلی نبود

Агар зи пӯст бурун ояд ӯ ба сони пиёз

اگر ز پوست برون آید او به سان پیاز

Агар ҳақиқати хоҳии ҳаёти душмани ту

اگر حقیقت خواهی حیات دشمن تو

Ҳақиқатаст ба сад манзалати фурӯди муҷоз

حقیقتست به صد منزلت فرود مجاز

Фалаки з субҳ бипурсед , гуфт : равшан кун

فلک ز صبح بپرسید، گفت:روشن کن

Ки дар тани қамари охири з ишқ кист гудоз

که در تن قمر آخر ز عشق کیست گداز

Ба хандаи субҳи ишорат ба сами асб ту кард

به خنده صبح اشارت به سمّ اسب تو کرد

Ки ман чаҳ донам ? май дони ту ман ним ғаммоз

که من چه دانم؟ می دان تو من نیم غماز

Прири дасти ту бо чокарату аънии баҳр

پریر دست تو با چاکرت و اعنی بحر

Итоб кард ки ҳаии хезу ҷои вопрдоз

عتاب کرد که هی خیز و جای واپرداز

Ту кистӣ ки бад-ӣни мояи дстгаҳ ки турост

تو کیستی که بدین مایه دستگه که تراست

Ба рӯзи бахшиши гӯйии ману тўоими анбоз

به روز بخشش گویی من و توایم انباز

Даҳон бишуст бҳФти обу хок ва тўбт кард

دهان بشست بهفت آب و خاک و توبت کرد

Бадасти ту ки нагӯяд чунин суханҳо боз

بدست تو که نگوید چنین سخن ها باز

Агарчӣ ҳаст дарин боби ҳақи бадасти кафат

اگرچه هست درین باب حق بدست کفت

Ба интиқом чун ӯе ту даст кӣна маёз

به انتقام چون اویی تو دست کینه میاز

Бар оби чашмаш раҳмат кун ва мабар обаш

بر آب چشمش رحمت کن و مبر آبش

Ки гуфтаанд : никуӣ кун ва ба об андоз

که گفته اند: نکویی کن و به آب انداز

Хдоигонои онам ки субҳи хотири ман

خدایگانا آنم که صبح خاطر من

Бар офтоби бихандад чу мардуми танноз

بر آفتاب بخندد چو مردم طنّاز

Фалаки зи шарми пари тири дрнҳди ҳргаҳ

فلک ز شرم پر تیر درنهد هرگه

Ки нӯки хома банда шавад мдиҳи тароз

که نوک خامۀ بنده شود مدیح طراز

зи рақси дршкнди сақфи ин навои хона

ز رقص درشکند سقف این نوا خانه

Чу ҷуфт соз кунам калаки хешро бар соз

چو جفت ساز کنم کلک خویش را بر ساز

Марои замона ба садри ту ваъда ҳо додаст

مرا زمانه به صدر تو وعده ها دادست

Кунун гуҳаст ки он ваъдаро кунӣ анҷоз

کنون گهست که آن وعده را کنی انجاز

Азизи Мисри вуҷӯдии бизоъати мзҷоаҳ

عزیز مصر وجودی بضاعت مزجاة

зи мо қабул кун вакилмон тамом бисоз

ز ما قبول کن وکیلمان تمام بساز

Чу матраҳ арча ки афкандаем ва пай сипарем

چو مطرح ارچه که افکنده ایم و پی سپریم

Ба пуштии ту чу маснад шавем синаи фароз

به پشتی تو چو مسند شویم سینه فراز

Маро ба шеъри муҷарради мадон аз онкии ҷузи ин

مرا به شعر مجرّد مدان از آنکه جز این

Арӯси табъ маро ҳаст чндгўнаҳи ҷҳоз

عروس طبع مرا هست چندگونه جهاز

з гуфта қудамои байтӣ аз раҳе бишинав

ز گفتۀ قدما بیتی از رهی بشنو

Ки ҳаст тазмин бар остини шеъри тароз

که هست تضمین بر آستین شعر طراز

Адаби мгиру фасоҳати мгиру шеъри мгир

ادب مگیر و فصاحت مگیر و شعر مگیر

На ман ғарибам ва ту соҳиби ғариби навоз

نه من غریبم و تو صاحب غریب نواز

Набӯд мадҳи ту , ин ҳасби ҳоли ходим буд

نبود مدح تو، این حسب حال خادم بود

Асоси мадҳ туро бош то нуҳуми оғоз

اساس مدح ترا باش تا نهم آغاز

Хуҷастаи боди марои хоҷаи тошии иқбол

خجسته باد مرا خواجه تاشی اقبال

Бе ман онкии расидам ба даргаи ту фароз

بی من آنکه رسیدم به درگه تو فراز

Дуои шеъри барин ихтисор хоҳам кард

دعای شعر برین اختصار خواهم کرد

Ки суннатӣаст писандида дар сухан , эҷоз

که سنتیست پسندیده در سخن، ایجاز

Дигар чаҳ хоҳам ? косбоби ту чунон дидам

دگر چه خواهم؟ کاسباب تو چنان دیدم

Ки ҳеҷ боқӣ аз он нест , ҷузи умри дароз

که هیچ باقی از آن نیست، جز عمر دراز