Ҳазор ҷони муқаддаси ғариқи неъмату ноз

هزار جان مقدّس غریق نعمت و ناز

Нисори садри қавии шавкати заъифи навоз

نثار صدر قوی شوکت ضعیف نواز

Баланди пояи бузургӣ ки дасти бахшиш ӯ

بلند پایه بزرگی که دست بخشش او

зи соҳати дил мо баркашид бехи ниёз

ز ساحت دل ما برکشید بیخ نیاز

Зиҳӣ чу оташи табъам сипар фиканда бар об

زهی چو آتش طبعم سپر فکنده بر آب

Зиришки хотири ту офтоби отшбоз

زرشک خاطر تو آفتاب آتشباز

Туе ки панҷаи нусрати ббоғи пирӯзӣ

تویی که پنجۀ نصرت بباغ پیروزی

Ҳаме кунад дар давлат биравӣ бахти ту боз

همی کند در دولت بروی بخت تو باز

зи файзи табъ буд бахшиши ту чун хуршед

ز فیض طبع بود بخشش تو چون خورشید

На ҳамчуи шамъ ки нурӣ диҳад бисӯзу гудоз

نه همچو شمع که نوری دهد بسوز و گداز

Агар на бонӣ калакат кунанд дмсозӣ

اگر نه بانی کلکت کنند دمسازی

Чаҳор тоӣ аносир наёваранд бисоз

چهار تای عناصر نیاورند بساز

Фурӯғи хотири тугар бахшат хом расад

فروغ خاطر تو گر بخشت خام رسد

Чу обгинаи дилаш дар миён наад ҳамаи роз

چو آبگینه دلش در میان نهد همه راز

Сияҳи сипедии тўқиът аз ҷаҳони бардошт

سیه سپیدی توقیعت از جهان برداشت

Сиёҳи кории фақру сипеди кории оз

سیاه کاری فقر و سپید کاری آز

Хати ту сари қафо фош мекунад ҳамаи ҷой

خط تو سر قفا فاش میکند همه جای

зи машки ноб аҷаб нестгар буд ғаммоз

ز مشک ناب عجب نیست گر بود غمّاز

Бъҳди мъдлтт кӣ ҳадис бт кардӣ ?

بعهد معدلتت کی حدیث بط کردی ؟

Агар набӯдӣ нодону чашми дӯхтаи боз

اگر نبودی نادان و چشم دوخته باز

зи субҳдами ҳама тасдиқ бошаду таҳсин

ز صبحدم همه تصدیق باشد و تحسین

Саҳаргаҳон ки кунам вирди мдҳтти оғоз

سحرگهان که کنم ورد مدحتت آغاز

Ҳилоли вори сар аз чанбари ту кӣ тобам ?

هلال وار سر از چنبر تو کی تابم؟

Шуъоъи меҳри ту дар гарданам каманд андоз

شعاع مهر تو در گردنم کمند انداز

Расед вақт ки фарёди он рисии садро

رسید وقت که فریاد آن رسی صدرا

Ки ҷони з ғусса бидод ва намедиҳад овоз

که جان ز غصه بداد و نمی دهد آواز

Чу кори сози ҳамаи каси туе ба молу баҷоа

چو کار ساز همه کس تویی به مال و بجاه

Тавозуъӣ кун ва як дами бакори ман пардоз

تواضعی کن و یک دم بکار من پرداز

Ту гири худ ки чу чангам задан ҳаме созад

تو گیر خود که چو چنگم زدن همی سازد

Чу соъатии бздӣ низ як дамам бинавоз

چو ساعتی بزدی نیز یک دمم بنواز

Чаҳ кам шавад зи ту ? як рӯзи хуши хушами вопрс

چه کم شود ز تو؟ یک روز خوش خوشم واپرس

Барои сайд чу ман мурғи дона ӣӣ дар боз

برای صید چو من مرغ دانه یی در باز

Чаҳ мояи сят буд дар фикандан чу манӣ ?

چه مایه صیت بود در فکندن چو منی؟

Шигарфи корӣ агар мекунӣ маро бинавоз

شگرف کاری اگر می کنی مرا بنواز

Манам ки тири фалак дар нуктаҳои сари тезам

منم که تیر فلک نکته های سر تیزم

Басони пайкон бар сар наад бсди эъзоз

بسان پیکان بر سر نهد بصد اعزاز

Агар набуввати аҳли сухани кнмии даъвӣ

اگر نبوّت اهل سخن کنمئ دعوی

Марои маъонии борӣки бас буд эъҷоз

مرا معانی باریک بس بود اعجاز

Магар ки фазл ва ҳунар монеъанд , агар на чаро ?

مگر که فضل و هنر مانعند، اگر نه چرا؟

Маро чу беҳунарон нест аз ту неъмату ноз

مرا چو بی هنران نیست از تو نعمت و ناز

Биринҷи ҳурмони ннҳодмии тан ар будӣ

برنج حرمان ننهادمی تن ار بودی

Дарин қзитм аз хосу оми як анбоз

درین قضّیتم از خاص و عام یک انباز

На марди ҷаври туами ман , дар астноъи афзой

نه مرد جور توام من، در اصطناع افزای

На хуии тести дуруштӣ , бостмолти ёз

نه خوی تست درشتی، باستمالت یاز

Манам зи аҳли ҳунари ёдгор дар олам

منم ز اهل هنر یادگار در عالم

Ҳақиқатаст ки мегӯям ин сухан на муҷоз

حقیقتست که می گویم این سخن نه مجاز

Замонаи худ пай кор манаст фориғ бош

زمانه خود پی کار منست فارغ باش

Ҳамин басаст ки аз ту наёфт хати ҷавоз

همین بسست که از تو نیافت خطّ جواز

Гирифтам онкӣ маро нест ҳеҷ истеҳқоқ

گرفتم آنکه مرا نیست هیچ استحقاق

Гирифтам онкии бадонаши зи каси ним мумтоз

گرفتم آنکه بدانش ز کس نیم ممتاز

зи ман басӯрат тамсили нукта ӣӣ бишинав

ز من بصورت تمثیل نکته یی بشنو

БлФзи мухтасари андари ниҳояти эҷоз

بلفظ مختصر اندر نهایت ایجاز

Агар сутурӣ бар охури ҷавонмардӣ

اگر ستوری بر آخور جوانمردی

Расад навбати перии брўзгори дароз

رسد نوبت پیری بروزگار دراز

Буруни нрондш аз пойгоҳи худ бҷФо

برون نراندش از پایگاه خود بجفا

Гараш надорад чун дигарон болту соз

گرش ندارد چون دیگران بآلت و ساز

Вгрчаҳ ноед азуи хизмати рикоби бшрт

وگرچه ناید ازو خدمت رکاب بشرط

Азуи улӯфаи маъҳуд ҳам нагирад боз

ازو علوفۀ معهود هم نگیرد باز

Азин сухани ғарази ман манол молӣ нест

ازین سخن غرض من منال مالی نیست

Ки кардаам дар ҳирсу тамаъи бхўиши фароз

که کرده ام در حرص و طمع بخویش فراز

Гиреҳи зобрўи игшоӣу чашм хашм бабанд

گره زابرو یگشای و چشم خشم ببند

Пас артўи хоҳӣ корам бисозу хоҳи мсоз

پس ارتو خواهی کارم بساز و خواه مساز

Ба ҳеҷ на зи ту қонеъ шудам ? дареғи мадор

به هیچ نه ز تو قانع شدم؟ دریغ مدار

Бъшқи дили зи пят май дувуми ту низ мтоз

بعشق دل ز پیت می دوم تو نیز متاز

Ҳуқуқи банда басӣ ҳаст , пеши чашм овар

حقوق بنده بسی هست ، پیش چشم آور

Итобу хашми з ҳад рафт , сӯй пушт андоз

عتاب و خشم ز حد رفت ، سوی پشت انداز

Чу ҳаст фурсати анъом муғтанам дорам

چو هست فرصت انعام مغتنم دارم

Ки нест мнзи иқбол бенишебу фароз

که نیست منز اقبال بی نشیب و فراز

Ҳамеша боди чунон коўрнди сӯй дарат

همیشه باد چنان کآورند سوی درت

Гирифтаи коми ҷаҳони ахтарони бдндони боз

گرفته کام جهان اختران بدندان باز