Хайрамақдам , зкҷои пурсамт эй боди шимол ?
خیرمقدم، زکجا پرسمت ای باد شمال ؟
Каш хиромедӣ , чунӣ ва чаҳ дории аҳвол ?
کش خرامیدی، چونیّ و چه داری احوال؟
Нотавони шакли ҳамеи байнам ва гирд олудат
ناتوان شکل همی بینم و گرد آلودت
Дам барофтодау суст аз асари астъҷол
دم برافتاده و سست از اثر استعجال
Аз қудуми ту биёи суди дили мо борӣ
از قدوم تو بیا سود دل ما باری
Ту бросўдӣ аз кулуфти ҳту трҳол
تو برآسودی از کلفت حطّ و ترحال
Мсръӣ чун ту сабк пой надидам ҳаргиз
مسرعی چون تو سبک پای ندیدم هرگز
Ки на осоиши тани доне ва на ранҷи клол
که نه آسایش تن دانی و نه رنج کلال
Тар мизоҷии ваз тхлит набошӣ холӣ
تر مزاجیّ وز تخلیط نباشی خالی
Сабаб инаст ки бемори шӯй ҳар сари сол
سبب اینست که بیمار شوی هر سر سال
Гарчи бар сифти кашии ҳўдҷи хотуни сухан
گرچه بر سفت کشی هودج خاتون سخن
Аз ту бе зӯртар инсоф надидам ҳмол
از تو بی زورتر انصاف ندیدم حمّال
Зулфи маъшӯқами неруӣ ту додаст оре
زلف معشوقم نیروی تو دادست آری
Буии хуши қӯт бемор диҳад дар ҳамаи ҳол
بوی خوش قوّت بیمار دهد در همه حال
Шеъри рукн аддӣн донам чу турои ҳамраҳ буд
شعر رکن الدّین دانم چو ترا همره بود
Манзалат буд ҳамаи раҳи бсроби зулол
منزلت بود همه ره بسرآب زلال
Чаҳ дуӣ гирди гулистон ? чаҳ рӯй бар гулу машк ?
چه دوی گرد گلستان؟ چه روی بر گل و مشک؟
Худ брўхоки сркўии ваии андари худ мол
خود بروخاک سرکوی وی اندر خود مال
Дар сарати азм тамошоӣ арӯсӣаст магар
در سرت عزم تماشای عروسیست مگر
Костин карда ӣӣ аз атри чунин моломол
کآستین کرده یی از عطر چنین مالامال
На арӯсӣ танҳо , балки ҷаҳонии ма рӯй
نه عروسی تنها، بلکه جهانی مه روی
Дӯхтаи нӯки қаламашони зи ҳаририи србол
دوخته نوک قلمشان ز حریری سربال
Ҷилва доданд маро аз ттқи машки сиёҳ
جلوه دادند مرا از تتق مشک سیاه
Духтаронеи бсФти ғайрати руботи ҳҷол
دخترانی بصفت غیرت ربّات حجال
Сӣ ва шаш ҳурии сари барзада аз перҳанӣ
سی و شش حوری سر برزده از پیرهنی
Ҳамаи симини тану шукри сухану мишкӣни хол
همه سیمین تن و شکر سخن و مشکین خال
Шуд гуҳари ризрўон аз чап ва аз рост чу баст
شد گهر ریزروان از چپ و از راست چو بست
Мардуми дидаи ман бо сувараши ақди висол
مردم دیدۀ من با صورش عقد وصال
Дили бнзораҳи барин манзараи дидаи давид
دل بنظّاره برین منظره دیده دوید
Ҷони худ аз пеш ҳаме рафт раҳи истиқбол
جان خود از پیش همی رفت ره استقبال
Бсронгшти адаб мъҷршон бикшодам
بسرانگشت ادب معجرشان بگشادم
Лаъибатон дидам сртои қадам аз лутфу ҷамол
لعبتان دیدم سرتا قدم از لطف و جمال
Хоҳаронеи ҳама бар як қад ва як андоза
خواهرانی همه بر یک قد و یک اندازه
Ки саодати ҳама аз диданашон гирад фол
که سعادت همه از دیدنشان گیرد فال
Нави арӯсонеи дӯшизау покиза ки буд
نو عروسانی دوشیزه و پاکیزه که بود
Зуҳраи шани гӯии гиребони вмаҳи нави халхол
زهره شان گوی گریبان ومه نو خلخال
Нури таҳқиқи дирафшони зи маъонии дақиқ
نور تحقیق درفشان ز معانیّ دقیق
Ҳамчуи хуршед ки ?има кунад аз ҷурми ҳилол
همچو خورشید که ایما کند از جرم هلال
Дасти идрок чу ё зайди бадишони фикрат
دست ادراک چو یا زید بدیشان فکرت
Худ чаҳ гӯям ки чҳо карданд аз ғнчу даллол
خود چه گویم که چها کردند از غنچ و دلال
Ҷомаи шани тргшт аз бас ки ниҳодами брчшм
جامه شان ترگشت از بس که نهادم برچشم
Худ буд офати хубони ҳама аз айни камол
خود بود آفت خوبان همه از عین کمال
Шодбош эй бсхни қдўаҳи арбоби ҳунар
شادباش ای بسخن قدوه ارباب هنر
Ки ҳаромаст биҷуз бар қаламати саҳари ҳалол
که حرامست بجز بر قلمت سحر حلال
Гар ту даъвии дории шеъри ту маънӣ дораст
گر تو دعوی داری شعر تو معنی دارست
Даъвии фазли туро маънӣ ёрасту ҳам?ил
دعوی فضل ترا معنی یارست و همال
Дар нгорстон дидӣ шкрстони мзмр
در نگارستان دیدی شکرستان مضمر
Хату маънӣ туро дидам ҳам зон минвол
خط و معنیّ ترا دیدم هم زان منوال
То зи анвори замири ту қлоўзи набард
تا ز انوار ضمیر تو قلاوز نبرد
Бишхўн маъонӣ наравад хайли хаёл
بیشخون معانی نرود خیل خیال
Мардуми чашми манӣ , зонка турои нодида
مردم چشم منی، زانکه ترا نادیده
Ҳамаи олами бтў май байнам эй хуби хисол
همه عالم بتو می بینم ای خوب خصال
Гар касе шеъри ту бар сӯрат беҷон хонд
گر کسی شعر تو بر صورت بی جان خواند
Ҷонвар гардад аз хосият ӯ тимсол
جانور گردد از خاصیت او تمثال
То фурӯрафт бгнҷи суханати пои назар
تا فرورفت بگنج سخنت پای نظر
Мардуми чашми ғании гашти зи баси ақди лол
مردم چشم غنی گشت ز بس عقد لال
Манзили рӯҳ аз онаст саводи хати ту
منزل روح از آنست سواد خط تو
Ки саводи хати ту аз шаб қадараст мисол
که سواد خط تو از شب قدرست مثال
Қаламат мекунад эҳёии шаби қадар аз он
قلمت می کند احیای شب قدر از آن
Ҳама комяш бидодаст худои мутаъол
همه کامیش بدادست خدای متعال
Гоҳ бар як қадами устода буд чун аўтод
گاه بر یک قدم استاده بود چون اوتاد
Гоҳ дар саҷда ҳаме гиряд ҳамчун абдол
گاه در سجده همی گرید همچون ابدال
Лоҷарами гашти равони оби инои байъи ҳукм
لاجرم گشت روان آب ینا بیع حکم
Аз забони гуҳари афшони ваии ангоми мақол
از زبان گهر افشان وی انگام مقال
Мадҳ агар дар хури маънии ту мебояд гуфт
مدح اگر در خور معنیّ تو می باید گفت
Пас равои доргар аз аҷз шавад нотиқаи лол
پس روا دار گر از عجز شود ناطقه لال
Чун маъонии ту аз ҳад камол афзӯнаст
چون معانیّ تو از حد کمال افزونست
Ман таҷовузи зи ҳад хеш кунам инат маҳол
من تجاوز ز حد خویش کنم اینت محال
Шеъри мангар басӯии ҳазрати ту дайр расед
شعر من گر بسوی حضرت تو دیر رسید
Андарин узри маро нек фарохаст маҷол
اندرین عذر مرا نیک فراخست مجال
Каз баландии мақоми ту чу парвоз гирифт
کز بلندیّ مقام تو چو پرواز گرفت
Дар ҳаво сӯхта шуд мурғи суханро пару бол
در هوا سوخته شد مرغ سخن را پر و بال
Ҳар ки ӯ ҷусти маро , мақсад ӯ мадҳи ту буд
هر که او جست مرا، مقصد او مدح تو بود
Каз паии касб съодот кунанд асткмол
کز پی کسب سعادات کنند استکمال
Узри тақсири бттўили сухан чун хоҳам ?
عذر تقصیر بتطویل سخن چون خواهم؟
Кони марои ранг малолат диҳаду буии малол
کآن مرا رنگ ملالت دهد و بوی ملال
Омадам бо суханӣ чанд каз он пар шуда ам
آمدم با سخنی چند کز آن پر شده ام
То кунам синаи тиҳӣ бо ту азин ҳасби улҳол
تا کنم سینه تهی با تو ازین حسب الحال
намедиҳад дасти фалаки неъмати асҳоби ямин
می دهد دست فلک نعمت اصحاب یمین
Бгрўҳӣ ки ндонанд яминро зи шимол
بگروهی که ندانند یمین را ز شمال
Ва онкӣ ӯро зи харии тубра бояд бар сар
و آنکه او را ز خری توبره باید بر سر
Фалакаши лаъл бдомн диҳаду зари бҷўол
فلکش لعل بدامن دهد و زر بجوال
Бкаҳи нолами зи касоне ки зи Фроти тамаъ
بکه نالم ز کسانی که ز فراط طمع
Бгдоён нагузоранд гадоӣу савол ?
بگدایان نگذارند گداییّ و سؤال؟
Нон худ мехӯрам ва мдҳтшон ме гӯям
نان خود می خورم و مدحتشان می گویم
Пас ҳам эшонро аз ман тамаъ уфтад бмнол
پس هم ایشان را از من طمع افتد بمنال
Бо чунин равнақи бозори сухани вои бронк
با چنین رونق بازار سخن وای برآنک
Бар сзи байтии як рӯз навиштаст ки қол
بر سز بیتی یک روز نوشتست که قال
эй бародар чу фитодем бадӯрӣ ки дарав
ای برادر چو فتادیم بدوری که درو
Нест мамдуҳӣ каз мо бихарад мадҳ бимол
نیست ممدوحی کز ما بخرد مدح بمال
Худ биё то пас аз ин мадҳат худ ме гӯйем
خود بیا تا پس از این مدحت خود می گوییم
Чун зи мамдуҳ таваққуъ набӯд ҷӯад ва навол
چون ز ممدوح توقّع نبود جود و نوال
Ҳаҷвро низ агар вақте таъсирӣ буд
هجو را نیز اگر وقتی تأثیری بود
Ин замонаш асарӣ нест биҷузу зӯру вабол
این زمانش اثری نیست بجز و زور و وبال
Конкаҳ беарз буд гирдиҳамаши сддшном
کآنکه بی عرض بود گردهمش صددشنام
Онаш хуштар ки ситонами ман аз ва як мисқол
آنش خوشتر که ستانم من از و یک مثقال