Чу хайл занг биор астанд сафи ҷидол

چو خیل زنگ بیار استند صفّ جدال

Сипоҳи рӯм ҳазимат гирифт ҳам дар ҳол

سپاه روم هزیمت گرفت هم در حال

Фалаки кулоҳи зар андӯд барграфт аз сар

فلک کلاه زر اندود برگرفت از سر

Ҷаҳони бсФти дроФкнди анбарин србол

جهان بسفت درافکند عنبرین سربال

Нигоҳ кардам ва дидам арӯси гардун ро

نگاه کردم و دیدم عروس گردون را

Шудаи чмону хиромони бъзми истиқбол

شده چمان و خرامان بعزم استقبال

Фурӯ гузошта бар оризи мунаввари рӯз

فرو گذاشته بر عارض منوّر روز

Зўобаҳи шаби тор аз барои зебу ҷамол

ذوابۀ شب تار از برای زیب و جمال

Фурӯғ дода бглгўнаҳи шафақи рухсор

فروغ داده بگلگونۀ شفق رخسار

Хизоб карда кафи дастро арӯси мисол

خضاب کرده کف دست را عروس مثال

БФрқи сар бар тоҷии ниҳода аз иклил

بفرق سر بر تاجی نهاده از اکلیل

Бсоқи пои ваии андари змоаҳи нави халхол

بساق پای وی اندر زماه نو خلخال

Ва шоҳи ақд сурайё фиканда дар гардун

و شاح عقد ثریّا فکنده در گردون

Натоқ бастаи миёнро зи ақдҳои лол

نطاق بسته میان را ز عقدهای لآل

Ҳамеи давиди зи пеши офтоби машъалаи дор

همی دوید ز پیش آفتاب مشعله دار

Ҳаме чамед зи пас авди сӯзи боди шимол

همی چمید ز پس عود سوز باد شمال

Смок ромҳ мерафт давр бош бкФ

سماک رامح میرفت دور باش بکف

Шаҳоб соқиб мезад миёни роҳи дўол

شهاب ثاقب میزد میان راه دوال

Бнғмаҳи Зуҳра аз парда сипоҳон кард

بنغمه زهره از پردۀ سپاهان کرد

Ривояти ғазалии матлаъаши барин минвол

روایت غزلی مطلعش برین منوال

Зиҳии мубораки толеъи хҳии ҳумоюни фол

زهی مبارک طالع خهی همایون فال

Ки рӯзнома саъдасту маншаи иқбол

که روزنامۀ سعدست و منشاء اقبال

Шабӣ ки манзил шодӣ дараваст миломил

شبی که منزل شادی دروست میلامیل

Шабӣ ки ҷоми саодат дар ӯст моломол

شبی که جام سعادت در اوست مالامال

Шабӣ ки ҳаст мулоқоти ақлу рӯҳ дар ӯ

شبی که هست ملاقات عقل و روح در او

Шабӣ ки Зуҳрау хуршедро дараваст висол

شبی که زهره و خورشید را دروست وصال

Бихӯр ҷонро бар миҷмар сарвар бисӯз

بخور جانرا بر مجمر سرور بسوز

Басони шукру авди омадаи савобу маҳол

بسان شکّر و عود آمده صواب و محال

Чу ҳоли чархам аз инсон мшоҳдт афтод

چو حال چرخم از ینسان مشاهدت افتاد

Бензад ақл шудам баҳри кашфи ин аҳвол

بنزد عقل شدم بهر کشف این احوال

Чу боз ронадам ин моҷарои бензади хирад

چو باز راندم این ماجرا بنزد خرد

Ҷавоб дод маро гуфт : нест ҷои савол

جواب داد مرا گفت : نیست جای سؤال

Муъоинаи сети шаби қадари ақлӣу шаръӣ

معاینه ست شب قدر عقلی و شرعی

Бихоҳ ҳоҷату зини пас зи даври чархи манол

بخواه حاجت و زین پس ز دور چرخ منال

Бузурги идии сояи Фкнддри рамазон

بزرگ عیدی سایه فکنددر رمضان

Ки пайравӣ кунадаш иди ғарраи шавол

که پیروی کندش عید غرۀ شوّال

Шабаст зангии обистани сарвару фараҳ

شب است زنگی آبستن سرور و فرح

Нишаста баҳри вилодати барин шикастаи суфол

نشسته بهر ولادت برین شکسته سفال

Шаби зифофи эмоми замонаи хоҷаи мост

شب زفاف امام زمانه خواجۀ ماست

Ки баҳри хдст ухам гирифт пушти ҳилол

که بهر خدست اوخم گرفت پشت هلال

Зуҳали зглшни нилӯфарӣ фурӯд ояд

زحل زگلشن نیلوفری فرود آید

МҳФаҳи дорӣ ӯро гараш диҳанд мисол

محفّه داری او را گرش دهند مثال

Барои иззати худ хости офтоби басӣ

برای عزّت خود خواست آفتاب بسی

Ки аз хизоб кусуфаш диҳанд пайки хол

که از خضاب کسوفش دهند پیک خال

Бидон умед ки машшотагии кндмаҳи чарх

بدان امید که مشّاطگی کندمه چرخ

Багӯнаи гул гулгуна дод чандини сол

بگونۀ گل گلگونه داد چندین سال

зи иҷтимои сулаймони шаръ бо билқис

ز اجتماع سلیمان شرع با بلقیس

Равоқи срҳ ммрд шудаст сафи нъол

رواق صرح ممّرد شدست صفّ نعال

Замона ёбад азин иттисоли хуби маҳал

زمانه یابد ازین اتّصال خوب محل

Ситора гирад азин ақтрони маймуни фол

ستاره گیرد ازین اقتران میمون فال

Чу шуд мусаввирами ин ҳоли баҳри таҳнияташ

چو شد مصوّرم این حال بهر تهنیتش

Набад гзирми азин чндбиту сафи улҳол

نبد گزیرم ازین چندبیت و صف الحال

Кашидам аз сари андешаи пой дар доман

کشیدم از سر اندیشه پای در دامن

Бимонада оҷизу ҳайрони бадасти хобу малол

بمانده عاجز و حیران بدست خواب و ملال

БФри хоҷа аз имлои табъи ҳам брФўр

بفرّ خواجه از املای طبع هم برفور

Бдиҳаҳ назмӣ пардохтам чу оби зулол

بدیهه نظمی پرداختم چو آب زلال

Зиҳии сахои ту бар оз танг карда маҷол

زهی سخای تو بر آز تنگ کرده مجال

Зиҳии атои ту бар мо фарох карда манол

زهی عطای تو بر ما فراخ کرده منال

Паноҳи сарварӣу пушти шаръ , рукни аддӣн

پناه سروری و پشت شرع ، رکن الدّین

Ки ҳаст калаку бнонмти баёни саҳари ҳалол

که هست کلک و بنانمت بیان سحر حلال

Туе ки ном ту нақшаст бар нигини хирад

تویی که نام تو نقشست بر نگین خرد

Туе ки рои ту қутбасту сипеҳри ҷалол

تویی که رای تو قطب است و سپهر جلال

Мъолии ту бурун аз тасарруфи авҳом

معالی تو برون از تصرّف اوهام

Макорими ту фузун аз таваққуъи омол

مکارم تو فزون از توقّع آمال

Насими лутфи тугар бар ҷаҳони дамади нафасӣ

نسیم لطف تو گر بر جهان دمد نفسی

Шаванд қобили ҷонҳо ҳёкли тимсол

شوند قابل جانها هیاکل تمثال

Сумуми қаҳри ту ҳошо агар забона занад

سموم قهر تو حاشا اگر زبانه زند

Шаванд нутфаи дигарбора дар раҳми атфол

شوند نطفه دگرباره در رحم اطفال

ЗФизи табъ ту кардаст баҳри истимдод

زفیض طبع تو کردست بحر استمداد

Ва гарна ҷӯад тўош карда буд истисол

و گرنه جود تواش کرده بود استیصال

Дабири чархи зи бадв вуҷӯд бинвиштаст

دبیر چرخ ز بدو وجود بنوشتست

Ҳасуди ҷоҳи турои ҳрз : молаи ман вол

حسود جاه ترا حرز: ماله من وال

Фалаки пиёда шитобад бихобгоҳ адам

فلک پیاده شتابد بخوابگاه عدم

Агар диҳанд зи девони ҳайбати ту мисол

اگر دهند ز دیوان هیبت تو مثال

Шавад ситораи бпҳлўи сӯй дарат ғалатон

شود ستاره بپهلو سوی درت غلطان

Гараш кунанд зи даргоҳати амрати астъҷол

گرش کنند ز درگاهت امرت استعجال

Чу шохи садраи зҷиб сипеҳр сарбизанад

چو شاخ صدره زجیب سپهر سربزند

Агар баноми ту андар замин ниҳанд ниҳол

اگر بنام تو اندر زمین نهند نهال

Кашад чу об гиребон наУмия дар хок

کشد چو آب گریبان نامیه در خاک

Агар ту гӯйии шохи дарахтро ки мбол

اگر تو گویی شاخ درخت را که مبال

Ба абр кардам ташбеҳи даст дар борат

به ابر کردم تشبیه دست در بارت

Хирад нафир баровард ва гуфт : ба бсгол

خرد نفیر برآورد و گفت: به بسگال

Куҷои баробари дарёӣ дирафшон бошад ?

کجا برابر دریای درفشان باشد ؟

Касе ки хираи ҳамеи безади об дар ғарбол

کسی که خیره همی بیزد آب در غربال

Зиҳии замонаи збأс ту гашта мстшър

زهی زمانه زبأس تو گشته مستشعر

Хҳии сипеҳри зҷоаҳ ту карда асткмол

خهی سپهر زجاه تو کرده استکمال

Фароғатаст туро аз вуҷӯди ҳафт ва чаҳор

فراغتست ترا از وجود هفت و چهار

Ки ҳаст зоти ту худ олимии бостқлол

که هست ذات تو خود عالمی باستقلال

Нишонди адли ту ноҳиди шуҳраро бар гов

نشاند عدل تو ناهید شهره را بر گاو

Фиканд саҳми ту бар кӯҳи иллати зилзол

فکند سهم تو بر کوه علّت زلزال

Ятем монад ҷгргўшаҳи садафи зсхот

یتیم ماند جگرگوشۀ صدف زسخات

Залили гашти зи алфози ту сулола на?ил

ذلیل گشت ز الفاظ تو سلالۀ نال

Ҳам аз мосри адли ту байнами ин ки ҳаме

هم از مآثر عدل تو بینم این که همی

Барояд аз дили шери сипеҳри қарни ғизол

برآید از دل شیر سپهر قرن غزال

Бдонки хасми ту рӯзӣ нишаст бар минбар

بدانک خصم تو روزی نشست بر منبر

Гумони барад ки ъдили ту гашт , инат маҳол

گمان برد که عدیل تو گشت، اینت محال

Хирад гувоҳ манаст андарин ки чун исо

خرد گواه منست اندرین که چون عیسی

Нашуд бавоситаи хар бар осмони даҷол

نشد بواسطۀ خر بر آسمان دجّال

Ҳавои олами мадҳи ту чун кунам ? конҷо

هوای عالم مدح تو چون کنم ؟ کآنجا

Ҳаме бисӯзад симурғи фикрро пурвабол

همی بسوزد سیمرغ فکر را پروبال

Ҳамеша то ки сувидо буд маҳали ҳаёт

همیشه تا که سویدا بود محلّ حیات

Ҳамеша то ки димоғаст мустақари хаёл

همیشه تا که دماغست مستقّر خیال

Мабод моҳи ҷалоли турои уфӯлу муҳоқ

مباد ماه جلال ترا افول و محاق

Мабод меҳри бақои турои кусуфу завол

مباد مهر بقای ترا کسوف و زوال

Хуҷастаи бодати ин иттисол то ҷовид

خجسته بادت این اتّصال تا جاوید

Бкоми хеши ммтъи бад-ӣни сутӯдаи ҳам?ил

بکام خویش ممتّع بدین ستوده همال

Зборгоаҳи ту масруфи боди дасти фано

زبارگاه تو مصروف باد دست فنا

зи рӯзгори ту мкФўФи боди айни камол

ز روزگار تو مکفوف باد عین کمال