Нури ду дидагони зи лақои ту доштам
نور دو دیدگان ز لقای تو داشتم
Як синаи пари змҳру ҳавои ту доштам
یک سینه پر زمهر و هوای تو داشتم
Ман ҷону зиндагии худЭии ҷону зиндагӣ
من جان و زندگی خودای جان و زندگی
Гар дӯсти доштами з барои ту доштам
گر دوست داشتم ز برای تو داشتم
Ҳар ранҷ ва ҳар бало ки зи айёми доштам
هر رنج و هر بلا که ز ایّام داشتم
Аз баҳри дафъи ранҷу балои ту доштам
از بهر دفع رنج و بلای تو داشتم
Ҳқо ки гарчи халқи ҷаҳон айб ме кунанд
حقّا که گرچه خلق جهان عیب می کنند
Миҳроб рӯй худ кафи пои ту доштам
محراب روی خود کف پای تو داشتم
То рӯз ҳар шабии бадви пои истодаи ман
تا روز هر شبی بدو پا ایستاده من
Ду дасти брхдози дуои ту доштам
دو دست برخداز دعای تو داشتم
Гарчи зи рӯзгори вФокси надида буд
گرچه ز روزگار وفاکس ندیده بود
Аз рӯзгори чашми вафои ту доштам
از روزگار چشم وفای تو داشتم
Бар банд шуд дилам ки калиди муродҳо
بر بند شد دلم که کلید مرادها
Рухсори хуби табъи гушои ту доштам
رخسار خوب طبع گشای تو داشتم
Ҷои ту бе ту гардиши гардун бмн намӯд
جای تو بی تو گردش گردون بمن نمود
Алҳақ на ин умеди биҷои ту доштам
الحق نه این امید بجای تو داشتم
Бо ин дили шикаста ва ин ҷони ношикеб
با این دل شکسته و این جان ناشکیب
Кӣ тоқати фироқи лақои ту доштам ?
کی طاقت فراق لقای تو داشتم؟
Маъзӯри дор , дасти шариъат раҳо накард
معذور دار، دست شریعت رها نکرد
Гар мотами ту ман на сазои ту доштам
گر ماتم تو من نه سزای تو داشتم
Дардоу ҳсрто ки ҳамаи боди пок буд
دردا و حسرتا که همه باد پاک بود
Умедҳо ки ман ба лақои ту доштам
امّیدها که من به لقای تو داشتم
Бингар чаҳ сахти ҷонам ва чун сангдил ки ман
بنگر چه سخت جانم و چون سنگدل که من
Дами мизнм ҳанузу азои ту доштам
دم میزنم هنوز و عزای تو داشتم