Зиҳии бнўри ҷамоли ту чашми ҷони равшан
زهی بنور جمال تو چشم جان روشن
Змоаҳи чеҳраи ту узри ошиқони равшан
زماه چهرۀ تو عذر عاشقان روشن
Хаёл рӯй ту андари замир ман бигузашт
خیال روی تو اندر ضمیر من بگذشت
Маро чу оина шуд мағзи устихони равшан
مرا چو آینه شد مغز استخوان روشن
Зсўзи синаи мангар на огаҳӣ то ман
زسوز سینۀ من گر نه آگهی تا من
Чу шамъ бо ту кунам аз сари забони равшан
چو شمع با تو کنم از سر زبان روشن
Ду чашми ман ду гувоҳанд ҳардуи шоҳрдҳол
دو چشم من دو گواهند هردو شاهردحال
Кунанд рози дили ман якон якон равшан
کنند راز دل من یکان یکان روشن
Збс ки меҳри дили ту партав занад синаи ман
زبس که مهر دل تو پرتو زند سینۀ من
Маро чу субҳ шавад ҳар нафаси даҳони равшан
مرا چو صبح شود هر نفس دهان روشن
зи сӯзи ишқи туам дар замона рӯй шинос
ز سوز عشق توام در زمانه روی شناس
Буд зшълаҳи оташи чроғдони равшан
بود زشعلۀ آتش چراغدان روشن
Сиришки ман з чаҳ шуд тираи ранги бодами сард
سرشک من ز چه شد تیره رنگ بادم سرد
Гар об бошад дар мавсими хазони равшан
گر آب باشد در موسم خزان روشن
Бтори зулфи ту нисбат кунад шаби торӣ
بتار زلف تو نسبت کند شب تاری
Ки ҳаст нисбати шабҳо брнги он равшан
که هست نسبت شبها برنگ آن روشن
Чарост тира ? чу ҳар ҳалқа ӣӣ ззлФи туро
چراست تیره ؟ چو هر حلقه یی ززلف ترا
Дилӣ чу шамъи ҳамеи сӯзад аз миёни равшан
دلی چو شمع همی سوزد از میان روشن
ЗзлФ арча сияҳи гашти хону мони дилам
ززلف ارچه سیه گشت خان و مان دلم
Ҳамеша зулфи турои боди хон вамон равшан
همیشه زلف ترا باد خان ومان روشن
Чаҳ сӯратӣ ? ки дар ойӣнаи рахти сафо
چه صورتی ؟ که در آیینۀ رخت صفا
Бичишам сар битавон дид нақши ҷони равшан
بچشم سر بتوان دید نقش جان روشن
Надидаи сояи ту офтоб дар парда
ندیده سایۀ تو آفتاب در پرده
Агарчӣ медиҳад аз чеҳраи ?ути нишони равшан
اگرچه میدهد از چهره ات نشان روشن
Сиришкам аз лаби лаъли ту хӯн равшан шуд
سرشکم از لب لعل تو خون روشن شد
Аҷаби мадор ки хӯн шуд знордони равшан
عجب مدار که خون شد زناردان روشن
Шавад зиёди ту умедро даҳони ширин
شود زیاد تو امید را دهان شیرین
Кунад хаёли ту андешаро равони равшан
کند خیال تو اندیشه را روان روشن
Ҳавои синаи торики танги дилгирам
هوای سینۀ تاریک تنگ دلگیرم
Зъкс рӯй ту шуд ҳамчуи гулистони равшан
زعکس روی تو شد همچو گلستان روشن
Агар надидӣ дар шаъни рӯйиши ояти ҳасан
اگر ندیدی در شأن رویش آیت حسن
Биёи зи сафҳаи рӯйиш хаттӣ бихон равшан
بیا ز صفحۀ رویش خطی بخوان روشن
Зоби ашк чаро тираи гашти дидаи ман ?
زآب اشک چرا تیره گشت دیدۀ من ؟
На дида ҳо шавад аз чашмаи равони равшан ?
نه دیده ها شود از چشمۀ روان روشن؟
Бсъии хоҷаи магари хӯн хеш хоҳам боз
بسعی خواجه مگر خون خویش خواهم باز
Кунун ки гашт барон чашми нотавони равшан
کنون که گشت بران چشم ناتوان روشن
Паноҳи мамлакати шаръи рукни дайни масъӯд
پناه مملکت شرع رکن دین مسعود
Ки теғи давлат ӯ ҳаст бе Фсони равшан
که تیغ دولت او هست بی فسان روشن
Шикваи талъат ӯ дар миёни маснади шаръ
شکوه طلعت او در میان مسند شرع
Чунонкии нўриқин дар дили гумони равшан
چنانکه نوریقین در دل گمان روشن
Збси ҷавоҳири маънӣ , ҳаме фурӯғ занад
زبس جواهر معنی ، همی فروغ زند
Забони хома ӯ чун сари синони равшан
زبان خامۀ او چون سر سنان روشن
Бмили калаку луоб дуят донад кард
بمیل کلک و لعاب دویت داند کرد
Мъмёти масоили бомтҳони равшан
معمیّات مسائل بامتحان روشن
Чу тарҷумон дуз бонаст хомааш , зонаст
چو ترجمان دوز بانست خامه اش، زانست
Ки роз ғайб кунад ҳамчуи тарҷумони равшан
که راز غیب کند همچو ترجمان روشن
Зиҳии згриаҳи калакати лаби амли хандон
زهی زگریۀ کلکت لب امل خندان
Зиҳии зи тобиши меҳрати дили ҷаҳони равшан
زهی ز تابش مهرت دل جهان روشن
Хаёлат ар шаби торик дар замири орад
خیالت ار شب تاریک در ضمیر آرد
Шавад зи партави рои ту дар замони равшан
شود ز پرتو رای تو در زمان روشن
Фалаки бхдмти ту пушти хеш чун хам дод
فلک بخدمت تو پشت خویش چون خم داد
зи қурси меҳру мааши гашти ваҷҳи нони равшан
ز قرص مهر و مهش گشت وجه نان روشن
зи хоки пои тугар серумаи дркшди наргис
ز خاک پای تو گر سرمه درکشد نرگس
Чу ахтарон шавадаш чашми ҷовдони равшан
چو اختران شودش چشم جاودان روشن
Агар зи ҷӯади ту мансӯб шуд бномрдӣ
اگر ز جود تو منسوب شد بنامردی
зи хӯни лаъл чўзн ҳаст узри кони равшан
ز خون لعل چوزن هست عذر کان روشن
Шигифтам ояд бо адли ту зи шохи дарахт
شگفتم آید با عدل تو ز شاخ درخت
Таҳи гардан дар хӯни арғавони равшан
ته گردن در خون ارغوان روشن
Кафи ту чун яд Байзо намӯд дар бахшиш
کف تو چون ید بیضا نمود در بخشش
Вуҷӯҳ ризқ шуд аз нури ани бенон равшан
وجوه رزق شد از نور ان بنان روشن
Лўомъ накант дар ниқоби хати сиёҳ
لوامع نکنت در نقاب خط ّسیاه
Чу офтоби бобири андаруни ниҳон , равшан
چو آفتاب بابر اندرون نهان، روشن
зи субҳу тираи шабам ханда ояд он соъат
ز صبح و تیره شبم خنده آید آن ساعت
Ки муъзалот кунӣ аз раҳи баёни равшан
که معضلات کنی از ره بیان روشن
Магар савод маҳакаст маснади сияҳат
مگر سواد محکّست مسند سیهت
Ки нақдҳои даъовӣ шавад аз он равшан
که نقدهای دعاوی شود از آن روشن
Ҳаёти душман аз ағзои ҳалами тест , балӣ :
حیات دشمن از اغضای حلم تست، بلی:
Чароғ дузд кунад хоби посбони равшан
چراغ دزد کند خواب پاسبان روشن
з бас шуд омад ахтари бадари гуҳати онк
ز بس شد آمد اختر بدر گهت آنک
Фитодаи ҷода ӣӣ аз роҳи каҳкашони равшан
فتاده جاده یی از راه کهکشان روشن
Бшкли калаки ту парвин ҳаме кунад мисвок
بشکل کلک تو پروین همی کند مسواک
Азин сабаб шуд дандон ӯ чунон равшан
ازین سبب شد دندان او چنان روشن
Чароғи донишро дар шаб ҷаҳолат кард
چراغ دانش را در شب جهالت کرد
Забони чарби ту аз лафзи дирафшони равшан
زبان چرب تو از لفظ درفشان روشن
Зҳоби чашмаи хуршед тира гардад агар
زهاب چشمۀ خورشید تیره گردد اگر
Бензад ту набӯд оби исмони равшан
بنزد تو نبود آب اسمان روشن
Зрои тести мақомоти малики вдини машҳур
زرای تست مقامات ملک ودین مشهور
зи офтоб , замон омаду макони равшан
ز آفتاب، زمان آمد و مکان روشن
Бадасти чарх , шабу рӯз аз мау хуршед
بدست چرخ، شب و روز از مه و خورشید
Ду нсхтст аз он рои ғайби дони равшан
دو نسختست از آن رای غیب دان روشن
Зиҳии расидаи баҷое ки равшанони фалак
زهی رسیده بجایی که روشنان فلک
Кунанда дидаи бад-ӣни гирди остони равшан
کننده دیده بدین گرد آستان روشن
зи пеш онкӣ надидем суръати азмат
ز پیش آنکه ندیدیم سرعت عزمت
Набӯд моро тафсир кун факони равшан
نبود ما را تفسیر کن فکان روشن
Шаби ҳаводиси айёми неки мзлм буд
شب حوادث ایّام نیک مظلم بود
зи моҳи рояти ту гашти ногаҳони равшан
ز ماه رایت تو گشت ناگهان روشن
Ғубори хайли ту чун бар сипеҳр кӯҳлӣ шуд
غبار خیل تو چون بر سپهر کحلی شد
Ситорагон ҳама гуфтанд : чашммони равшан
ستارگان همه گفتند : چشممان روشن
Мухолифи ту агар кӯр нест , ме бинад
مخالف تو اگر کور نیست، می بیند
Якояки ояти ин бахти Комрони равшан
یکایک آیت این بخت کامران روشن
зи хасмӣ ту надонам расад бсўд ар на
ز خصمی تو ندانم رسد بسود ار نه
Бнқди борӣ май бинмши зиёни равшан
بنقد باری می بینمش زیان روشن
Чигуна мнкрдини ҷалолат ту шуданд ?
چگونه منکردین جلالت تو شدند؟
Бидида мӯъҷизи иқболи ту аёни равшан
بدیده معجز اقبال تو عیان روشن
Ҳилоли наъли саманди ту шукри эзад ро
هلال نعل سمند تو شکر ایزد را
Ки кард бор дигар хоки Исфаҳони равшан
که کرد بار دگر خاک اصفهان روشن
Ту офтобӣу асбати сипеҳру тавқи ҳилол
تو آفتابی و اسبت سپهر و طوق هلال
Стоми ахтари тобони заҳри карони равшан
ستام اختر تابان زهر کران روشن
Сипари зи теғ ту бификанад меҳру онки моҳ
سپر ز تیغ تو بفکند مهر و آنک ماه
зи тири азм ту андохта камони равшан
ز تیر عزم تو انداخته کمان روشن
Кавокиб аз сипарати ончунон ҳамеи тобад
کواکب از سپرت آنچنان همی تابد
Каз офтоби гирифтаи ситорагони равшан
کز آفتاب گرفته ستارگان روشن
Чу занге ки зндхндаҳ дар шаби торик
چو زنگیی که زندخنده در شب تاریک
Чу оташӣ ки занад шуъла аз духони равшан
چو آتشی که زند شعله از دخان روشن
Ба ртбти ту дар ин рӯзгор кас нарасед
به رتبت تو در این روزگار کس نرسید
Кунам ба байнати ин турфаи достони равшан
کنم به بیّنت این طرفه داستان روشن
Аён ба чашми худ абноءи аҳдро дидам
عیّان به چشم خود ابناء عهد را دیدم
Ҳам аз кутуб шавад аҳволи бостони равшан
هم از کتب شود احوال باستان روشن
Карами пноҳо ! гуфтам қасидае ки аз он
کرم پناها! گفتم قصیده ای که از آن
Кунанд аҳли сухани табъи шодмони равшан
کنند اهل سخن طبع شادمان روشن
Басони шамъи шаби афрӯзи нуктаҳоаш валек
بسان شمع شب افروز نکته هاش ولیک
Бирав чу чашм бибаста брисмони равшан
برو چو چشم ببسته بریسمان روشن
Чу ман бахуди зи тафаккури фурӯи рӯм чун шамъ
چو من بخود ز تفکّر فرو روم چون شمع
Шаб сияҳ кунам аз лафзи шамъи сони равшан
شب سیه کنم از لفظ شمع سان روشن
Фурӯ барам чу қалами сари ббҳри торикӣ
فرو برم چو قلم سر ببحر تاریکی
Ки то барорам дарии нзрстони равшан
که تا برآرم درّی نظرستان روشن
Боби тира фурӯ мешавам зи шарм чу калак
بآب تیره فرو می شوم ز شرم چو کلک
Агар чаҳ ҳаст ?бирти аҷз мадҳ хон равшан
اگر چه هست برت عجز مدح خوان روشن
Турои бшър чаҳ гӯям ? ки сарварӣ ту ҳаст
ترا بشعر چه گویم؟ که سرورّی تو هست
зи қӣр ваон ҷаҳон то бқир ваон равшан
ز قیر وان جهان تا بقیر وان روشن
Нафас наме занам аз ҳоли хеш то нашавад
نفس نمی زنم از حال خویش تا نشود
Камии оби рухами пеши ҳамгинони равшан
کمیّ آب رخم پیش همگنان روشن
Мъотбми зи фалак , чун бхдмт ту расад
معاتبم ز فلک، چون بخدمت تو رسد
БлтФи мӯҷиби ин ҳоли бози дони равшан
بلطف موجب این حال باز دان روشن
Чу оби рӯе равшан надорам он беҳтар
چو آب رویی روشن ندارم آن بهتر
Ки беш аз ин надаҳум шарҳи сӯзёни равшан
که بیش از این ندهم شرح سوزیان روشن
Ҳамеша тоз дами боди ҳамчуи чашму чароғ
همیشه تاز دم باد همچو چشم و چراغ
Буруни дамади гул ва наргис бабўсатон равшан
برون دمد گل و نرگس ببوستان روشن
Мудом то чу чароғи андари обгина буд
مدام تا چو چراغ اندر آبگینه بود
Дили пиёлаи бнўр май ҷавони равшан
دل پیاله بنور می جوان روشن
зи офтоби лақои ту бод то ҷовид
ز آفتاب لقای تو باد تا جاوید
Ҳавои арсаи ин давлати ошёни равшан
هوای عرصۀ این دولت آشیان روشن
Ту мӯътазид бимикон қавоми миллату дайн
تو معتضد بمکان قوام ملّت و دین
Варои бхдмти ту ҷони меҳрбони равшан
ورا بخدمت تو جان مهربان روشن
з рӯй хурраматони пушти аҳли фазли қавӣ
ز روی خرّمتان پشت اهل فضل قوی
зи рои равшанатони чашми хонадони равшан
ز رای روشنتان چشم خاندان روشن