Бзргўоро ! садро ! ту аз тани осонӣ
بزرگوارا! صدرا! تو از تن آسانی
Хабари надорӣ аз ранҷ бе ниҳояти ман
خبر نداری از رنج بی نهایت من
Нагӯйӣ охир беонкӣ ӯ гуноҳӣ кард
نگویی آخر بی آنکه او گناهی کرد
Чаро дареғ буд аз фалони анояти ман
چرا دریغ بود از فلان عنایت من
Дамӣ набошад каз сўб бе аноятят
دمی نباشد کز صوب بی عنایتیت
Бурид азл наёяд сӯии вилояти ман
برید عزل نیاید سوی ولایت من
Қафои меҳнат бисёр мехӯрам бе он
قفای محنت بسیار میخورم بی آن
Ки равшанаст бнздики каси ҷинояти ман
که روشنست بنزدیک کس جنایت من
Халлоқат чу манӣ ҷустан аз бузургӣ нест
خلاقت چو منی جستن از بزرگی نیست
Ки худ падед буд ибтидоу ғояти ман
که خود پدید بود ابتدا و غایت من
Гирифтам онкии зи ман сад гуноҳ ҳодис шуд
گرفتم آنکه ز من صد گناه حادث شد
На воҷибаст бар анъоми ту риояти ман ?
نه واجبست بر انعام تو رعایت من؟
Марои таваққуъи он бад ки аҳли зулат ро
مرا توقّع آن بد که اهل زلّت را
Барот амн расад аз ту дар ҳимояти ман
برات امن رسد از تو در حمایت من
Куҷо тасаввур кардам ки бехатоу злл
کجا تصوّر کردم که بی خطا و زلل
Бком хеш расад душман аз съоити ман
بکام خویش رسد دشمن از سعایت من
Равои мадор ки ногуҳи зи сӯраи алохлос
روا مدار که ناگه ز سورة الاخلاص
Чунин бики раҳ мансӯх гардад ояти ман
چنین بیک ره منسوخ گردد آیت من
Марои бФзл худо ҳаст он қадари ҳунарӣ
مرا بفضل خدا هست آن قدر هنری
Ки сӯии айш мҳно кунад ҳидояти ман
که سوی عیش مهّنا کند هدایت من
Манам кигар суханамро сипеҳр дарёбад
منم که گر سخنم را سپهر دریابد
Барои фахр Уторид кунад ривояти ман
برای فخر عطارد کند روایت من
Агар бхдмти гардуни серум фурӯд ояд
اگر بخدمت گردون سرم فرود آید
Ҳамаи зи қурси ма ва хур диҳад ҷроити ман
همه ز قرص مه و خور دهد جرایت من
Кашанди ҳалқаи пероҳанаши сипоҳи қабул
کشند حلقه پیراهنش سپاه قبول
Ҳар он куҷо ки ҳунар бар кашид рояти ман
هر آن کجا که هنر بر کشید رایت من
Мадаи бадасти харони молшм ки ҳайф буд
مده بدست خران مالشم که حیف بود
Ки риш говӣ гуяд : зиҳии кифояти ман
که ریش گاوی گوید: زهی کفایت من
Туро чаҳ гуяд ва дар ҳақи ман чаҳ фарз кунад ?
ترا چه گوید و در حقّ من چه فرض کند؟
Касе ки башнавад аз дигарон ҳикояти ман
کسی که بشنود از دیگران حکایت من
Нишаста ман бспоҳони сафири ашъорам
نشسته من بسپاهان سفیر اشعارم
Бчори гӯшаи олами баради шикояти ман
بچار گوشۀ عالم برد شکایت من