эй насими лутфати анбари соӣ

ای نسیم لطفت عنبر سای

Ваии зулоли карамати ҷони афзой

وی زلال کرمت جان افزای

Ҳамчуи дасти ту бгўҳри пошӣ

همچو دست تو بگوهر پاشی

Сари калакат шуда ангушт намой

سر کلکت شده انگشت نمای

Илтифоти ?назарети мояи бахт

التفات نظرت مایۀ بخت

Сояи ъотФтти фар ҳамЭй

سایۀ عاطفتت فرّ همای

То ҳаме кӯҳ шикофанд бтиғ

تا همی کوه شکافند بتیغ

Лашкари санги дили оҳани хоӣ

لشکر سنگ دل آهن خای

Ҷони мо сӯхтаи ҳиҷр ту шуд

جان ما سوختۀ هجر تو شد

Коҳну санг буд оташи зой

کآهن و سنگ بود آتش زای

Гӯиё аз паии ин ҳолат гуфт

گوئیا از پی این حالت گفت

Пеш аз ин хотири он назми орой

پیش از این خاطر آن نظم آرای

Аҷабо ! бндо ! кони бандади даст

عجبا! بندا! کآن بندد دست

Ки туро дид ва нашуд банди гушой

که ترا دید و نشد بند گشای

Теғи азми ту аз он мустағнӣаст

تیغ عزم تو از آن مستغنیست

Ки шавад сангӣ аз ӯ занг задой

که شود سنگی از او زنگ زدای

Бод агар коҳ рубойаст бтбъ

باد اگر کاه ربایست بطبع

Боди қҳристи турои кӯҳи рубой

باد قهریست ترا کوه ربای

Ҳеҷ доне чаҳ сабаб буд ? ки кӯҳ

هیچ دانی چه سبب بود؟ که کوه

Нашуд аз ҳайбати ту андари вой

نشد از هیبت تو اندر وای

Чун каллаи гӯшаи қадар ту бидид

چون کله گوشۀ قدر تو بدید

Бкмр дар зад домани зи қабоӣ

بکمر در زد دامن ز قبای

Поймардӣ талабед аз ҳлмт

پایمردی طلبید از حلمت

Тоаш қаҳрат накунад дасти гароӣ

تاش قهرت نکند دست گرای

Санги ҳлмти зи паии ҷинсият

سنگ حلمت ز پی جنسیت

Хост то кӯҳ бимонад бар ҷой

خواست تا کوه بماند بر جای

Назд қаҳри ту шафиъ омад ва гуфт

نزد قهر تو شفیع آمد و گفت

Бирка аз баҳри дили ман бахшой

برکه از بهر دل من بخشای

Пораи санг чаҳ санги оради худ

پارۀ سنگ چه سنگ آرد خود

Назд он ҳайбати гардуни Фрсоӣ

نزد آن هیبت گردون فرسای

Дўсаҳи рӯзии зи сар он бархез

دوسه روزی ز سر آن برخیز

Макунаш сангӣ ва худ май осоӣ

مکنش سنگی و خود می آسای

Ин сухангар змнт бовар нест

این سخن گر زمنت باور نیست

Тунди боди схттро фармой

تند باد سخطت را فرمای

Гӯ : бирав теғи зи дасташи бустон

گو: برو تیغ ز دستش بستان

Гӯ : бирав ҷавшанаш аз бар бигушоӣ

گو: برو جوشنش از بر بگشای

То чунон дар камараши ёзди даст

تا چنان در کمرش یازد دست

Ки бики лаҳзаи даройад аз пой

که بیک لحظه درآید از پای

Пои қаҳри ту куҷо дорад кӯҳ ?

پای قهر تو کجا دارد کوه؟

Врчаҳ бошад сар ӯ гардуни соӣ

ورچه باشد سر او گردون سای

Тундӣу тезӣу ноҳамворӣ

تندی و تیزی و ناهمواری

Бунаад аз сар , чу туро бошад рой

بنهد از سر، چو ترا باشد رای

Гарчи чирааст бпосх додан

گرچه چیره است بپاسخ دادن

Гунг гардад агараш гӯйӣ ҳои

گنگ گردد اگرش گویی های

Хӯни лаълаши бтробди зи урӯқ

خون لعلش بترابد ز عروق

Гар бирав теғи зании мҳросоӣ

گر برو تیغ زنی مهرآسای

Бонг биравӣ зан ва бингар ки дилаш

بانگ بروی زن و بنگر که دلش

Гардад аз ҳайбати ту нопарвоӣ

گردد از هیبت تو ناپروای

Гарчи тараф бар камар ӯ лаъласт

گرچه طرف بر کمر او لعلست

Ҳолиё роҳ нишинасту гадоӣ

حالیا راه نشینست و گدای

Бар ҷигар об надорад онк

بر جگر آب ندارد آنک

То бзонўши бхоки андари пой

تا بزانوش بخاک اندر پای

Бе сабаби теғи кашии сангини дил

بی سبب تیغ کشی سنگین دل

Бе забони лофи зании ёФаҳ дароӣ

بی زبان لاف زنی یافه درای

Гардани афроз чу уштур ,у зи бод

گردن افراز چو اشتر، و ز باد

Бонги даргирад ҳар дам чу дароӣ

بانگ درگیرد هر دم چو درای

Хайма то чанд занад бар сари кӯҳ

خیمه تا چند زند بر سر کوه

Лолаи нӯъмон аз баҳри худоӣ

لالۀ نعمان از بهر خدای

Пеши қаҳри ту садо бовай гуфт

پیش قهر تو صدا باوی گفت

Ки гарони хези ту боло бинмоӣ

که گران خیز تو بالا بنمای

Пой ҳиммат бикаш аз донати кӯҳ

پای همّت بکش از دانت کوه

Дасти андешаи бёдши молоӣ

دست اندیشه بیادش مالای

Табъи мавзуни тарозуи сифатат

طبع موزون ترازو صفتت

Заҳмати санг чаҳ бар тобад , вой

زحمت سنگ چه بر تابد، وای

Рӯзмон бе рухи ту шбгўнст

روزمان بی رخ تو شبگونست

ОФтобо ! зи пас кӯҳ бар Эй

آفتابا! ز پس کوه بر ای

Ҷони моеу бкаҳи пайвастӣ

جان مایی و بکه پیوستی

Ҳамчунин то бқёмт май пой

همچنین تا بقیامت می پای