Бар ҳар замин ки мардуми чашмам гузор кард

بر هر زمین که مردم چشمم گذار کرد

Онрои зи орзӯии рахти лола зор кард

آنرا ز آرزوی رخت لاله زار کرد

Аз ашки ман бизоъат ё қӯту лаъли барад

از اشک من بضاعت یا قوت و لعل برد

Ҳар субҳи дам ки қофилаи шом бор кард

هر صبح دم که قافلۀ شام بار کرد

Чашмам чу зинда дид маро дар фироқи ту

چشمم چو زنده دید مرا در فراق تو

Зудами бадасти ашки сазо даркинори кард

زودم بدست اشک سزا درکنار کرد

Аҳволи ман ки буд чу қади ту мустақӣм

احوال من که بود چو قدّ تو مستقیم

Ҳиҷр омад ва чу зулфи тўоши тор ва мор кард

هجر آمد و چو زلف تواش تار و مار کرد

Длро чу зулфати орзӯ ар чаҳ дароз буд

دلرا چو زلفت آرزو ار چه دراز بود

Бар кам зи ҳеҷ чун даҳанат ихтисор кард

بر کم ز هیچ چون دهنت اختصار کرد

Бар каф буднигору ниёеи ту худ бкФ

بر کف بود نگار و نیایی تو خود بکف

Пас хираи ном ту натавонам нигор кард

پس خیره نام تو نتوانم نگار کرد

Бо қомати ту дасти зи сар ва сеӣ бишуст

با قامت تو دست ز سر و سهی بشست

Зон абри об дар кафи даст чанор кард

زان ابر آب در کف دست چنار کرد

Шох аз шукуфаи дасти бдндони ҳамеи барад

شاخ از شکوفه دست بدندان همی برد

Зонҳо ки ҳасан рӯй ту бо нав баҳор кард

زانها که حسن روی تو با نو بهار کرد

Дар сар кашид чодари субҳи офтоб аз онк

در سر کشید چادر صبح آفتاب از آنک

Дар чашми ахтараши рухи ту шармсор кард

در چشم اخترش رخ تو شرمسار کرد

Сарви сеӣ биҷои гёи сар бар оварад

سرو سهی بجای گیا سر بر آورد

Бар ҳар замин ки сояи қадат гузор кард

بر هر زمین که سایه قدّت گذار کرد

Гарчи даҳони танги ту чун сифр ҳеҷ нест

گرچه دهان تنگ تو چون صفر هیچ نیست

Бории шумори ҳасани турои сад ҳазор кард

باری شمار حسن ترا صد هزار کرد

Оромишу қарори ҳамаи халқ дар шабаст

آرامش و قرار همه خلق در شبست

Дар зулфи тираи ту дилам зон қарор кард

در زلف تیرۀ تو دلم زان قرار کرد

Чандин чаро нишоне бар чеҳраи зулфро ?

چندین چرا نشانی بر چهره زلف را؟

Шабро бар офтоб ки ҳаргиз савор кард ?

شب را بر آفتاب که هرگز سوار کرد؟

Оре бар аФтоби шаби имрӯз даст ёфт

آری بر افتاب شب امروز دست یافت

Кӯ аз саводи маснади хоҷа шиор кард

کو از سواد مسند خواجه شعار کرد

Дарёии макри мати ъздолдини ҳасан ки чарх

دریای مکر مت عضدالدّین حسن که چرخ

Доим бигард нуқтаи амраш мадор кард

دایم بگرد نقطۀ امرش مدار کرد

Чашми ситора дар ҳаваси гирди мавкибаш

چشم ستاره در هوس گرد موکبش

Онки сипеди гашти зи бас контзор кард

آنک سپید گشت ز بس کانتظار کرد

То гашти ҷодуии зи сари калак ӯ падед

تا گشت جادویی ز سر کلک او پدید

эй бас ки чашми моҳи рхонро хумор кард

ای بس که چشم ماه رخانرا خمار کرد

Аз теғи тези давлат ӯ обу сабзаи сохт

از تیغ تیز دولت او آب و سبزه ساخت

Вази барги беди ҳайбат ӯ зўолФор кард

وز برگ بید هیبت او ذوالفار کرد

Дар пеши хомли ду забонаш бигӯаш ҷӯад

در پیش خامل دو زبانش بگوش جود

Аўмиди халқи чашми таваққуъ чаҳор кард

اومید خلق چشم توقّع چهار کرد

Аз таънаҳо забон синон кунад мешавад

از طعنه ها زبان سنان کند میشود

Чун шарҳ май диҳем ки калакат чаҳ кор кард

چون شرح می دهیم که کلکت چه کار کرد

эй сарварӣ ки табъи ту монанди хати хеш

ای سروری که طبع تو مانند خطّ خویش

Кори ҷаҳонёни бқлм чун нигор кард

کار جهانیان بقلم چون نگار کرد

Рухсораи пари з гавҳар ашкаст теғ ро

رخساره پر ز گوهر اشکست تیغ را

Бас каз наҳифи адли ту паҳлу назор кард

بس کز نهیب عدل تو پهلو نزار کرد

Бахтӣ ки ки сари сӯии ҳомӯн ҳаме кашид

بختی ّکه که سر سوی هامون همی کشید

Фармони ту бинӣ ӯ дар маҳор кард

فرمان تو بینی او در مهار کرد

Раведи биҷои наргис аз ӯ чашми ҳўръин

روید بجای نرگس از او چشم حورعین

Аз ҳар замин ки сами самандат ғубор кард

از هر زمین که سمّ سمندت غبار کرد

Онро ки рӯзгор на дар тоъат ту ёфт

آنرا که روزگار نه در طاعت تو یافت

Чун карами пелаи ҷомаи бетон бар ҳисор кард

چون کرم پیله جامه بتن بر حصار کرد

намекард зари дурӯе дар аҳди адли ту

می کرد زر دورویی در عهد عدل تو

ӯро тарозу аз паии он сангсор кард

او را ترازو از پی آن سنگسار کرد

Дидаст онкӣ бар хати ту сар ҳаме ниҳанд

دیدست آنکه بر خط تو سر همی نهند

Дар сари хиради нишеман аз он ихтиёр кард

در سر خرد نشیمن از آن اختیار کرد

Зари хоки рези доист ки меҳраш азиз кард

زر خاک ریز دایست که مهرش عزیز کرد

Бозаши сахои дасти ту чун хок хор кард

بازش سخای دست تو چون خاک خوار کرد

Ҷуз дар саноӣ абр накушед онкӣ ӯ

جز در ثنای ابر نکوشید آنکه او

Ҳўди турои зи қатраи борон шумор кард

حود ترا ز قطرۀ باران شمار کرد

Бахшеи ту низ қатраи борон чу абр лек

بخشی تو نیز قطره باران چو ابر لیک

Зон бас ки баҳр низ бирав дсткор кард

زان بس که بحر نیز برو دستکار کرد

эй бас ки шӯр ва талх чашидаст коми баҳр

ای بس که شور و تلخ چشیدست کام بحر

То чанд қатраро гуҳар шоҳвор кард

تا چند قطره را گهر شاهوار کرد

Ҷӯади газофи кори ту ногуҳ чу хоки роҳ

جود گزاف کار تو ناگه چو خاک راه

Онрои нисори доман ҳар хоксор кард

آنرا نثار دامن هر خاکسار کرد

Шуд пои банди хотири ман мадҳи дасти ту

شد پای بند خاطر من مدح دست تو

Зеро ки мушкиласт гузар бар баҳор кард

زیرا که مشکلست گذر بر بحار کرد

Бо ту фалаки димоғи трФъ чу дар гирифт

با تو فلک دماغ ترفّع چو در گرفت

Миннати хдоиро ки турои барад бор кард

منّت خدایرا که ترا برد بار کرد

Ореи фалак бпоиаҳ баландаст шак макун

آری فلک بپایه بلندست شک مکن

Лекин ки дид кӯи Карамии хоҷа вор кард

لیکن که دید کو کرمی خواجه وار کرد

Бо сад ҳазор ханҷар чун оби охта

با صد هزار خنجر چون آب آخته

Дар шимури хеши беди куҷои кор зор кард

در شمر خویش بید کجا کار زار کرد

Гулзори маънӣ аз сари калакат шукуфта шуд

گلزار معنی از سر کلکت شکفته شد

Оре муносибаст гул аз нӯк хор кард

آری مناسب است گل از نوک خار کرد

Бар хитта ӣӣ ки ҳайбати ту сояи афканд

بر خطّه یی که هیبت تو سایه افکند

Хуршед рух наёрад дар он диёр кард

خورشید رخ نیارد در آن دیار کرد

Кӯҳи дурушти табъ ки дар пеши корвон

کوه درشت طبع که در پیش کاروان

Оҳхти теғу банди камар устувор кард

آهخت تیغ و بند کمر استوار کرد

Чун санги ҳайбати ту бдндон дар омадаш

چون سنگ هیبت تو بدندان در آمدش

Биниҳод тундӣ аз сарви рой виқор кард

بنهاد تندی از سرو رای وقار کرد

Дар мавҷи хези табъи ту андеша ғӯта хӯрд

در موج خیز طبع تو اندیشه غوطه خورد

Пас шеърам аз тарашшӯҳи он обдор кард

پس شعرم از ترشّح آن آبدار کرد

Садрои фурӯди пояи қадари рафеъи тест

صدرا فرود پایۀ قدر رفیع تست

Ҳар мансабӣ ки халқи бадв эътибор кард

هر منصبی که خلق بدو اعتبار کرد

Чу гашт мӯътазид бимикон ту дасти шаръ

چو گشت معتضد بمکان تو دست شرع

Бар шҳпри малики зи шараф ифтихор кард

بر شهپر ملک ز شرف افتخار کرد

Ҳукми қадар бгоҳ қазои зери дасти тест

حکم قدر بگاه قضا زیر دست تست

Зин рӯй шаръи рои туро пешкор кард

زین روی شرع رای ترا پیشکار کرد

Дар моҳи рӯзагар шаб қадараст мхтФӣ

در ماه روزه گر شب قدرست مختفی

Вонрои қадари хулосаи лайл ва наҳор кард

وانرا قدر خلاصه لیل و نهار کرد

Инак бнқди худ шаб қадре зи маснадат

اینک بنقد خود شب قدری ز مسندت

Дасти қазои бурузи сипед ошкор кард

دست قضا بروز سپید آشکار کرد

Дар ҳазратат чу кард нисори зару гуҳар

در حضرتت چو کرد نثار زر و گهر

Ҳар кас ки ӯ нигоҳи дарин корў бор кард

هر کس که او نگاه درین کارو بار کرد

Ҷузи ҷони хушку шеъри турш дастрас набӯд

جز جان خشک و شعر ترش دسترس نبود

Ин банда низ хушк ватар худ нисор кард

این بنده نیز خشک و تر خود نثار کرد

Садро ! чу рӯзгори зи ҷамеъи убайди тест

صدرا! چو روزگار ز جمیع عبید تست

Дар ҳазратати тавон гила аз рӯзгор кард

در حضرتت توان گله از روزگار کرد

Аз ман мадори марҳами алтофи худ дареғ

از من مدار مرهم الطاف خود دریغ

Каз ҳади буруни замонаи маро длФгор кард

کز حد برون زمانه مرا دلفگار کرد

Мапаснд каши бъҳди ту бар ман зафар буд

مپسند کش بعهد تو بر من ظفر بود

Гардун ки қасди накбати ман андар бор кард

گردون که قصد نکبت من اندر بار کرد

Дандон ноӣбот бирав кунад ме шавад

دندان نائبات برو کند می شود

Ҳар кӯи бдомни карамат аътсор кард

هر کو بدامن کرمت اعتصار کرد

Чун банда дар ҷавор ту омад бирав фалак

چون بنده در جوار تو آمد برو فلک

Гар ҷавр кард , дон ки халал дар ҷавор кард

گر جور کرد، دان که خلل در جوار کرد

Дарди сар дуоат наёрам ки худ сипеҳр

درد سر دعات نیارم که خود سپهر

Амолҳои ту ҳамаи беҳтари з пор кард

امالهای تو همه بهتر ز پار کرد