Аси сарафроз ки ҳар ҷой ки соҳиб назарӣаст
ای سرافراز که هر جای که صاحب نظریست
Хоки поятро аз дидау дил чокар шуд
خاک پایت را از دیده و دل چاکر شد
Офтобаст ки олӣ назар омад , бингар
آفتابست که عالی نظر آمد، بنگر
Ки чаҳ аз ҳирси замини бӯси ту мстшҳр шуд
که چه از حرص زمین بوس تو مستشهر شد
Ҳарки чун наргис соҳиб назараст аз сари завқ
هرکه چون نرگس صاحب نظرست از سر ذوق
Чун гул аз орзӯӣ дидан ту сад пар шуд
چون گل از آرزوی دیدن تو صد پر شد
Сухан аз мадҳати ту зевари ҷону тани гашт
سخن از مدحت تو زیور جان و تن گشت
Назар аз дониши ту мадраки хайр ва шар шуд
نظر از دانش تو مدرک خیر و شر شد
Ҳаркии манзур ту шуд ҳамчуи ситораи зи шараф
هرکه منظور تو شد همچو ستاره ز شرف
Ҷойгоҳаши брозини торам на манзар шуд
جایگاهش بَر از این طارم نه منظر شد
Кард бо нури замирати сӯии хуршеди назар
کرد با نور ضمیرت سوی خورشید نظر
Дар замони мардуми чашм аз хуии хиҷлат тар шуд
در زمان مردم چشم از خوی خجلت تر شد
Дар ҳрони сӯхта ӣӣ котши меҳр ту гирифт
در هر آن سوختهای کآتش مهر تو گرفت
Ҳамчуи шамъ аз назари давлати ту сарвар шуд
همچو شمع از نظر دولت تو سرور شد
Назари кавкаби масъӯди бҳркс ки расед
نظر کوکب مسعود بهه هرکس که رسید
Чашми бади давр , чаҳ гӯям ки чаҳ нек ахтар шуд
چشم بد دور ، چه گویم که چه نیک اختر شد
Як раҳи андари назари лутф ту омад наргис
یک ره اندر نظر لطف تو آمد نرگس
Он назар бар сар ӯ то бобад афсар шуд
آن نظر بر سر او تا به ابد افسر شد
Камтарини зарраи зи рои ту ҳамин хуршедаст
کمترین ذرّه ز رای تو همین خورشیدست
Ки зимни назараши хоки зар ва гавҳар шуд
که ز یُمن نظرش خاک، زر و گوهر شد
Назарӣ дар ҳақ ман кардӣ ва ман чун наргис
نظری در حق من کردی و من چون نرگس
Гуфтам аз ин назарами кори ҳама чун зар шуд
گفتم از این نظرم کار همه چون زر شد
Басти пеши назарами пардаи ҳурмони тақдир
بست پیش نظرم پردۀ حرمان تقدیر
То боқиболи ман он тези назар абтар шуд
تا به اقبال من آن تیز نظر ابتر شد
Доштами чашми басии зару дирам аз ?назарет
داشتم چشم بسی زرّ و درم از نظرت
Лек бефоидатар аз назар ъбҳр шуд
لیک بی فایده تر از نظر عبهر شد
Гашти идрори сари шиками зираи дидаи равон
گشت ادرار سرشکم ز ره دیده روان
Кони назар аз чаҳ яке нимаи боб андар шуд
کآن نظر از چه یکی نیمه به آب اندر شد
Буд ваҷҳи назарами оинаи Искандар
بود وجه نظرم آینۀ اسکندر
Кед аъдоди барон борӯй Искандар шуд
کید اعداد برآن باروی اسکندر شد
Гашт чун ваҷҳи маишати назари ман торик
گشت چون وجه معیشت نظر من تاریک
Баси казин сӯхтаи дили дӯди бчшмми буришад
بس کزین سوخته دل دود به چشمم برشد
Мушкили ҳоли ман эй тези назар ҳал кун аз онк
مشکل حال من ای تیز نظر حل کن از آنک
Дар маҳали назари он мъзлаҳи сар дафтар шуд
در محلّ نظر آن مُعضَله سردفتر شد
Тарафӣ аз ҷӯад ту барбастам ва аз блъҷлӣ
طرفی از جود تو بربستم و از بلعجلی
То ки ман чашм задам ҳоли назар дигар шуд
تا که من چشم زدم حال نظر دیگر شد
Чашми бандии нигар эй хоҷа ки дар лаъиби назар
چشم بندی نگر ای خواجه که در لعب نظر
Муҳра ӣӣ каз ту кушод аз дгарон шшдр шуд
مهرهای کز تو گشاد از دگران ششدر شد
Ҳеҷ маърӯф нафармоед тнқиси назар
هیچ معروف نفرماید تنقیص نظر
Ҳам зқосри назарони кори чунин мункир шуд
هم ز قاصر نظران کار چنین منکر شد
Ҳосдонмро аз чашм бурун ме ояд
حاسدانم را از چشم برون می آید
Ин назар каз карамати баҳраи ман кеҳтар шуд
این نظر کز کرمت بهرۀ من کهتر شد
Лоҷарам чун зчнони чашм бурун меояд
لاجرم چون ز چنان چشم برون میآید
Чаҳ аҷабгар халалӣ бо назарам ҳамбар шуд
چه عجب گر خللی با نظرم همبر شد
Пеши азинми назарии неки равон буд чу об
پیش ازینم نظری نیک روان بود چو آب
Чашми бад бар назар ман зад ва корӣгар шуд
چشم بد بر نظر من زد و کاریگر شد
Медӯд ҳам зқФои назарами чашми ҳасуд
میدود هم ز قفای نظرم چشم حسود
Кор ӯ аз ?назарет гарчи бгрдўн бар шуд
کار او از نظرت گرچه به گردون بر شد
Назари ҳеҷ ҷаҳони дидаи чунин ибрат нест
نظر هیچ جهان دیده چنین عبرت نیست
Ки дарави ибрати арбоби назар мзмр шуд
که در او عبرت ارباب نظر مضمر شد
Пас аҷаб нест агар шуд назари ман борӣк
پس عجب نیست اگر شد نظر من باریک
Гашти борӣки назари ҳаркии сухан парвар шуд
گشت باریکنظر هرکه سخنپرور شد
Назари лутфи ту чун нест сӯии ман бкмол
نظر لطف تو چون نیست سوی من به کمال
Лоҷарами он назараши нима ӣӣ андар сар шуд
لاجرم آن نظرش نیمهای اندر سر شد
Назари кӯтаҳи ман худ ду ваҷаб буд ва аз он
نظر کوته من خود دو وجب بود و از آن
Як ваҷаби пеш ҳамоно баъдад камтар шуд
یک وجب پیش همانا به عدد کمتر شد
Чашми ман бркрмт аз назари аҳвол буд
چشم من بر کرمت از نظر احول بود
Бахти кӯрии марои худ назарам аъўр шуд
بخت کوری مرا خود نظرم اعور شد
Зини ҳадисам на назар бар ду се динор зараст
زین حدیثم نه نظر بر دو سه دینار زرست
Лек тодонии кини банда чаҳ мстҳқр шуд
لیک تا دانی کین بنده چه مستحقر شد
Беш азин чун назар аз чашм фурӯ магузораш
بیش ازین چون نظر از چشم فرو مگذارش
Ки з бас омад ва шуд ҳамчуи назар музтар шуд
که ز بس آمد و شد همچو نظر مضطر شد
Шеъри бечора чаро аз ?назарети соқити гашт
شعر بیچاره چرا از نظرت ساقط گشت
Гири кини банда гунаҳ кард ва бидон кофар шуд
گیر کین بنده گنه کرد و بدان کافر شد
Зини назари нома агар кор нагардад бмрод
زین نظرنامه اگر کار نگردد به مراد
Пас чунон дон ки ҳамаи ранҷи раҳе бе бар шуд
پس چنان دان که همه رنج رهی بیبَر شد