Зиҳии сутӯдаи хисолӣ ки аз судӯри киром

زهی ستوده خصالی که از صدور کرام

Ҷуз аз ту дар ҳамаи офоқ ёдгор намонад

جز از تو در همه آفاق یادگار نماند

Кадоми зар ки зи ҷаври ту сангсор нашуд ?

کدام زر که ز جور تو سنگسار نشد؟

Кадоми дил ки зи лутфи ту шармсор намонад ?

کدام دل که ز لطف تو شرمسار نماند؟

Нигоҳ мекунам андари сарои зарби вуҷӯд

نگاه می کنم اندر سرای ضرب وجود

Биҷуз ки нақди вафои ту бар айёр намонад

بجز که نقد وفای تو بر عیار نماند

Буруни зи ҳзми ту кӯи брсботи мҷбўлст

برون ز حزم تو کو برثبات مجبولست

Касе бъҳди дарин аҳд устувор намонад

کسی بعهد درین عهد استوار نماند

Ҷаҳони бадӯри ту зонгўнаҳ эмин ободаст

جهان بدور تو زانگونه ایمن آبادست

Ки дузду хӯнии ҷузи зулфу чашм ёр намонад

که دزد و خونی جز زلف و چشم یار نماند

Чунон бъдли бинбоштии басити Ироқ

چنان بعدل بینباشتی بسیط عراق

Ки ҷои фитнаи ҷуз аз ғамза нигор намонад

که جای فتنه جز از غمزۀ نگار نماند

Бадасти бӯси ту дарё аз он наме ояд

بدست بوس تو دریا از آن نمی آید

Ки бо сахоӣ тўош макунат нисор намонад

که با سخای تواش مکنت نثار نماند

Брўзгори ту саргаштаи ҷузи қалам кас нест

بروزگار تو سرگشته جز قلم کس نیست

зи неъмати ту туҳидасти ҷуз чанор намонад

ز نعمت تو تهیدست جز چنار نماند

зи бас ки аҳли ситамро зи саҳм ту хатараст

ز بس که اهل ستم را ز سهم تو خطرست

Басӣ намонад ки гӯйанд рӯзгор намонад

بسی نماند که گویند روزگار نماند

зи ҷоми кини ту ҳаргиз ки хӯрд як ҷуръа ?

ز جام کین تو هرگز که خورد یک جرعه؟

Ки то бсбҳи қиёмат дар он хумор намонад

که تا بصبح قیامت در آن خمار نماند

Чунон зи ҳзми ту мзбўт шудаи масолики малик

چنان ز حزم تو مضبوط شده مسالک ملک

Ки ёвагии халалро дарави гзорнмонд

که یاوگی ّخلل را درو گذارنماند

Чунон зи мавҷи атои ту ғӯта хӯрд ҷаҳон

چنان ز موج عطای تو غوطه خورد جهان

Ки аз миёнаи ҷузи ин банда бар канор намонад

که از میانه جز این بنده بر کنار نماند

Агарчӣ ғояти тақсири ман дарин хизмат

اگرچه غایت تقصیر من درین خدمت

Бидон кашид ки худ ҷой аътзор намонад

بدان کشید که خود جای اعتذار نماند

Ҳам аз хамӯшӣ ман ҷӯади ту тасаввур кард

هم از خموشی من جود تو تصوّر کرد

Ки боатои ту моро магар шумор намонад

که باعطای تو ما را مگر شمار نماند

Санои аҳли ҳунарро ҳам эътиборӣ нест

ثنای اهل هنر را هم اعتباری نیست

Агарчӣ аҳли ҳунарро ҳам эътибор намонад

اگرچه اهل هنر را هم اعتبار نماند

Ту баси латифӣ , густох бо ту ёрам гуфт

تو بس لطیفی، گستاخ با تو یارم گفت

Ки аз ту мунсифтар ҳеҷ номдор намонад

که از تو منصف تر هیچ نامدار نماند

Бунаи захираи номи накӯ чу имконаст

بنه ذخیرۀ نام نکو چو امکانست

Ки ҷовдона касе дар миён кор намонад

که جاودانه کسی در میان کار نماند

Агар бтнз нагӯйӣ ки ҳам нмондии ҳам

اگر بطنز نگویی که هم نماندی هم

Бигуфтӣ ки ба аз ман сухан савор намонад

بگفتی که به از من سخن سوار نماند

Сўолкисти марои мдтист то бо хеш

سوالکیست مرا مدّتیست تا با خویش

Ҳамеи сголми вазин бешам ихтиёр намонад

همی سگالم وزین بیشم اختیار نماند

Бдўлтт чу ҳамаи корҳо қарор гирифт

بدولتت چو همه کارها قرار گرفت

Чаро маишати ман банда барқарор намонад ?

چرا معیشت من بنده برقرار نماند؟

Ба ним хӯрдаи шоир чаҳ ҳоҷат афтодаст

به نیم خوردۀ شاعر چه حاجت افتادست

На дар мамолики шоҳи ӣнқадар ясор намонад

نه در ممالک شاه اینقدر یسار نماند