Хуршеди чархи шаръ ки нури чароғи фазл

خورشید چرخ شرع که نور چراغ فضل

Алои зи шамъи хотири ту муқтабас набӯд

الّا ز شمع خاطر تو مقتبس نبود

Дар чашми ҳиммати ту бмизони эътибор

در چشم همّت تو بمیزان اعتبار

Гӯии замини мўозни пар магас набӯд

گوی زمین موازن پرّ مگس نبود

Гардии зи хоки мураккаби ту бод надошт

گردی ز خاک مرکب تو باد نداشت

Кўрои ду асбаи мардуми чашмами з пас набӯд

کورا دو اسبه مردم چشمم ز پس نبود

Ҷон дар танам ки дасти нишони ҳавои тест

جان در تنم که دست نشان هوای تست

Бе орзӯии хизмати ту як нафас набӯд

بی آرزوی خدمت تو یک نفس نبود

Чашмами боби чашми таяммум аз он кунад

چشمم بآب چشم تیمّم از آن کند

Коинҷои бхоки пои туаш дастрас набӯд

کاینجا بخاک پای توش دسترس نبود

Рафтаст илтимоси ҳузурами зи хизматат

رفتست التماس حضورم ز خدمتت

Волҳқи марои збхти ҷузи ин мултамис набӯд

والحق مرا زبخت جز این ملتمس نبود

Чарху ситора дар ҳуш хизмат тавонад

چرخ و ستاره در هوش خدمت تواند

Брмн чаҳ занни барӣ ки марои ин ҳавас набӯд

برمن چه ظن بری که مرا این هوس نبود

Зон боз мондаам ки зи асбоби раҳи маро

زان باز مانده ام که ز اسباب ره مرا

Ҷузи нола дароӣу фиғон ҷарас набӯд

جز نالۀ درای و فغان جرس نبود

Рухи сӯии шоҳи шаръи ниҳодами пиёда лек

رخ سوی شاه شرع نهادم پیاده لیک

Дар пой пел мондам аз он кам фарс набӯд

در پای پیل ماندم از آن کم فرس نبود

Ман бандаро ки сокини хок дарат бидам

من بنده را که ساکن خاک درت بدم

Онгаҳ ки дар диёри вафо ҳичкш набӯд

آنگه که در دیار وفا هیچکش نبود

Сар борем тағайюри рои ту дар хураст ?

سر باریم تغیّر رای تو در خورست؟

Ҳурмони дасти бӯси ту инсоф бас набӯд ?

حرمان دست بوس تو انصاف بس نبود؟