Фурӯғ рӯй шариъати туе ки ҳамвора

فروغ روی شریعت تویی که همواره

Саводи маснади ту пушти миллату дайн буд

سواد مسند تو پشت ملّت و دین بود

Ту шаҳсавори бадӣ дар сафи карами онгоҳ

تو شهسوار بدی در صف کرم آنگاه

Ки нуқраи хинги сипеҳр аз ҳилоли навазин буд

که نقره خنگ سپهر از هلال نوزین بود

зи шавқи гавҳари лафзи ту эй басои шабҳо

ز شوق گوهر لفظ تو ای بسا شبها

Ки остини ман аз рӯй ман гуҳари чин буд

که آستین من از روی من گهر چین بود

Агар зи ҳиҷр ту талхаст зиндагонии ман

اگر ز هجر تو تلخست زندگانی من

Аҷаби мадор ки васли ту ҷони ширин буд

عجب مدار که وصل تو جان شیرین بود

Ҳар он нафас ки задам дар фироқи хизмати ту

هر آن نفس که زدم در فراق خدمت تو

Чу субҳи таъбияи даравии ҳазор зубин буд

چو صبح تعبیه دروی هزار زوبین بود

Ҷҳонёнро дар ғайбат ту шуд маълум

جهانیانرا در غیبت تو شد معلوم

Ки шаръи рози шикваат чаҳ мояи ойин буд

که شرع راز شکوهت چه مایه آیین بود

з икдгр бипароканад чун бенот алнъш

ز یکدگر بپراکند چون بنات النعّش

Замонаи ҷамъии кони рашки назми парвин буд

زمانه جمعی کان رشک نظم پروین بود

Чу шоҳи шаръи зи мо дар ъроӣ ғайбат шуд

چو شاه شرع ز ما در عرای غیبت شد

Ҳамаи тасаллии аҳли ҳунари бФрзин буд

همه تسلّی اهل هنر بفرزین بود

Замонаи ногҳш аз мо бар ғами мо бар буд

زمانه ناگهش از ما بر غم ما بر بود

Зиҳии замона ки бо моаш ӣнҳамаи кин буд

زهی زمانه که با ماش اینهمه کین بود

Агарчӣ фурқати он садр ҳар яке даҳ кард

اگرچه فرقت آن صدر هر یکی ده کرد

Ҷароҳатӣ ки дарин синаҳои ғамгини пуд

جراحتی که درین سینه های غمگین پود

Умеди васли ту акнӯн муҳаққиқаст аз онк

امید وصل تو اکنون محقّقست از آنک

Висоли Юсуфу ёқӯби зи ибни ёмин буд

وصال یوسف و یعقوب ز ابن یامین بود