Аз ту ҷузи дарди дилу хӯни ҷигар ҳосил нест

از تو جز درد دل و خون جگر حاصل نیست

Чаҳ кунам ҷон ? чу ҷузин ҳеҷ дигар ҳосил нест

چه کنم جان؟ چو جزین هیچ دگر حاصل نیست

Бар набандад зи миёни ту камари тарафӣ , аз онк

بر نبندد ز میان تو کمر طرفی، از آنک

Дар миёни худ биҷуз аз тарафи камар ҳосил нест

در میان خود بجز از طرف کمر حاصل نیست

Завқ бошад даҳанамро ки коди ёди лабат

ذوق باشد دهنم را که کند یاد لبت

Врчаҳи завқи шукр аз номи шукр ҳосил нест

ورچه ذوق شکر از نام شکر حاصل نیست

Гуфтӣ андари мау хуршед нигоҳӣ ме кун

گفتی اندر مه و خورشید نگاهی می کن

Гар зи рухсори миннати ҳаззи назар ҳосил нест

گر ز رخسار منت حظّ نظر حاصل نیست

Гарчи ин ҳар ду дўҷсмисти бғоити равшан

گرچه این هر دو دوجسمیست بغایت روشن

Он ғараз каз ту буд аз мау хур ҳосил нест

آن غرض کز تو بود از مه و خور حاصل نیست

Дили зи зулфи ту талаб кардам ва бар худ печид

دل ز زلف تو طلب کردم و بر خود پیچید

Гӯ : макун шарм , бигӯ нест агар ҳосил нест

گو:مکن شرم، بگو نیست اگر حاصل نیست

Биҷуз аз дарди сар ар бо ту басӣ хоҳам гуфт

بجز از درد سر ار با تو بسی خواهم گفت

Ҳеҷ мақсӯди ман эй ҷони падар ҳосил нест

هیچ مقصود من ای جان پدر حاصل نیست

Гуфтамат бӯсӣ аз он лаъли вази ман ҷонии нақд

گفتمت بوسی از آن لعل وز من جانی نقد

Ин таваққуфи з чаҳ рӯйаст ? магар ҳосил нест ?

این توقّف ز چه رویست؟ مگر حاصل نیست؟

Бар гирифтам тамаъ аз ту ки марои ҳеҷ тамаъ

بر گرفتم طمع از تو که مرا هیچ طمع

Безар аз ту нашавад ҳосили визр ҳосил нест

بی زر از تو نشود حاصل وزر حاصل نیست