Чу рӯй хуби ту хуршеди осмон ҳам нест

چو روی خوب تو خورشید آسمان هم نیست

Бқду қомати ту сару бӯстон ҳам нест

بقد و قامت تو سر و بوستان هم نیست

Ббўии онкии брнги рух ту гардад гул

به بوی آنکه به رنگ رخ تو گردد گل

Басӣ такаллуфҳо кард ва ончунон ҳам нест

بسی تکلّف‌ها کرد و آنچنان هم نیست

Бҷони зи лаъли ту бӯсии харидам ва донам

به جان ز لعل تو بوسی خریدم و دانم

Ки гар набошад судии дарин зиён ҳам нест

که گر نباشد سودی درین زیان هم نیست

Ду дасти ман зи миёнат чаҳ тараф бар бандад

دو دست من ز میانت چه طرف بر بندد

Турои чўбои камари он низ дар миён ҳам нест

تو را چو با کمر آن نیز در میان هم نیست

Умеди бӯсу канор аз ту шуд бурӣда аз онк

امید بوس و کنار از تو شد بریده از آنک

Бдиднии зи ту қонеъи шудем ва он ҳам нест

به دیدنی ز تو قانع شدیم و آن هم نیست

Кам аз даҳон ту бошад марои зи лиззати васл

کم از دهان تو باشد مرا ز لذّت وصل

Ки ним чандон рӯзӣ аз он даҳон ҳам нест

که نیم چندان روزی از آن دهان هم نیست

Бидодаам дилу ҷон то ҳаме хӯрам ғами ту

بداده‌ام دل و جان تا همی خورم غم تو

Ки дар ҳавои ту ғам низ ройгон ҳам нест

که در هوای تو غم نیز رایگان هم نیست

Бникўиӣу шигарфии ту ббонки баланд

به نیکویی و شگرفیّ تو به بانگ بلند

На дар сипоҳон , кандар ҳамаи ҷаҳон ҳам нест

نه در سپاهان، کاندر همه جهان هم نیست

Гирифтам онкии дилат рост нест бо чокар

گرفتم آنکه دلت راست نیست با چاکر

Латофатии бдрўғ аз сари забон ҳам нест ?

لطافتی به دروغ از سر زبان هم نیست؟