Рухии чунон ки зи хуршед ва моҳ натавон кард
رخی چنان که ز خورشید و ماه نتوان کرد
Хаттии чунон ки зи машк сиёҳ натавон кард
خطی چنان که ز مشک سیاه نتوان کرد
Чигуна бӯса тавон зад барои рухи нозук
چگونه بوسه توان زد بر آن رخ نازک
Ки аз латифӣ дар вай нигоҳ натавон кард
که از لطیفی در وی نگاه نتوان کرد
Ба пеши чеҳраи ту ман зи ғам дамӣ назанам
به پیش چهرۀ تو من ز غم دمی نزنم
Ки пеши ойӣнаи доне ки оҳ натавон кард
که پیش آیینه دانی که آه نتوان کرد
Бтрки васли ту ва дил бигуфтам ва рафтам
بترک وصل تو و دل بگفتم و رفتم
Бҳрзаҳи умри гиромӣ табоҳ натавон кард
بهرزه عمر گرامی تباه نتوان کرد
Ба оби дида дар оғиштааст қомати ман
به آب دیده در آغشته است قامت من
Ки чӯб то накушуд нами ду тоа натавон мард
که چوب تا نکشد نم دو تاه نتوان کرد
Бабўса ӣӣ ки надонам диҳии ту ё надиҳӣ
ببوسه یی که ندانم دهی تو یا ندهی
Ҳамаи ҷаҳонро бар худ гувоҳ натавон кард
همه جهان را بر خود گواه نتوان کرد
Бдонк то ту зи ҳолами магари шӯии огоҳ
بدانک تا تو ز حالم مگر شوی آگاه
зи нола ҳар дами пайкӣ бароа натавон кард
ز ناله هر دم پیکی براه نتوان کرد
На марди ишқи туами ман ки ъшқбозии ту
نه مرد عشق توام من که عشقبازی تو
Биҷузи бавоситаи мол ва ҷоҳ натавон кард
بجز بواسطۀ مال و جاه نتوان کرد
Ҳадиси васл ту гӯям , хаёл ту гуяд
حدیث وصل تو گویم، خیال تو گوید
Хамӯш бош , ҳадис нигоҳ натавон кард
خموش باش، حدیث نگاه نتوان کرد
Чу ман бамурд аз андешаи ту васлат ро
چو من بمرد از اندیشۀ تو وصلت را
Ҳадиси хоҳ тавон кард ва хоҳ натавон кард
حدیث خواه توان کرد و خواه نتوان کرد
Биҷузи ббдрқаҳи ҷоҳи садри фахриддин
بجز ببدرقۀ جاه صدر فخرالدّین
Далер бар сари кӯии ту роҳ натавон кард
دلیر بر سر کوی تو راه نتوان کرد