Шохи сари сабз ва чаман дилшодаст
شاخ سرسبز و چمن دلشادست
Олам аз адли баҳор обод аст
عالم از عدل بهار آباد است
Ғунча то рӯй ба саҳро оварад
غنچه تا روی به صحرا آورد
Гиреҳии аи р дил бикшодаст
گرهی از سر دل بگشادست
Сарв дар хизмати гули брпоист
سرو در خدمت گل برپایست
Бед дар пой чанор афтодат
بید در پای چنار افتادست
Бандаи сӯсани мишкӣни нФм
بندهٔ سوسن مشکین نفسم
Кӯаст каз банди ҷаҳони озодост
کوست کز بند جهان آزادست
Дил шикастааст бунафша чаҳ кунад ?
دل شکستهست بنفشه چه کند؟
Сари ббидорд замон биниҳодаст
سر به بیداد زمان بنهادست
Сарвро ҳар чаҳ з асбоб хушӣаст
سرو را هر چه ز اسباب خوشیست
Сари басари даст фароҳам додат
سربهسر دست فراهم دادست
Бар ҷаҳони дасти тиҳӣ чун ифшоанд
بر جهان دست تهی چون افشاند
Бор кас менакушуд , ӯро даст
بار کس مینکشد، او را دست
Бингар он ғунчаи соҳиби дил ро
بنگر آن غنچهٔ صاحبدل را
Ки бдлтнгии худ чун шодаст
که به دلتنگی خود چون شادست
Зонка донад ки баду неки ҷаҳон
زانکه داند که بد و نیک جهان
Ҳамчуи хирман ки гул бар бодаст
همچو خرمنگه گل بر بادست