Дилам аз оташи ғами чунон май гудозад
دلم ز آتش غم چنان می گدازد
Ки шукр дар оби равон май гудозад
که شکّر در آب روان می گدازد
Чу сояи з хуршед ҳастӣ банда
چو سایه ز خورشید هستیّ بنده
зи меҳрати замон то замон май гудозад
ز مهرت زمان تا زمان می گدازد
Ду руста дарат дар яке чашми сӯзан
دو رسته درت در یکی چشم سوزن
Танамро чунон ресмон май гудозад
تنم را چنان ریسمان می گدازد
Чу номи лабат бар забон бигузаронам
چو نام لبت بر زبان بگذرانم
зи завқами шукр дар даҳон май гудозад
ز ذوقم شکر در دهان می گدازد
Чаҳ хуш қолабӣ дорад он танги шукр
چه خوش قالبی دارد آن تنگ شکّر
Ки ҷони хештанро дар он май гудозад
که جان خویشتن را در آن می گدازد
Дилии нарм тар дорам аз муму доим
دلی نرم تر دارم از موم و دایم
зи тоби рахти шамъи сон май гудозад
ز تاب رخت شمع سان می گدازد
Чаҳ ҷои дили ман ? ки аз тоби меҳрат
چه جای دل من؟ که از تاب مهرت
Тани моҳ дар исмон май гудозад
تن ماه در اسمان می گدازد
Дилами бута ӣӣ шуд ки бар оташи ғам
دلم بوته یی شد که بر آتش غم
Чу зари ин тани нотавон май гудозад
چو زر این تن ناتوان می گدازد
зи баси пушти гармӣ ки дорам зи ишқат
ز بس پشت گرمی که دارم ز عشقت
Марои ошкору ниҳон май гудозад
مرا آشکار و نهان می گدازد
Зҳҷри туами хӯни биФсрд дар дил
زهجر توام خون بیفسرد در دل
Вале мағз дар устихон май гудозад
ولی مغز در استخوان می گدازد
Мсолист аз чеҳраи ман ҳар он зар
مثالیست از چهرة من هر آن زر
Ки хуршед дар чашми кон май гудозад
که خورشید در چشم کان می گدازد
зи вази дили мосту зтоби рӯят
ز وز دل ماست و زتاب رویت
Ки борӣки мӯяти чунон май гудозад
که باریک مویت چنان می گدازد
Чигуна даҳуми шарҳи ишқат ки чун шамъ
چگونه دهم شرح عشقت که چون شمع
Лаби ман зи тоби забон май гудозад
لب من ز تاب زبان می گدازد
Раҳеи ростиро бўсФи ту андар
رهی راستی را بوصف تو اندر
На назм сухан кард , ҷон май гудозад
نه نظم سخن کرد، جان می گدازد