Шояд ки дили зи ишқи қиёмат ҳаме кунад

شاید که دل ز عشق قیامت همی کند

Каши орзӯии он қаду қомат ҳаме кунад

کش آرزوی آن قد و قامت همی کند

Аблаҳ касе ки рӯй варо дид ошкор

ابله کسی که روی ورا دید آشکار

Вонгаҳи маро ба ишқи маломат ҳаме кунад

وانگه مرا به عشق ملامت همی کند

То фитна шуд рухи ту ниҳони гашти офият

تا فتنه شد رخ تو نهان گشت عافیت

Инсофи зиндагии бломт ҳаме кунад

انصاف زندگی بلامت همی کند

Чу надил ба ишқ ӯ надаҳум ман ? ки рӯй ӯ

چو ندل به عشق او ندهم من؟ که روی او

Бар офтоби ҳасани ғаромат ҳаме кунад

بر آفتاب حسن غرامت همی کند

Гар башнавад зи ман дили ман , ту буташ бааст

گر بشنود ز من دل من، تو بتش بهست

Зини ошиқии маи баси бъломт ҳаме кунад

زین عاشقی مه بس بعلامت همی کند

Сарв ар ҳамеи намози баради қомати туро

سرو ار همی نماز برد قامت ترا

Он фарзи айни дон ки иқомат ҳаме кунад

آن فرض عین دان که اقامت همی کند

Ҳам оташаст чеҳра ӯ ҳам биҳишти нақд

هم آتشست چهرۀ او هم بهشت نقد

Гаштаст равшанам ки қиёмат ҳаме кунад

گشتست روشنم که قیامت همی کند