Аз гулбуни замонаи марои баҳраи хор буд
از گلبن زمانه مرا بهره خار بود
Взҷонми рӯзгори насибами хумор буд
وز جام روزگار نصیبم خمار بود
Акнӯн чаҳ роҳатаст дарин даври зиндагӣ
اکنون چه راحتست درین دور زندگی
Чун шуд баҳри зиҳи ончии зи умри ихтиёр буд ?
چون شد بههرزه آنچه ز عمر اختیار بود؟
Аз ҳодисоти даҳр ва ҷафоҳои рӯзгор
از حادثات دهر و جفاهای روزگار
Худ ҳеҷ буд ончии маро дар шумор буд
خود هیچ بود آنچه مرا در شمار بود
Бар буд ҳар чаҳ мояи ман буд рӯзгор
بر بود هر چه مایۀ من بود روزگار
Ваон мояи худ чу дрнгрии рӯзгор буд
وان مایه خود چو درنگری روزگار بود
Танҳо на рӯзгори бъҳд устувор нест
تنها نه روزگار بعهد استوار نیست
Ман худ надидам онкии бъҳди устувор буд
من خود ندیدم آنکه بعهد استوار بود
Бар хотир манаст ва Фромш накарда ам
بر خاطر منست و فرامش نکرده ام
Он аҳди хўшдлӣ ки марои ёрёр буд
آن عهد خوشدلی که مرا یاریار بود
Ҳам обрӯӣ буд мроҳми ҳавои дил
هم آبروی بود مراهم هوای دل
Ваон об ва он ҳавои хушами созгор буд
وان آب و آن هوای خوشم سازگار بود
Ҷон аз миён ҳодиса оварда бар канор
جان از میان حادثه آورده بر کنار
Ваон орзӯ ки буд маро дар канор буд
وان آرزو که بود مرا در کنار بود
Аз ҷоми бодаи айши маро буд равшанӣ
از جام باده عیش مرا بود روشنی
Ваз рӯй дӯсти кори дилам чуннигор буд
وز روی دوست کار دلم چون نگار بود
Бахтами бтбъи хуши ҳама дар пеш май ниҳод
بختم بطبع خوش همه در پیش می نهاد
Он чизро ки табъи маниши хостор буд
آن چیز را که طبع منش خواستار بود
Вар бар хилофи расми ғамӣ рӯй ме намӯд
ور بر خلاف رسم غمی روی می نمود
Зонам ғамӣ набӯд чу бо ғмгсор буд
زانم غمی نبود چو با غمگسار بود