Нури дайн эй зоти ту кони ҳунар
نور دین ای ذات تو کان هنر
Кон чаҳ бошад ? худ саросар гавҳараст
کان چه باشد؟ خود سراسر گوهرست
Зинда ҳамчун шамъ аз нур диласт
زنده همچون شمع از نور دلست
Ҳар кро то бе зи меҳрат дар сарат
هر کرا تا بی ز مهرت در سرت
Аз барои наварӯси хотират
از برای نوعروس خاطرت
Ҳуққаҳои осмон пар зевараст
حقّه های آسمان پر زیورست
Анбари андар баҳр бошад , пас чаро ?
عنبر اندر بحر باشد، پس چرا؟
Баҳри шеърат дар миён анбараст
بحر شعرت در میان عنبرست
То бидид он табъи гавҳари зои ту
تا بدید آن طبع گوهر زای تو
Аз хиҷолати доман дарё тараст
از خجالت دامن دریا ترست
Шеър май хоҳӣу ходими мдтист
شعر می خواهی و خادم مدّتیست
То зи шеъру шоирӣ фориғ тараст
تا ز شعر و شاعری فارغ ترست
Шеъррогар буд вақте равнақӣ
شعر را گر بود وقتی رونقی
Ин замони бории аҷаби мстнкрст
این زمان باری عجب مستنکرست
Ҳар куҷо аз фазлу дониши ҳалқаи иист
هر کجا از فضل و دانش حلقه ییست
Гӯшҳо зон ҳалқа яксар бар дуруст
گوشها زان حلقه یکسر بر درست
Булбули табъами наво кам мезанад
بلبل طبعم نوا کم میزند
Зонка шохи ҷӯад бебарг ва бараст
زانکه شاخ جود بی برگ و برست
Кштёҳли ҳунар бар хушк монад
کشتیاهل هنر بر خشک ماند
Кобҳоро раҳ ба ҷӯӣ дигараст
کابها را ره به جویی دیگرست
Зон чу сӯсани хомшм кин қавм ро
زان چو سوسن خامشم کاین قوم را
Ҳамчуи наргиси чашм яксар брзрст
همچو نرگس چشم یکسر برزرست
Дар ҳарон хона ки зояд духтарӣ
در هران خانه که زاید دختری
Хомшӣ онҷо бамурд дархураст
خامشی آنجا بمرد درخورست
Ман чаро хомаш набошам каз сухан
من چرا خامش نباشم کز سخن
Дар канорами зода чандин духтараст
در کنارم زاده چندین دخترست
То барин сӯрат буд кори ҳунар
تا برین صورت بود کار هنر
Вои он мискин ки маънӣ парвараст
وای آن مسکین که معنی پرورست
Ҳам фиристодам бхдмт чанд байт
هم فرستادم بخدمت چند بیت
То бадонеи кини раҳе фармон бараст
تا بدانی کین رهی فرمان برست
Нестам дар хизматати муҳтоҷи узр
نیستم در خدمتت محتاج عذر
Лутфи ту худ узр хоҳ чокараст
لطف تو خود عذر خواه چاکرست