зи баъди муддати солӣ ки ман нёсудам
ز بعد مدّت سالی که من نیاسودم
Ба рӯзу шаби зтмнои ҷбаҳу дастор
به روز و شب زتمنّای جبّه و دستار
Дарин тафаккур будам ки бар чаҳ навъ кунам
درین تفکّر بودم که بر چه نوع کنم
зи бахшиши ту тақозои ҷбаҳу дастор
ز بخشش تو تقاضای جبّه و دستار
зи инқитоъи ҷроити худ он фитод имрӯз
ز انقطاع جرایت خود آن فتاد امروز
Ки нест моро пурвои ҷбаҳу дастор
که نیست ما را پروای جبّه و دستار