Дар ҷустани ризои ту умрӣ бақадр вусъ

در جستن رضای تو عمری بقدر وسع

Барадами бакор ҳар чаҳ тавонистам аз ҳиял

بردم بکار هر چه توانستم از حیل

Мақдӯри одамии дил ва тан бошаду забон

مقدور آدمی دل و تن باشد و زبان

Кардам барои хизмати ту ҳар се мбтдл

کردم برای خدمت تو هر سه مبتدل

Тани хизмат ту карду забони мадҳат ту гуфт

تن خدمت تو کرد و زبان مدحت تو گفت

Дил дар хулӯс муътақидӣ дошт бе халал

دل در خلوص معتقدی داشت بی خلل

Чун баъд аз ин ҳамаи з ту инаст ҳосилам

چون بعد از این همه ز تو اینست حاصلم

Маълум шуд маро ки ҷуз инаст бар амал

معلوم شد مرا که جز اینست بر عمل