Садри аҳрори шҳои аддӣн , эй гоҳи сахо

صدر احرار شهای الدّین ، ای گاه سخا

Кони вдрё шуда аз дасти кафат чун кафи даст

کان ودریا شده از دست کفت چون کف دست

Душман аз ғуссаи ҷоҳи ту чу ғунчаи дилтанг

دشمن از غصّۀ جاه تو چو غنچه دلتنگ

Тамаъ аз ҷоми атои ту чу наргиси сари маст

طمع از جام عطای تو چو نرگس سر مست

Шарафи хонаи ҷавзо ки ба рифъат мисласт

شرف خانة جوزا که به رفعت مثلست

Гашта дар ҷанби сарои пардаи иқболи ту баст

گشته در جنب سرا پردۀ اقبال تو بست

Ҳамаи андешаи ғамҳо зи дил ӯ бархест

همة اندیشة غمها ز دل او برخاست

Дар ҳамаи умри худ он кас ки дамӣ бо ту нишаст

در همه عمر خود آن کس که دمی با تو نشست

Ба сияҳи корӣ аз хизмати ту даврам кард

به سیه کاری از خدمت تو دورم کرد

Ки сияҳи бодо рӯй фалаки сифлаи параст

که سیه بادا روی فلک سفله پرست

То дар ҳиҷри ту бар ман бикшодаст қазо

تا در هجر تو بر من بگشادست قضا

Дар шодӣу тараб чарх биравем дар баст

در شادی و طرب چرخ برویم در بست

Муддатӣ рафт ки аз ман карамат ёд накард

مدّتی رفت که از من کرمت یاد نکرد

Волҳқи азғсаҳи он ҷони зи тани ман бигусаст

والحق ازغصّۀ آن جان ز تن من بگسست

Нарасм ман ба ту ваз ту нарасад нома ба ман

نرسم من به تو وز تو نرسد نامه به من

Ин чунин ҳодисаро ҳам сабабӣ донам ҳаст

این چنین حادثه را هم سببی دانم هست

Шақа коғаз донам з миннат нест дареғ

شقّۀ کاغذ دانم ز منت نیست دریغ

Зонка дар ҳақ миннат ҳаст карамҳо пайваст

زانکه در حقّ منت هست کرمها پیوست

ё забони қаламат чун раҳи ман баста шудаст

یا زبان قلمت چون ره من بسته شدست

ё на чун пои раҳеи даст дабират бишикаст

یا نه چون پای رهی دست دبیرت بشکست