Чун машки зулф бар гули рухсори бишиканад

چون مشک زلف بر گل رخسار بشکند

Пушти бҳорўи равнақи гулзори бишиканад

پشت بهارو رونق گلزار بشکند

Бар оташи ситами ҷигарам зон кабоб кард

بر آتش ستم جگرم زان کباب کرد

То орзӯии наргиси бемори бишиканад

تا آرزوی نرگس بیمار بشکند

Гуфтам дилам шикаста шуд аз ғам бтнз гуфт

گفتم دلم شکسته شد از غم بطنز گفت

Олат шигифт нест ки дар кори бишиканад

آلت شگفت نیست که در کار بشکند

Доне чарост танагии дилҳо бъҳд ӯ ?

دانی چراست تنگی دلها بعهد او؟

Кондк нигоҳ дорад ва бисёр бишиканад

کاندک نگاه دارد و بسیار بشکند

Сангини дилии бетау дил банда нозукаст

سنگین دلی بتا و دل بنده نازکست

Аз санги обгинаи бночори бишиканад

از سنگ آبگینه بناچار بشکند

Зулфи ҳазор қалби шикастат ва ин аҷаб

زلف هزار قلب شکستت و این عجب

Каз ҷунбиши насимии сад бори бишиканад

کز جنبش نسیمی صد بار بشکند

Марӣаст зулфи ту ки ҳама бар ҷигар занад

ماریست زلف تو که همه بر جگر زند

Дасташи дурусти кӯи сари он мори бишиканад

دستش درست کو سر آن مار بشکند

Ҳар соли ранги оризу буии кулолаи ?ут

هر سال رنگ عارض و بوی کلاله ات

Бечораи ғунчаро дилу бозори бишиканад

بیچاره غنچه را دل و بازار بشکند

Гирди даҳони танги ту он зулфи анбарин

گرد دهان تنگ تو آن زلف عنبرین

Чун сад ҳазор ҳалқа машкаст ва як нигин

چون صد هزار حلقۀ مشکست و یک نگین

эй зулфи ту шикастау аҳди ту нодуруст

ای زلف تو شکسته و عهد تو نادرست

Азми ту бар шикастани паймони мо дуруст

عزم تو بر شکستن پیمان ما درست

Боди сабои зи зулфи ту бӯеи ббоғи барад

باد صبا ز زلف تو بویی بباغ برد

Як ғунчаро намонад бетон бар қабои дуруст

یک غنچه را نماند بتن بر قبا درست

Девона кард наргиси масти ту ақл ро

دیوانه کرد نرگس مست تو عقل را

Беморро нигар ки чаҳор кард бо дуруст

بیمار را نگر که چهار کرد با درست

Бар шоҳидӣ рӯй ту хатати гувоҳи бас

بر شاهدّی روی تو خطّت گواه بس

Бо онкӣ ҳаст даъвии ту бе гўои дуруст

با آنکه هست دعوی تو بی گوا درست

Беморӣу тксри он зулф ва ғамза чист ?

بیماری و تکسّر آن زلف و غمزه چیست؟

Зини сон ки ҳаст ҳасани рахтро ҳавои дуруст

زین سان که هست حسن رخت را هوا درست

Хастаи дилами зи бас ки дар оғишта шуд бхўн

خسته دلم ز بس که در آغشته شد بخون

Пайдои нмишўд ки шикастаст ё дуруст

پیدا نمیشود که شکستست یا درست

Чархи сиёҳ кор кунад ҳар сипедаи дам

چرخ سیاه کار کند هر سپیده دم

Бар зулфи пари шиканҷи ту дарси ҷафои дуруст

بر زلف پر شکنج تو درس جفا درست

Андешаи висоли ту аз мо набӯд рост

اندیشۀ وصال تو از ما نبود راست

Ноед худ аз шикастаи дили андешаҳо дуруст

ناید خود از شکسته دل اندیشه ها درست

Тирӣ ки ғамзаи ту зи таркиш бар оварад

تیری که غمزۀ تو ز ترکش بر آورد

Пайконаши зи оби шуълаи оташ бар оварад

پیکانش ز آب شعلۀ آتش بر آورد

Гул чун зи акси чеҳраи ту ёд ме кунад

گل چون ز عکس چهرۀ تو یاد می کند

Олами зи буии врнги худ обод ме кунад

عالم ز بوی ورنگ خود آباد می کند

Гуфтанд ғунчаро бидиҳон ту нисбат аст

گفتند غنچه را بدهان تو نسبت است

Умрӣаст то бад-ӣни дили худ шод ме кунад

عمریست تا بدین دل خود شاد می کند

Сангини дил ту ҳаст зи пӯлод ва ?наргаст

سنگین دل تو هست ز پولاد و نرگست

Пайкони тири ғамзаи з пӯлод ме кунад

پیکان تیر غمزه ز پولاد می کند

Бшхўдаҳанд чеҳрау бибридаи турра ҳо

بشخوده اند چهره و ببریده طرّه ها

Аз ҷаврҳо ки бар гул ва шамшод ме кунад

از جورها که بر گل و شمشاد می کند

Номади хилофи ростӣ аз аҳди қоматат

نامد خلاف راستی از عهد قامتت

Пас сарвро зи баҳр чаҳ озод ме кунад

پس سرو را ز بهر چه آزاد می کند

Карданд ҷилваи пеши рахти некӯони боғ

کردند جلوه پیش رخت نیکوان باغ

Булбули азин шноът ва фарёд ме кунад

بلبل ازین شناعت و فریاد می کند

Сӯсани забони узр бурун оваред ва гуфт

سوسن زبان عذر برون آورید و گفت

Моро чаҳ ҷурм ? ин сабукӣ бод ме кунад

ما را چه جرم؟ این سبکی باد می کند

Даврони адли хоҷа бедор давлатаст

دوران عدل خواجۀ بیدار دولتست

Хуфтаст ғамзаи ту ки бедод ме кунад

خفتست غمزۀ تو که بیداد می کند

Бозуии дайну бозуии миллати азўқўист

بازوی دین و بازوی ملّت ازوقویست

Таркиби зот ӯ з камолот маънавӣаст

ترکیب ذات او ز کمالات معنویست

Ҷўдш чу дар масолеҳи гетӣ назар фиканд

جودش چو در مصالح گیتی نظر فکند

Пайкори бенавоён бар сим ва зар фиканд

پیکار بینوایان بر سیم و زر فکند

Сари тезеи бикрад дар айём ӯ қалам

سر تیزیی بکرد در ایّام او قلم

ӯро чу теғи мағзи шикофӣ басар фиканд

او را چو تیغ مغز شکافی بسر فکند

Зон дар дараш чу ҳалқа фитодаст сарварӣ

زان در درش چو حلقه فتادست سروری

Косбоби он чу силсила дар икдгр фиканд

کاسباب آن چو سلسله در یکدگر فکند

Онки ҷабини гули зи лақояши арақи чикон

آنک جبین گل ز لقایش عرق چکان

Винки дурусти зари зи сахояш сипар фиканд

وینک درست زر ز سخایش سپر فکند

Бар кори нешикари гиреҳ аз баҳр он фитод

بر کار نیشکر گره از بهر آن فتاد

Кӯи пеши нуктаҳоаш гиреҳ бар шукр фиканд

کو پیش نکته هاش گره بر شکر فکند

Дар чашму гӯши ошиқу маъшӯқ ҷой ёфт

در چشم و گوش عاشق و معشوق جای یافت

Худро гуҳари бмързи лафзаш чу дар фиканд

خود را گهر بمعرض لفظش چو در فکند

Дар хизмату қори ту астодгӣ намӯд

در خدمت و قار تو استادگی نمود

Зонгаҳ ки кӯҳсори гиреҳ бар камар фиканд

زانگه که کوهسار گره بر کمر فکند

Обаш намедиҳанд дар айёми адли ту

آبش نمی دهند در ایّام عدل تو

Зон теғи ташнаи вори забонро бадар фиканд

زان تیغ تشنه وار زبان را بدر فکند

эй расми ту муруввату кори ту иҷтиҳод

ای رسم تو مرّوت و کار تو اجتهاد

Ваии маликро ъзодаҳу исломро имод

وی ملک را عضاده و اسلام را عماد

Калаки ту сар ба блъҷбиҳо бар оварад

کلک تو سر به بلعجبیها بر آورد

Ҳар чаҳ оварад аз он дигар хуштар оварад

هر چه آورد از آن دگر خوشتر آورد

Пай бар бисоти рӯм наад нақш чин кунад

پی بر بساط روم نهد نقش چین کند

Сар дар шаби сиёҳ наад ахтар оварад

سر در شب سیاه نهد اختر آورد

Бошад миён бибаста бқсди сипоҳи бухл

باشد میان ببسته بقصد سپاه بخل

Зон ҳар дам аз сиёҳии хат лашкар оварад

زان هر دم از سیاهی خط لشکر آورد

Ҳар маънии рамида ки каси нақш он надид

هر معنی رمیده که کس نقش آن ندید

То бенгарӣ сараши бахам чанбар оварад

تا بنگری سرش بخم چنبر آورد

Зояндаи ист бар сарпо бо хурӯшу бонг

زاینده ایست بر سرپا با خروش و بانگ

Вонгаҳ чаҳ турфаи онкии ҳама духтар оварад

وانگه چه طرفه آنکه همه دختر آورد

Ҷое ки ӯ ҳадиси зи лавҳ азал кунад

جایی که او حدیث ز لوح ازل کند

эй бас ки рӯи сиёҳӣ бар дафтар оварад

ای بس که رو سیاهی بر دفتر آورد

Венаи ҳам з ҷодуӣаст вагар на касе надид

وین هم ز جادوییست وگر نه کسی ندید

Ришоварӣ ки хати чунонаш хуш дар оварад

ریش آوری که خطّ چنانش خوش در آورد

Гар омадаст бар сари ангушти фаррухат

گر آمدست بر سر انگشت فرّخت

Дарёи аҷаби мадор ки не бар сар оварад

دریا عجب مدار که نی بر سر آورد

Шахси ҳунар чу тарбият хештан кунад

شخص هنر چو تربیت خویشتن کند

Нақши нигини ҷони ъздолдин ҳасан кунад

نقش نگین جان عضدالدّین حسن کند

Аввали турои хиради зар ва гетӣ басанд кард

اوّل ترا خرد زر و گیتی بسند کرد

Пас номи ту хулосаи ол Хуҷанд кард

پس نام تو خلاصۀ آل خجند کرد

Аз ҳайбати ту Зуҳраи шамшер об шуд

از هیبت تو زهرۀ شمشیر آب شد

Аз бими онкии оташи фитна баланд кард

از بیم آنکه آتش فتنه بلند کرد

Зудаши басони астараи сар дар шикам наад

زودش بسان استره سر در شکم نهد

Дар аҳди ту ҳар онкии бмўиӣ газанд кард

در عهد تو هر آنکه بمویی گزند کرد

То зад срири хомаи ту ханда бар синон

تا زد صریر خامۀ تو خنده بر سنان

Баси танзҳо ки парчам аз он риш ханд кард

بس طنزها که پرچم از آن ریش خند کرد

Ғмхўоргии аҳл ҳунар мекунад кафат

غمخوارگیّ اهل هنر میکند کفت

Ва инсоф дар шумор наёяд ки чанд кард

و انصاف در شمار نیاید که چند کرد

На бахшиши ту ҳалқи гуҳар дар қнб кашад

نه بخشش تو حلق گهر در قنب کشد

На ҳиммати ту атласро таҳта банд кард

نه همّت تو اطلس را تخته بند کرد

Аз баҳри ақтноси муродоти ту ҷаҳон

از بهر اقتناص مرادات تو جهان

Аз песаи ресмони замона каманд кард

از پیسه ریسمان زمانه کمند کرد

Ҳар шоми чарх бар лаби боми ҷалоли ту

هر شام چرخ بر لب بام جلال تو

Бар оташи шафақи зи ситора сапанд кард

بر آتش شفق ز ستاره سپند کرد

Аҳли ҳунари бтрбитт зинда гашта анд

اهل هنر بتربیتت زنده گشته اند

Аҳрори рӯзгори туро банда гашта анд

احرار روزگار ترا بنده گشته اند

Сят чу нури баҳамаи ҷои расидаи бод

صیّت چو نور بهمه جا رسیده باد

Дар сояи ту ҷон ҷаҳон орамида бод

در سایۀ تو جان جهان آرمیده باد

Тифли амл ки шери мурувват ғизоӣ ӯст

طفل امل که شیر مروّت غذای اوست

Бар домани саноеъи ту парваридаи бод

بر دامن صنایع تو پروریده باد

Хоки сами саманди турои такяи гоҳи ноз

خاک سم سمند ترا تکیه گاه ناز

Зин ҳар ду гирди болаши мишкӣни дидаи бод

زین هر دو گرد بالش مشکین دیده باد

Ҳар зар ки он бичишам тарозу дар омадаст

هر زر که آن بچشم ترازو در آمدست

Он зари зи чашм ӯ карамат бар кашида бод

آن زر ز چشم او کرمت بر کشیده باد

Обӣ ки равзаҳои амли тоза зу шавад

آبی که روضه های امل تازه زو شود

Аз чашмаи сорФизи бнонти давидаи бод

از چشمه سارفیض بنانت دویده باد

Бодӣ ки ғунчаи дили азу мнФтҳ шавад

بادی که غنچۀ دل ازو منفتح شود

Аз домани шамоили хилқати дамидаи бод

از دامن شمایل خلقت دمیده باد

Гар лоларо на лутфи ту гулгуна бар кунад

گر لاله را نه لطف تو گلگونه بر کند

Аз артшоФи соъиқаи хунаши кафидаи бод

از ارتشاف صاعقه خونش کفیده باد

То бар даҳони субҳ гузар мекунад нафас

تا بر دهان صبح گذر می کند نفس

Азми ту пеши боду бақои ту бози пас

عزم تو پیش باد و بقای تو باز پس