Зира расед бсди гӯнаи ҷоҳу ҳишмату фар
زره رسید بصد گونه جاه و حشمت و فرّ
Хдоигонамам , орифати сутӯдаи сайр
خدایگان امم، عارفت ستوده سیر
Ба ҳмрҳши ҳамаи хубони таббату яғмо
به همرهش همه خوبان تبت و یغما
Ба мавкибаши ҳамаи таркони хлху кшмр
به موکبش همه ترکان خلّخ و کشمر
Ливои ҳишматаши озурдаи чеҳраи гардун
لوای حشمتش آزرده چهره گردون
Ғубори мавкибаши омўдаҳи домани ағбр
غبار موکبش آموده دامن اغبر
Аёни зи чоки гиребонаши як ҷаҳони хуршед
عیان ز چاک گریبانش یک جهان خورشید
Ниҳон ба сояи домонаши як сипеҳри ахтар
نهان به سایه دامانش یک سپهر اختر
Сафи мавокиб ӯ чун кавокиб аз паии моҳ
صف مواکب او چون کواکب از پی ماه
Ҳуҷуми мъшр ӯ чун нуҷуми гирди қамар
هجوم معشر او چون نجوم گرد قمر
Бад-ӣни таҷаммули шоён ва ин тҷлли нағз
بدین تجمل شایان و این تجلّل نغز
Сафар намӯд ба олами ҳаме ба фол ва ба фар
سفر نمود به عالم همی به فال و به فرّ
Супурди арсаи олами ҳаме чаҳ шарқ ва чаҳ ғарб
سپرد عرصه عالم همی چه شرق و چه غرب
Набшати паҳнаи гетии ҳаме чаҳ баҳр ва чаҳ бар
نبشت پهنه گیتی همی چه بحر و چه برّ
Ливои нусрати афрошт дар ҳамаи офоқ
لوای نصرت افراشت در همه آفاق
Бисот даъват густард дар ҳамаи кишвар
بساط دعوت گسترد در همه کشور
Фишонд сими баҳри кас чаҳ банда , чаҳ озод
فشاند سیم بهر کس چه بنده، چه آزاد
Намӯд ҷӯад , баҳри тани зи манъаму музтар
نمود جود، بهر تن ز منعم و مضطر
Лабаш гушӯд ба соили сари сафина дар
لبش گشود به سائل سر سفینه دُر
Кафши шикаст ба муфлис дар хазинаи зар
کفش شکست به مفلس در خزینه زر
Фишурд пой бамурдӣ басони ҷаду Бенин
فشرد پای بمردی بسان جدّ و بنین
Ниҳоди ном ба гетӣ чу номдори падар
نهاد نام به گیتی چو نامدار پدر
Падар бияёд баси номдор дар гетӣ
پدر بیاید بس نامدار در گیتی
Ки пурвирди ҳаме ингуна номдори писар
که پرورد همی اینگونه نامدار پسر
Асос миллат бинмуд сахттар зи нахуст
اساس ملّت بنمود سخت تر ز نخست
Баннои давлати з оғоз кард муҳкам тар
بنای دولت ز آغاز کرد محکم تر
Ду сол мебишуд афзӯн ки рух наҳуфт азмо
دو سال می بشد افزون که رخ نهفت ازما
Вале ба мо зад ва сад сол омад афзӯн тар
ولی به ما زد و صد سال آمد افزون تر
Ҳазор шукр ки айдун зи баъди чандини ранҷ
هزار شکر که ایدون ز بعد چندین رنج
Задуд гирди раҳ , аз рух гушӯд рахти сафар
زدود گرد ره، از رخ گشود رخت سفر
Кунун ба шодии ин мужда гар нанӯшам май
کنون به شادی این مژده گر ننوشم می
Чунон буд ки набошад марои зи ақли хабар
چنان بود که نباشد مرا ز عقل خبر
Димоғ то бикунамтар брғми зоҳиди хушк
دماغ تا بکنم تر برغم زاهد خشک
Биор соқии он оби хушку оташ тар
بیار ساقی آن آب خشک و آتش تر
Биор май ки ҷаҳони рости одатӣ аз нав
بیار می که جهان راست عادتی از نو
Бануш ҳай , ки фалаки рости гардишии дигар
بنوش هی، که فلک راست گردشی دیگر
Бком ёрон бинмуд рӯзгори хиром
بکام یاران بنمود روزگار خرام
зи ҷон душман бигирифт осмони кайфар
ز جان دشمن بگرفت آسمان کیفر
Сипеҳри чарх дигар зад , замона шуд табдил
سپهر چرخ دگر زد، زمانه شد تبدیل
Дубораи гашти ҷаҳон бар муроди аҳли ҳунар
دوباره گشت جهان بر مراد اهل هنر
Наҳуфт шом ғам андӯз рух ба пардаи ғайб
نهفت شام غم اندوز رخ به پرده غیب
Дамид субҳи мубораки тулӯъ аз ховар
دمید صبح مبارک طلوع از خاور
Хдоигоно , эй каз ғубори хок дарат
خدایگانا، ای کز غبار خاک درت
Гирифт арсаи ин малики обу равнақу фар
گرفت عرصه این ملک آب و رونق و فرّ
Ту он муҳӣти хаёлӣ ки арсаи имкон
تو آن محیط خیالی که عرصه امکان
Ба маҳзари ту камаст аз нигини ангуштар
به محضر تو کم است از نگین انگشتر
Ту он замири мунирӣу остини дарё
تو آن ضمیر منیری و آستین دریا
Ки ин ду ҳеҷ надоранд зулмату маъбар
که این دو هیچ ندارند ظلمت و معبر
Ту он рафеъи хаёлӣ ки шахс ҳастӣ малик
تو آن رفیع خیالی که شخص هستی ملک
Ба даргаи ту ситодааст ҳалқаи сон бар дар
به درگه تو ستاده است حلقه سان بر در
Маноқиб ту таманност табъи афсар ро
مناقب تو تمناست طبع افسر را
Ки об дода бад-ӣни гӯнаи назмро гавҳар
که آب داده بدین گونه نظم را گوهر
Ҳамеша то буд аз қурбу баъди ному нишон
همیشه تا بود از قرب و بُعد نام و نشان
Ҳамора то буд аз лутфу унфи расму асар
هماره تا بود از لطف و عنف رسم و اثر
Тани адуии ту бодо , зи унфи ту ларзон
تن عدوی تو بادا، ز عنف تو لرزان
Дили муҳиби ту бодо ба лутфи ту анвар
دل مُحبّ تو بادا به لطف تو انور