Соқии ҳилоли ид бар омад зи кӯҳсор
ساقی هلال عید بر آمد ز کوهسار
Ҳаии ҳай ба муждагонии он ҷом ме биор
هی هی به مژدگانی آن جام می بیار
Афсурдагони меҳнати деринаро бишӯй
افسردگان محنت دیرینه را بشوی
зи он роҳи рӯҳи бахши зи мроти дили ғубор
ز آن راح روح بخش ز مرآت دل غبار
Зон май ки қатрае ба гулӯи ҳаркиро расад
زآن می که قطره ای به گلو هرکه را رسد
То бомдоди ҳашар буд нашъа аз хумор
تا بامداد حشر بود نشئه از خمار
БФшони бкоми ҷомӣ аз он май биёади дӯст
بفشان بکام جامی از آن می بیاد دوست
Косоишӣ биёбам аз андӯҳи рӯзгор
کاسایشی بیابم از اندوه روزگار
Вонгаҳ дуруд гӯям онро ки меҳру моҳ
وآنگه درود گویم آن را که مهر و ماه
Дар назд нур рӯй вай астанд зарраи вор
در نزد نور روی وی استند ذره وار
эй мазҳари худо ки зи неруии азм ӯ
ای مظهر خدا که ز نیروی عزم او
Дар даҳри қудрат азалӣ омад ошкор
در دهر قدرت ازلی آمد آشکار
Он довари вуҷӯд ки аз фарт ҷӯад ӯст
آن داور وجود که از فرط جود اوست
Арқони чоргонаҳи эҷоди барқарор
ارکان چارگانه ایجاد برقرار
эй мазҳари зуҳӯри азал эй ки шуд падед
ای مظهر ظهور ازل ای که شد پدید
зи ойинаи ҷамоли ту рухсори кирдигор
ز آئینه جمال تو رخسار کردگار
Дасти хирад ба домани ҷоҳи ту чун расад
دست خرد به دامن جاه تو چون رسد
Бо нури меҳри дидаи хафоашро чаҳ кор ?
با نور مهر دیده خفاش را چه کار؟
Гар ҷомаи ҷалоли туро остар набӯд
گر جامه جلال تو را آستر نبود
На атлас сипеҳр намеёфт пуду тор
نه اطلس سپهر نمی یافت پود و تار
Гар шарқи ғайби сар назд аз меҳри талъатат
گر شرق غیب سر نزد از مهر طلعتت
Чун шоми тира , арсаи эҷод буд тор
چون شام تیره، عرصه ایجاد بود تار
Дӯзах буд зи оташи қаҳрати яке шарар
دوزخ بود ز آتش قهرت یکی شرر
Ҷинат буд зи партави меҳрати яке баҳор
جنت بود ز پرتو مهرت یکی بهار
Мақсӯди чархгар на тавоф ҳарим туаст
مقصود چرخ گر نه طواف حریم توست
Бар гирд хок чист варои рӯзу шаби мадор
بر گرد خاک چیست ورا روز و شب مدار
Дар чори мавҷи баҳри адам ғарқ ме шудӣ
در چار موج بحر عدم غرق می شدی
Фалаки вуҷӯдгар нрсондии ту бар канор
فلک وجود گر نرساندی تو بر کنار
эй пардаи дор , пардаи барандоз то шавад
ای پرده دار، پرده برانداز تا شود
Асрори мҳтҷби зи ҷамоли ту ошкор
اسرار محتجب ز جمال تو آشکار
Пайдои зи шаш ҷиҳат на бғир аз зуҳӯр туаст
پیدا ز شش جهت نه بغیر از ظهور توست
Бо чашми ёр бояд дидор рӯй ёр
با چشم یار باید دیدار روی یار
Қаҳрат агар ба ҷониб гулшан кунад гузар
قهرت اگر به جانب گلشن کند گذر
Меҳрат агар ба доман гулхан кунад гузор
مهرت اگر به دامن گلخن کند گذار
Он як шавад чу соҳати дӯзахи шарораи хез
آن یک شود چو ساحت دوزخ شراره خیز
Ва ин як шавад чу домани фирдавси лолаи зор
و این یک شود چو دامن فردوس لاله زار
Аз лутфи ту биҳишт , баҳорӣаст бе хазон
از لطف تو بهشت، بهاری است بی خزان
Вази қаҳри ту ҷҳим хазонеаст бе баҳор
وز قهر تو جحیم خزانی است بی بهار
Пайваста дар саноӣ ту багушӯдаанд лаб
پیوسته در ثنای تو بگشوده اند لب
Перони солхурдау Тифлони ширхор
پیران سالخورده و طفلان شیرخوار
Хуршед ҳар сабоҳи паии иктисоби нур
خورشید هر صباح پی اکتساب نور
Сояд бар остонаи ту рӯй инкисор
ساید بر آستانه تو روی انکسار
Шоми мувофиқони ту равшан чу субҳи васл
شام موافقان تو روشن چو صبح وصل
Субҳи мухолифони ту чун шоми ҳиҷр , тор
صبح مخالفان تو چون شام هجر، تار