Чу гоҳи шом бадал шуд изори лолаи ҳмро
چو گاه شام بدل شد عذار لاله حمرا
Дар ин ҳдиқаҳи арзқ ба чашми наргиси Шаҳло
در این حدیقه ارزق به چشم نرگس شهلا
Гушӯд дасти қазо дар замонаи турраи ғулмон
گشود دست قضا در زمانه طرّه غلمان
Намӯд шакли ҳилол аз фалак чу абрӯии ҳўро
نمود شکل هلال از فلک چو ابروی حورا
Дубораи Юсуфи хур , аўФтод дар чаҳ мағриб
دوباره یوسف خور، اوفتاد در چه مغرب
Зҳҷр , дидаи ёқӯб рӯзгор шуд аъамӣ
زهجر، دیده یعقوب روزگار شد اعمی
Бисот хок шуд аз тирагӣ чу толеъи маҷнӯн
بساط خاک شد از تیرگی چو طالع مجنون
Басит чарх шуд аз равшанон чу талъати Лайлӣ
بسیط چرخ شد از روشنان چو طلعت لیلی
Шабии дароз чу болои шоҳидони саман бар
شبی دراز چو بالای شاهدان سمن بر
Шабии сиёҳ чу гесуии маҳвашони самани со
شبی سیاه چو گیسوی مهوشان سمن سا
Фишонд панҷа народ шаби зи ахтари рахшон
فشاند پنجه نرّاد شب ز اختر رخشان
Ҳазор муҳраи симин ба рӯй таҳтаи мино
هزار مهره سیمین به روی تخته مینا
Равоқ чарх шуд аз шамъи моҳу машъали анҷум
رواق چرخ شد از شمع ماه و مشعل انجم
Ҳамеи мунаввар чунон ки кохи хусрави воло
همی منوّر چونان که کاخ خسرو والا
Васии дӯдаи одами зуҳӯри Сайиди хотам
وصی دوده آدم ظهور سید خاتم
Ммд ҳастӣ олам , алии олии аъло
ممّد هستی عالم، علی عالی اعلی
Муназзаҳӣ ки буд шахси атҳар ӯ ба ду олам
منزهی که بود شخص اطهر او به دو عالم
Зуҳӯри эзади бичўни з каму Киев мубарро
ظهور ایزد بیچون ز کم و کیف مبرا
Гушӯдаи золи куҳани соли чарх аз дрмотм
گشوده زال کهن سال چرخ از درماتم
Саводи мӯии шабаҳи гавани зи шоми тира ба симо
سواد موی شبه گون ز شام تیره به سیما
Ба пешгоҳи шабистони чархи дасти замона
به پیشگاه شبستان چرخ دست زمانه
Фурухт машъалаи моҳу шамъдони сурайё
فروخت مشعله ماه و شمعدان ثریا
Басони талъати ҷонони зи тори турраи мишкӣн
بسان طلعت جانان ز تار طرّه مشکین
Ҳаме битофт зи зулмати фурӯғи Зуҳраи Заҳро
همی بتافت ز ظلمت فروغ زهره زهرا
Фурӯғи талъат ӯ ҷилвагар зи одами хокӣ
فروغ طلعت او جلوه گر ز آدم خاکی
Ки гашти саҷдаи гуҳи сокинони олами боло
که گشت سجده گه ساکنان عالم بالا
зи тоби оташи қаҳраш , шарар дар озару нирон
ز تاب آتش قهرش، شرر در آذر و نیران
зи файзи нафхаи лутфаши сафо ба ҷинату тӯбо
ز فیض نفخه لطفش صفا به جنت و طوبی
Мурод чарх набӯд ар тавофи каъбаи кӯяш
مراد چرخ نبود ار طواف کعبه کویش
Набӯд гардони зини сон ба гирди маркази ғбро
نبود گردان زین سان به گرد مرکز غبرا
Хдоигоно , эй офтоби бурҷи футувват
خدایگانا، ای آفتاب برج فتوت
Бзргўоро , эй зеби бахши торами аъло
بزرگوارا، ای زیب بخش طارم اعلی
Бахуд бибастӣ пероя то з олам ҳастӣ
بخود ببستی پیرایه تا ز عالم هستی
Ҳамеи шикастии бозори лоату иззати ъзӣ
همی شکستی بازار لات و عزت عُزّی
Фурӯғ рӯй ту шуд ҷилвагар зи талъати Юсуф
فروغ روی تو شد جلوه گر ز طلعت یوسف
Ки бе хабари з худ омад буруни зи пардаи Зулайхо
که بی خبر ز خود آمد برون ز پرده زلیخا
Агар ба ҷилваи даройади рухи ту , хусрави анҷум
اگر به جلوه درآید رخ تو، خسرو انجم
Ба кохи бохтар андар шавад чу мурғи масеҳо
به کاخ باختر اندر شود چو مرغ مسیحا
зи хоки кӯй ту шуд мшкбизи турраи ғулмон
ز خاک کوی تو شد مشکبیز طرّه غلمان
зи гирди роҳ ту шуд серумаи соӣ , дидаи ҳўро
ز گرد راه تو شد سرمه سای، دیده حورا
Ба назд пояи қасрати ҳақири гунбади гардун
به نزد پایه قصرت حقیر گنبد گردون
Ба пеши раъии мунирати қсири байзаи Байзо
به پیش رأی منیرت قصیر بیضه بیضا
Ғуборӣ аз раҳи кӯй ту шуд ба зрўаҳи гардун
غباری از ره کوی تو شد به ذروه گردون
Дар ӯ ба торак анҷум расед тоҷи муталло
در او به تارک انجم رسید تاج مطلا
зи малик ло бигузаштӣ ба гоми аввал ва инак
ز ملک لا بگذشتی به گام اول و اینک
Қадами з ҷоҳ наҳодӣ ба кохи кишвари ало
قدم ز جاه نهادی به کاخ کشور الاّ
Буд зи шамсаи кохи ту , рӯй меҳри мунаввар
بود ز شمسه کاخ تو، روی مهر منوّر
Буд зи хоки сарои ту чеҳри қудси замини со
بود ز خاک سرای تو چهر قدس زمین سا
Чунон муназзаҳ ва софӣ шудӣ зи ранг чаҳ ва чун
چنان منزه و صافی شدی ز رنگ چه و چون
Ки нури ҳазрат бичўн шуд аз ҷамоли ту пайдо
که نور حضرت بیچون شد از جمال تو پیدا
Мтори тоири фикрат на дар ҳазизи саноят
مطار طایر فکرت نه در حضیض ثنایت
Расад , агар чаҳ барояд ба боми арши муъалла
رسد، اگر چه برآید به بام عرش معلی
Фурӯғи шамсаи кохи ту аз кусуфи муназзаҳ
فروغ شمسه کاخ تو از کسوف منزه
Баннои қасри ҷалоли ту аз қусӯр мубарро
بنای قصر جلال تو از قصور مبرا
Туро ки омадаи бартари сифот аз чаҳ ва аз чун
تو را که آمده برتر صفات از چه و از چون
Шавад ба мадҳи туам чун лисони нотиқа гуё
شود به مدح توام چون لسان ناطقه گویا
Кунун ки сар ба раҳати судаму саноӣ ту гуфтам
کنون که سر به رهت سودم و ثنای تو گفتم
Гузашти сари зи сурайёи мароу шеъри зи шеърӣ
گذشت سر ز ثریا مرا و شعر ز شعری
Марои сипоҳи ҳаводис ҳуҷум карда зи шаш сӯ
مرا سپاه حوادث هجوم کرده ز شش سو
Чунон ки ҳеҷ надонам , на пои зи сар , на сар аз по
چنان که هیچ ندانم، نه پا ز سر، نه سر از پا
Марост хотирӣ аз аҳли рӯзгори ғами огӣн
مراست خاطری از اهل روزگار غم آگین
Марост синае аз халқи ин диёри мҳни зо
مراست سینه ای از خلق این دیار محن زا
Ба рӯзгор буд то сухани зи куфру зи имон
به روزگار بود تا سخن ز کفر و ز ایمان
Ба коинот буд то асари зи нуру зи злмо
به کائنات بود تا اثر ز نور و ز ظلما
Ҳаме ба коми адуяти фузуни шрнги мазаллат
همی به کام عدویت فزون شرنگ مذلت
Ҳаме ба ҷоми муҳиби ту боди шаҳди мусаффо
همی به جام مُحب تو باد شهد مصفا