Парвардаи ниҳон ба машку кофур
پرورده نهان به مشک و کافور
Дар шҳпри зоғи байзаи нур
در شهپر زاغ بیضه نور
Дорад маи нави аён ба ғабғаб
دارد مه نو عیان به غبغب
Кофур ба соткини булӯр
کافور به ساتکین بلور
Моҳи ту ки шарм рӯй меҳр аст
ماه تو که شرم روی مهر است
Чашми бади офтоб аз ӯ давр
چشم بد آفتاب از او دور
Моҳии туу меҳри карами шаби тоб
ماهی تو و مهر کرم شب تاب
Меҳрии туу моҳи мурғи шаби кӯр
مهری تو و ماه مرغ شب کور
Шамшоди ту шарми қади тӯбо
شمشاد تو شرم قد طوبی
Рухсори ту рашки гулшани ҳур
رخسار تو رشک گلشن حور
Бо он ки малулам мондам аз ғам
با آن که ملولم ماندم از غم
Ҷонам ба умед туаст масрур
جانم به امید توست مسرور
Давр аз лабат эй бути шикарханд
دور از لبت ای بت شکرخند
Нӯшам шудаи ҳамчуи неши занбӯр
نوشم شده همچو نیش زنبور