Ҷонаст агар гиромӣ ва умраст агар азиз ,
جان است اگر گرامی و عمر است اگر عزیز،
Бодои нисор рӯй хушу сирати ту низ
بادا نثار روی خوش و سیرت تو نیز
Субҳасту боғи пургулу булбули таронаи санҷ
صبح است و باغ پرگل و بلبل ترانه سنج
То бӯстон биҳишт кунӣ эйнигор хез
تا بوستان بهشت کنی ای نگار خیز
Бустон на балки соҳати кайҳон муаттар аст
بستان نه بلکه ساحت کیهان معطر است
То додае ба боди ту он зулфи атри без
تا داده ای به باد تو آن زلف عطر بیز
То ман бирақсам аз ғам шодӣ физой дӯст ,
تا من برقصم از غم شادی فزای دوست،
Мутриби ту нағмаи сркну соқии ту бодаи рез
مطرب تو نغمه سرکن و ساقی تو باده ریز
Гар оташами занӣ чу неи андар ба банди банд ,
گر آتشم زنی چو نی اندر به بند بند،
Ошиқ набошад он ки з нор оварад гурез
عاشق نباشد آن که ز نار آورد گریز
Аз ҷони ҳазор бонг барояд ки марҳабо
از جان هزار بانگ برآید که مرحبا
Гар банди банд ман бишкофӣ ба теғи тез
گر بند بند من بشکافی به تیغ تیز