Ҳар он булбул ки омад бӯстони дидори сайёдаш
هر آن بلبل که آمد بوستان دیدار صیادش
Аз он нолад ки метарсад кунад сайёди озодаш
از آن نالد که می ترسد کند صیاد آزادش
Ҷафоҳое ки булбул мекашад дар бӯстон аз гул
جفاهایی که بلبل می کشد در بوستان از گل
Ҳамон дасти хазон аз боғбон гирад дигар додаш
همان دست خزان از باغبان گیرد دگر دادش
Нанолад дар гулистони як нафаси булбул ба коми дил ,
ننالد در گلستان یک نفس بلبل به کام دل،
Насозад гул агар бе достони боғбони шодаш
نسازد گل اگر بی داستان باغبان شادش
Надорад поси гулбуни боғбони зони рӯ ки май тарсад
ندارد پاس گلبن باغبان زآن رو که می ترسد
Бисӯзад шуълаи оҳами шабӣ аз беху бунёдаш
بسوزد شعله آهم شبی از بیخ و بنیادش
Баноми эзади сеӣ қадии чмони андар чаман омад
بنام ایزد سهی قدی چمان اندر چمن آمد
Ки даст боғбон нанишонда сарвии ҳамчуи шамшодаш
که دست باغبان ننشانده سروی همچو شمشادش
Дар ин бустон ғзлхўонаст ҳам бар сарв ва ҳам бар гул
در این بستان غزلخوان است هم بر سرو و هم بر گل
Тзрўи мо ки булбул дар тараннум хонд устодаш
تذرو ما که بلبل در ترنم خواند استادش
Баҳор омад ки гардад бӯстон чун сафҳа ар ман
بهار آمد که گردد بوستان چون صفحه ار من
Буд гул , рӯй ширин , булбули шӯридаи Фарҳодаш
بود گل، روی شیرین، بلبل شوریده فرهادش
Буд монанди булбули нуктаи санҷу базлаи гӯи афсар
بود مانند بلبل نکتهسنج و بذلهگو افسر
Магар дар боғ рӯзӣ башнавад он шӯхи фарёдаш
مگر در باغ روزی بشنود آن شوخ فریادش