Он ки ҳайронем афзуди зи по то ба сараш

آن که حیرانیم افزود ز پا تا به سرش

Шуд чу мӯи пайкарам аз ҳасрати мӯии камараш

شد چو مو پیکرم از حسرت موی کمرش

Ошиқ аз лаъли лабаши як ду се бӯсӣ нагирифт

عاشق از لعل لبش یک دو سه بوسی نگرفت

То нпрўрд ба лухти дилу хӯни ҷигараш

تا نپرورد به لخت دل و خون جگرش

Тарсам аз ранҷи бимиради дилу афсӯси хурӣ

ترسم از رنج بمیرد دل و افسوس خوری

Дар ғами ишқ ҷудоӣ мапаснд ин қадараш

در غم عشق جدایی مپسند این قدرش

Мурдаи дил ҳеҷ надонад ғами ишқи гулу сарв

مرده دل هیچ نداند غم عشق گل و سرو

Ҳам магар зинда кунад нағмаи мурғи саҳараш

هم مگر زنده کند نغمه مرغ سحرش

То гули гулшани мо , лола даврӣ афрӯхт

تا گل گلشن ما، لاله دوری افروخت

Сӯхти парвонаи сифати мурғи дилами болу париш

سوخت پروانه صفت مرغ دلم بال و پرش

Ҳар ниҳолӣ самарӣ дораду сарви қади дӯст

هر نهالی ثمری دارد و سرو قد دوست

Он ниҳолӣаст ки ошиқ фиканӣ шуд самараш

آن نهالی است که عاشق فکنی شد ثمرش

Дилами андари хами он зулфи ниҳони гашт ва кунун

دلم اندر خم آن زلف نهان گشت و کنون

Ҳаст умрӣ ки наомад на асар на хабараш

هست عمری که نیامد نه اثر نه خبرش