Бишикаст санги меҳнати ишқи ту номи ман
بشکست سنگ محنت عشق تو نام من
Дардо , ки рехти оби руху нангу номи ман
دردا، که ریخت آب رخ و ننگ و نام من
То ман шудам ғуломи саги посбони дӯст
تا من شدم غلام سگ پاسبان دوست
Шуд моҳ , шамъи маҳфилу кайвони ғуломи ман
شد ماه، شمع محفل و کیوان غلام من
Як бӯс аз он ду лаъл надорам тамаъи фузун
یک بوس از آن دو لعل ندارم طمع فزون
Сӯяш касе буд ки расонади паёми ман ?
سویش کسی بود که رساند پیام من؟
эй бод чун рӯй ба тавофи ҳарим ӯ ,
ای باد چون روی به طواف حریم او،
Бо аҷзу инкисор , расонии саломи ман
با عجز و انکسار، رسانی سلام من
Баъд аз дуруду арзи салом ва дуо бигӯ ,
بعد از درود و عرضِ سلام و دعا بگو،
Кӣ пари ғурури дилбар бо эҳтироми ман
کی پر غرور دلبر با احترام من
Он қадар аз ғами ту бгрим , ки хӯни ашк
آن قدر از غم تو بگریم، که خون اشک
Бастанд аз ақиқи ду лаъли ту коми ман
بستاند از عقیق دو لعل تو کام من
Гуфтам ; шабӣ чу шамъ , бисӯзам зи пуртӯт ,
گفتم ؛ شبی چُو شمع ، بسوزم ز پرتُوَت،
Шуд пухта аз висоли ту савдои хоми ман
شد پخته از وصال تو سودای خام من