Дар базми чмони омадаи сарви чамани мо
در بزم چمان آمده سرو چمن ما
Имшаби ҳамаи рашк чаманаст анҷумани мо
امشب همه رشک چمن است انجمن ما
Моҳаст ки дар базм барафрӯхта талъат ,
ماه است که در بزم برافروخته طلعت،
ё шамъи рухи маҳваши симини бадани мо ?
یا شمع رخ مهوش سیمین بدن ما؟
Хубаст ки дар базм ман ояд ба тамошо ,
خوب است که در بزم من آید به تماشا،
Деҳқон , ки напарварда чу сарви чамани мо
دهقان، که نپرورده چو سرو چمن ما
Дар боғи зи ҳасрати ҳамаи чашми омадаи наргис
در باغ ز حسرت همه چشم آمده نرگس
Аз баҳри тамошои гули анҷумани мо
از بهر تماشای گل انجمن ما
Ёраст гули анҷуман ва мо ҳамаи булбул
یار است گل انجمن و ما همه بلبل
Мурғи қафаси гулшан ӯ , ҷону тани мо
مرغ قفس گلشن او، جان و تن ما
То ғайрат гулшан шавад ин анҷумани имшаб ,
تا غیرت گلشن شود این انجمن امشب،
Пайдост гули норбн аз норвани мо
پیداست گل ناربن از نارون ما
Монанди гулистон шуда , афсар , магари имшаб ,
مانند گلستان شده، افسر، مگر امشب،
Он шӯх гузар карда ба байти алҳзни мо ?
آن شوخ گذر کرده به بیت الحزن ما؟