Субҳи зи машриқ чу кард байрақи рӯзи ошкор

صبح ز مشرق چو کرد بیرق روز آشکار

Ханда зад андари ҳавои байрақ ӯ барқи вор

خنده زد اندر هوا بیرق او برق‌وار

Буд чу гӯгирди сурх каз бар чархи кабӯд

بود چو گوگرد سرخ کز بر چرخ کبود

Дод миси хокро гӯнаи зари айёр

داد مس خاک را گونهٔ زر عیار

Хусрави чин аз уфуқи оина чин намӯд

خسرو چین از افق آینهٔ چین نمود

Зоинаҳ чарх рафт занги шаҳи занги бор

زآینهٔ چرخ رفت زنگ شه زنگ بار

Дар сипар моҳ ронад теғи зарандудаи меҳр

در سپر ماه راند تیغ زراندوده مهر

Бар китф кӯҳ дӯхт дасти сипедаи ғёр

بر کتف کوه دوخت دست سپیده غیار

Шуд қалам аз дасти ин , рмҳ ба дасти смок

شد قلم از دست این، رمح به دست سماک

Шуд Ирам аз дасти он , боғу лаби ҷӯйбор

شد ارم از دست آن، باغ و لب جویبار

Зилли санавбари мисоли гашт ба мағриби нигун

ظل صنوبر مثال گشت به مغرب نگون

Меҳри з машриқ намӯд муҳраи зари ошкор

مهر ز مشرق نمود مهرهٔ زر آشکار

Дод ғроби замин рӯй ба сӯии ғуруб

داد غراب زمین روی به سوی غروب

То накунад ногаҳони бози сипеҳраши шикор

تا نکند ناگهان باز سپهرش شکار

Сӯхти шаби машки ранги зи оташи хуршеду барад

سوخت شب مشک رنگ ز آتش خورشید و برد

Накҳати боди саҳари қимати авди қимор

نکهت باد سحر قیمت عود قمار

Бурқаъи заррини субҳ чарх барандохт ва кард

برقع زرین صبح چرخ برانداخت و کرد

Пеши арӯси сипеҳри зари кавокиби нисор

پیش عروس سپهر زر کواکب نثار

Теғи зари осмони хоки сияҳи пӯш ро

تیغ زر آسمان خاک سیه پوش را

Кард мунаввар чу рой , рои зани шаҳриёр

کرد منور چو رای، رای زن شهریار

Осифи ҳотами сахо , аҳнФи сҳбони баён

آصف حاتم سخا، احنف سحبان بیان

Яҳёи холиди ато , ҷаъфари ҳорӯни шиор

یحیی خالد عطا، جعفر هارون شعار