Суннат ушшоқ чист ? барги адами сохтан
سنت عشاق چیست؟ برگ عدم ساختن
Гавҳари дилро зи туфи миҷмари ғами сохтан
گوهر دل را ز تف مجمر غم ساختن
Бадарға чун ишқи гашт аз пас пас тохтан
بدرقه چون عشق گشت از پس پس تاختن
Тафриқа чун ҷамъи гашт бо кам кам сохтан
تفرقه چون جمع گشت با کم کم ساختن
Гарчи навой ҷаҳони хориҷ парда равад
گرچه نوای جهان خارج پرده رود
Чун ту дар ин маҷлисӣ бо ҳамаи дами сохтан
چون تو در این مجلسی با همه دم ساختن
Пеши сарири сарони оби даҳ даст бош
پیش سریر سران آب ده دست باش
Тоти мусаллам буд пушт ба хами сохтан
تات مسلم بود پشت به خم ساختن
Назд фусурдаи дилони қоида кардан чу абр
نزد فسرده دلان قاعده کردن چو ابر
Бо дил оташ фишон чеҳраи дижами сохтан
با دل آتش فشان چهره دژم ساختن
Натавон дар хати даҳри хат вафо ёфтан
نتوان در خط دهر خط وفا یافتن
Натавон бар нақши оби нақши қалами сохтан
نتوان بر نقش آب نقش قلم ساختن
Умр нау лофи айши сард буд ҳамчуи субҳ
عمر نه و لاف عیش سرد بود همچو صبح
Аз паии як рӯзаи малики чатру илми сохтан
از پی یک روزه ملک چتر و علم ساختن
То кӣ дар чашми ақли хори муғелон задан
تا کی در چشم عقل خار مغیلان زدن
То кӣ дар роҳи нафаси боғи Ирами сохтан
تا کی در راه نفس باغ ارم ساختن
Рахш ба ҳрои зари бурдан дар пеши дев
رخش به هرای زر بردن در پیش دیو
Пас хари афкандаи сами мураккаби ҷами сохтан
پس خر افکنده سم مرکب جم ساختن
Дил аз амл давр кун зонкаҳ на некӯ буд
دل از امل دور کن زآنکه نه نیکو بود
Мусҳафу афсонаро ҷилди баҳами сохтан
مصحف و افسانه را جلد بهم ساختن
Бар дар шабаҳати мадори ақл ки нохуш буд
بر در شبهت مدار عقل که ناخوش بود
Бар сар занад Муғони бисмии рақами сохтан
بر سر زند مغان بسم رقم ساختن
Чанд расади гоҳи дев бар раҳи дили доштан
چند رصد گاه دیو بر ره دل داشتن
Чанд қадамгоҳи пели байти ҳарами сохтан
چند قدمگاه پیل بیت حرم ساختن
Бар сар хон ҷаҳон чанд чу барбати муқӣм
بر سر خوان جهان چند چو بربط مقیم
Синау дилро зи ози ҷумлаи шиками сохтан
سینه و دل را ز آز جمله شکم ساختن
Чанд чу мор аз ниҳод бо ду забони зистан
چند چو مار از نهاد با دو زبان زیستن
Чанд чу моҳӣ ба шакли ганҷи дирами сохтан
چند چو ماهی به شکل گنج درم ساختن
Зар чаҳ буд ҷузи санам пас напасандад худоӣ
زر چه بود جز صنم پس نپسندد خدای
Дил ки назар гоҳ ӯст ҷои санами сохтан
دل که نظر گاه اوست جای صنم ساختن
Ҳин ки дар дили шикасти зилзилаи нафхи сувар
هین که در دل شکست زلزلهٔ نفخ صور
Гӯши хирад шарт нест ҷазри асми сохтан
گوش خرد شرط نیست جذر اصم ساختن
Зини дам мӯъҷиз намой магзар хоқонё
زین دم معجز نمای مگذر خاقانیا
Каз дами ин дами тавон зоди адами сохтан
کز دم این دم توان زاد عدم ساختن
Гарчи з рӯй қазо бар ту ситам ҳо равад
گرچه ز روی قضا بر تو ستمها رود
Ҷуз ба ризо рӯй нест дафъи ситами сохтан
جز به رضا روی نیست دفع ستم ساختن
Юсуфи дилҳо тўӣӣ к-эйат туаст аз сухан
یوسف دلها توئی کایت توست از سخن
Пеши гурусна дилон хон карами сохтан
پیش گرسنه دلان خوان کرم ساختن
Чун ба шмохии туро карда қазои шҳрбнд
چون به شماخی تو را کرده قضا شهربند
Номи шмохии тавон Мисри аҷами сохтан
نام شماخی توان مصر عجم ساختن
Ъам зи ҷаҳон ибра кард ибрати ту ин бас аст
عم ز جهان عبره کرد عبرت تو این بس است
Натавон бо марг ъам барги нъми сохтан
نتوان با مرگ عم برگ نعم ساختن
Чун ту тариқи наҷот аз дам ъам ёфтӣ
چون تو طریق نجات از دم عم یافتی
Шарт буд қиблаи гоҳи марқад ъам сохтан
شرط بود قبله گاه مرقد عم ساختن
Чун ба дар Мустафои нойиби ҳисони тўӣӣ
چون به در مصطفی نایب حسان توئی
Фарз буд наът ӯ ҳрзамам сохтан
فرض بود نعت او حرز امم ساختن