Дардо ки дил намонад ва бар ӯ ном дард монад
دردا که دل نماند و بر او نام درد ماند
Вази ёри ёдгори дилам ёд кард монад
وز یار یادگار دلم یاد کرد ماند
Бар шохи умри барқи гузашт ва хазон расед
بر شاخ عمر برق گذشت و خزان رسید
Як нима зу сиёҳ ва дигар нима зард монад
یک نیمه زو سیاه و دگر نیمه زرد ماند
Бар нахли бахту гулбуни умедам эй дареғ
بر نخل بخت و گلبن امیدم ای دریغ
Хор бало бимонад , на хурмо на вирд монад
خار بلا بماند، نه خرما نه ورد ماند
Умрам бишуд ба пои шабу рӯз ва ғам гузошт
عمرم بشد به پای شب و روز و غم گذاشت
Мавкиби ду асба рафту ҳамаи роҳ гирд монад
موکب دو اسبه رفت و همه راهگرد ماند
Дили нақшӣ аз мурод чу мум аз нигин гирифт
دل نقشی از مراد چو موم از نگین گرفت
Як лаҳзаи ҷуфт буду ҳамаи умр фард монад
یک لحظه جفت بود و همه عمر فرد ماند
Гардуни набарди сохт ба хӯни рез бо дилам
گردون نبرد ساخت به خونریز با دلم
Дар дидаи хӯни дили зи нишон набард монад
در دیده خون دل ز نشان نبرد ماند
Хоқонё чаҳ монад туро кондҳши хурӣ ?
خاقانیا چه ماند تو را کاندهش خوری؟
Кондаҳ дилат бихӯраду ҷигар ним хӯрд монад
کانده دلت بخورد و جگر نیم خورد ماند