Ишқи ту ба ҳар дилӣ фурӯ ноед

عشق تو به هر دلی فرو ناید

Ва андӯҳи ту ҳар танӣ нафарсоед

و اندوه تو هر تنی نفرساید

Дар ктми адам ҳануз мавқуф аст

در کتم عدم هنوز موقوف است

Он сина ки сӯзиши туро шояд

آن سینه که سوزش تو را شاید

Аз ҳиҷри ту эминам чу ме донам

از هجر تو ایمنم چو می‌دانم

Кӯи даст ба хӯни ман нёлоид

کو دست به خون من نیالاید

Бо хуии ту сӯратам наме бандад

با خوی تو صورتم نمی‌بندد

Каз ишқи ту ҷуз дареғ бурноед

کز عشق تو جز دریغ برناید

Бо дастони ғами ту май созам

با دستان غم تو می‌سازم

Гар нози ту захма дар ниФзоид

گر ناز تو زخمه درنیفزاید

Он мекунӣ аз ҷафо ки лотсл

آن می‌کنی از جفا که لاتسئَل

То кист ки гуяд ин наме шояд

تا کیست که گوید این نمی‌شاید

зи андешаи ту қарори ман рафта аст

ز اندیشهٔ تو قرار من رفته است

Гар лутф кунӣ қарор боз ояд

گر لطف کنی قرار بازآید

Чун ташти миён тиҳӣаст хоқонӣ

چون طشت میان‌تهی است خاقانی

Зон роҳатҳо ки рӯҳро бояд

زان راحت‌ها که روح را باید

Чун захм расад ба ташти бхрўшд

چون زخم رسد به طشت بخروشد

Аншгт бар ӯ наҳй биёсоед

انگشت بر او نهی بیاساید

Хониш
ғзл шморҳ 103 — ъндлӣб