Зарраи намояди офтоб ар ба ҷамол ту расад

ذره نماید آفتاب ار به جمال تو رسد

Айни камоли хастаи бод ар ба камол ту расад

عین کمال خسته باد ار به کمال تو رسد

Моҳи манӣу моҳро чархи фидоӣ ту диҳад

ماه منی و ماه را چرخ فدای تو دهد

Гар ба диёри душманони вақти завол ту расад

گر به دیار دشمنان وقت زوال تو رسد

Чашми замонаро фалаки майли заволи дркшд

چشم زمانه را فلک میل زوال درکشد

Гар назари газанд ӯ сӯии ҷамол ту расад

گر نظر گزند او سوی جمال تو رسد

Ёфтан висоли ту кор на чун манӣ буд

یافتن وصال تو کار نه چون منی بود

Давлати дайгарии талаби кӯ ба висол ту расад

دولت دیگری طلب کو به وصال تو رسد

Чашми ман ар ҳазор сол аз пай рӯй ту дӯд

چشم من ار هزار سال از پی روی تو دود

Гар бирасад ба оқибати ҳам ба хаёл ту расад

گر برسد به عاقبت هم به خیال تو رسد

Дидаи хоқнӣ агар лофи ҷамол ту занад

دیدهٔ خاقنی اگر لاف جمال تو زند

Кас накунад қабули азуи кон ба мисол ту расад

کس نکند قبول ازو کآن به مثال تو رسد

Хониш
ғзл шморҳ 106 — ъндлӣб