Туро нозӣаст андари сар ки олам бар наме тобад
تو را نازی است اندر سر که عالم برنمیتابد
Маро дардӣаст андари дил ки марҳам бар наме тобад
مرا دردی است اندر دل که مرهم برنمیتابد
Саги кӯии туро ҳар рӯзи сад ҷони тӯҳфа май созам
سگ کوی تو را هر روز صد جان تحفه میسازم
Ки дандони музд чун аўӣии азин кам барнамеи тобад
که دندانمزد چون اوئی ازین کم برنمیتابد
Маро кӣ рӯй он бошад ки дар кӯии ту раҳ ёбам
مرا کی روی آن باشد که در کوی تو ره یابم
Ки аз танагӣ ки ҳаст он раҳи нафаси ҳам барнамеи тобад
که از تنگی که هست آن ره نفس هم برنمیتابد
Маро бо ишқи ту дар дили ҳавоӣ ҷон наме гунҷад
مرا با عشق تو در دل هوای جان نمیگنجد
Магари як Рахш дар майдони ду рустами барнамеи тобад
مگر یک رخش در میدان دو رستم برنمیتابد
Марои киштӣ ба тири ғамзаи вонгаҳ турра бибаредӣ
مرا کُشتی به تیر غمزه وانگه طُره بُبْریدی
Макун , турра мабар кин қадари мотами барнамеи тобад
مکن، طُره مبُر کاین قدر ماتم برنمیتابد
Ки бошад ҷони хоқонӣ ки дорад тоби дарди ту
که باشد جان خاقانی که دارد تاب درد تو
Ки брдобрди ҳасани ту ду олами барнамеи тобад
که بُردابُرد حسن تو دو عالم برنمیتابد