Хори ғами ту гул тараб дорад

خار غم تو گل طرب دارد

Дил дар паии ту сар талаб дорад

دل در پی تو سر طلب دارد

Маи ҳалқа ба гӯши ту наме зебад

مه حلقه به گوش تو نمی‌زیبد

Вари ҳалқа ба гӯши ту лақаб дорад

ور حلقه به گوش تو لقب دارد

Васли туу заҳмати рқибонт

وصل تو و زحمت رقیبانت

Нахлӣаст ки хор бо рутаб дорад

نخلی است که خار با رطب دارد

Май сӯзи маро ки хом кас бошад

می‌سوز مرا که خام کس باشد

Каз оташ сӯхтан аҷаб дорад

کز آتش سوختن عجب دارد

Ҳар кӯи зи ҳадиси дард ман гуяд

هر کو ز حدیث درد من گوید

Ин узр наад ки хоҷа таб дорад

این عذر نهد که خواجه تب دارد

Вони кас ки ба ту расад маро гуяд

وآن کس که به تو رسد مرا گوید

Кӯи меҳри таби ту бар ду лаб дорад

کو مُهر تب تو زیر لب دارد

Бас торикаст рӯзи хоқонӣ

بس تاریک است روز خاقانی

Моно ки зи зулфи ту насаб дорад

مانا که ز زلف تو نسب دارد