Ин ишқи оташинами дӯд аз ҷаҳони برارد
این عشق آتشینم دود از جهان برآرد
Венаи зулфи ънбринти оташи зи ҷони برارد
وین زلف عنبرینت آتش ز جان برآرد
Ҳар бомдоди хуршед аз рашки хоки поят
هر بامداد خورشید از رشک خاک پایت
« вохҷлто » сароёни сари зи осмони برارد
«واخجلتا»سُرایان سر زآسمان برآرد
Ёрб чаҳ ишқи дории козрм кас надорад
یارب چه عشوه داری کآزرم کس ندارد
Онро ки ошно шуд аз хонимони برارد
آن را که آشنا شد از خانمان برآرد
Қасди лаб ту кардам зулф ту гуфт ҳаии ҳай
قصد لب تو کردم زلف تو گفت هی هی
Аз ҳиҷри ғофилӣ ки дамор аз ҷаҳони برارد
از هجر غافلی تو کهت از جهان برآرد
Дар зулфи ту фурушади кори дили ҷаҳонӣ
در زلف تو فرو شُد کار دل جهانی
Лабро ишоратӣ кун то корашони برارد
لب را اشارتی کن تا کارشان برآرد
эй ҳиҷр ! мардумӣ кун , пой аз миёни бурун на
ای هجر! مردمی کن، پای از میان برون نه
То васл бе такаллуфи даст аз миёни برارد
تا وصل بیتکلف دست از میان برآرد
Хоқонӣ ин бигуфту баст аз сухани забон ро
خاقانی این سخن گفت او را زبان فرو بست
То ногуҳӣ наёяд каз ту фиғони برارد
تا ناگهی نباید کز تو فغان برآرد