Рӯзи умрам дар шаб афтодааст боз

روز عمرم در شب افتاده است باز

Вази шабами рӯзи ъно зодааст боз

وز شبم روز عنا زاده است باز

Гӯйии андар доман омад пои дил

گویی اندر دامن آمد پای دل

Каз паии он дар сар афтодааст боз

کز پی آن در سر افتاده است باز

Чун нишинам каж ки хуршеди умед

چون نشینم کژ که خورشید امید

Рости болои сар устодааст боз

راست بالای سر استاده است باز

Қисми ҳаркаси ҷуръа буд аз ҷоми ғам

قسم هرکس جرعه بود از جام غم

Қисми ман то хат Бағдодаст боз

قسم من تا خط بغداد است باز

Ҳамчуи об аз оташу оташи зи бод

همچو آب از آتش و آتش ز باد

Дил ба ҷӯшу тан ба фарёдаст боз

دل به جوش و تن به فریاد است باز

Шоядам колмоси боради чашм аз онк

شایدم که‌الماس بارد چشم از آنک

Банд бар ман кӯҳ пӯлодаст боз

بند بر من کوه پولاد است باز

Шуд забонами мӯӣ ва шуд мӯем забон

شد زبانم موی و شد مویم زبان

Аз тазаллум кин чаҳ бедодаст боз

از تظلم کاین چه بیداد است باز

Синаи ман космон дар хӯн ӯст

سینهٔ من کآسمان در خون اوست

Аз харобии меҳнат ободаст боз

از خرابی محنت آباد است باز

Аз мижа дар оташини обам ки дил

از مژه در آتشین آبم که دل

Туфи ин ғамҳо бурун додааст боз

تف این غمها برون داده است باز

Рахт ҷон барбанд хоқонии азонк

رَخت جان بربند خاقانی از آنک

Дил дар ғами хона бигушодааст боз

دل درِ غم‌خانه بگشاده است باز