Табъи ту дам соз нест ошиқи дили сӯз ро

طبعِ تو دم‌ساز نیست عاشقِ دل‌سوز را

Хуии ту ёрӣ гараст ёри бдомўз ро

خویِ تو یاری‌گر است یارِ بدآموز را

Дасти хуши ту манам дасти ҷафои бргшоӣ

دست‌خوشِ تو منم، دستِ جفا برگشای

Бар дил ман баргумор тири ҷгрдўз ро

بر دلِ من بَرگُمار تیرِ جگردوز را

Аз паии онро ки шаби пардаи роз ман аст

از پیِ آن را که شب پردهٔ رازِ من است

Хоҳам каз дӯди дил парда кунам рӯз ро

خواهم کز دودِ دل پرده کنم روز را

Лек зи бими рақиби вази паии нафии гумон

لیک ز بیمِ رقیب وز پیِ نفیِ گمان

Роҳи бурун бастаам оҳи даруни сӯз ро

راهِ برون بسته‌ام، آهِ درون‌سوز را

Дил чаҳ шиносад ки чист қимати савдои ту

دل چه شناسد که چیست قیمتِ سودایِ تو؟

Қадар чаҳ донад садаф дар шаби афрӯз ро

قَدْر چه داند صدف دُرِّ شب‌افروز را؟

Гар асар рӯй ту сӯй гулистон расад

گر اثرِ رویِ تو، سویِ گلستان رسد

Боди сабо рад кунад тӯҳфаи наврӯз ро

بادِ صبا رد کند تحفهٔ نوروز را

То дил хоқонӣаст аз ту ҳаме нагзарад

تا دلِ «خاقانی» است از تو همی نگذرد

Бӯ ки дарорад ба меҳри он дили кинтуз ро

بو که درآرد به مهر آن دلِ کین‌توز را

Хониш
ғзл шморҳ 2 — зҳро бҳмнӣ
ғзл шморҳ 2 — ъндлӣб