Аз ду олами домани ҷони дркшм ҳар субҳи дам
از دو عالم دامن جان درکشم هر صبحدم
Пои навмидӣ ба домони дркшм ҳар субҳи дам
پای نومیدی به دامان درکشم هر صبحدم
Соя бо ман ҳам нишину нола бо ман ҳам дам аст
سایه با من همنشین و ناله با من همدم است
Ҷоми ғам бар рӯй эшон дркшм ҳар субҳи дам
جام غم بر روی ایشان درکشم هر صبحدم
Соқе дорам чу ашк ва мутрибӣ дорам чу оҳ
ساقیی دارم چو اشک و مطربی دارم چو آه
Шоҳиди ғамро бабр зон дркшм ҳар субҳи дам
شاهد غم را به بر زان درکشم هر صبحدم
Ишқи меҳмон диласту ҷону дили меҳмон ӯ
عشق مهمان دل است و جان و دل مهمان او
Ман дилу ҷони пеши меҳмони дркшм ҳар субҳи дам
من دل و جان پیش مهمان درکشم هر صبحدم
Ногузири ҷон буд ҷонон ва аз ҷони ногузир
ناگزیر جان بود جانان و از جان ناگزیر
Пеши ҷонон шояд ар ҷони дркшм ҳар субҳи дам
پیش جانان شاید ار جان درکشم هر صبحدم
Ҳам мижаи мсмори созами ҳам баҳоии наъл ро
هم مژه مسمار سازم هم بهای نعل را
Дидаи пеши асби ҷонони дркшм ҳар субҳи дам
دیده پیش اسب جانان درکشم هر صبحدم
Бас ки меҷӯям саворӣ бар сари майдони ақл
بس که میجویم سواری بر سر میدان درد
То Аннани гирам ба майдони дркшм ҳар субҳи дам
تا عنان گیرم به میدان درکشم هر صبحدم
Ҳар шаб аз султони ишқам дар стконӣ ҳо расад
هر شب از سلطان عشقم دوستگانیها رسد
То ба ёд рӯй султон дар кашам ҳар субҳи дам
تا به یاد روی سلطان درکشم هر صبحدم
Дўстконии кон ба меҳри хос султон оваранд
دوستگانی کان به مهر خاص سلطان آورند
Гар ҳама заҳраст осони дркшм ҳар субҳи дам
گر همه زهر است آسان درکشم هر صبحدم
Нӯш хандидан ба вақти заҳр хӯрдан воҷиб аст
نوش خندیدن به وقت زهر خوردن واجب است
Ман басои Заҳро ки хандони дркшм ҳар субҳи дам
من بسا زهرا که خندان درکشم هر صبحدم
Дӯстони хӯни рузони пинҳони кашанд аз давр ва ман
دوستان خون رزان پنهان کشند از دور و من
Ошкорои хӯни мижгони дркшм ҳар субҳи дам
آشکارا خون مژگان درکشم هر صبحدم
Гар ҳамаи мустанад аз он роўқи манам ҳам маст аз онк
گر همه مستند از آن راوَق منم هم مست از آنک
Хӯни чашми равоқи афшони дркшм ҳар субҳи дам
خون چشم راوَق افشان درکشم هر صبحدم
Даҳри вайронро ба ҷузи ороиш тоқӣ намонад
دهر ویران را بجز آرایش طاقی نماند
Хештани зини тоқи вайрони дркшм ҳар субҳи дам
خویشتن زین طاق ویران درکشم هر صبحدم
Офатам ақласт майли оташини созами зи оҳ
آفتم عقل است میل آتشین سازم ز آه
Пас ба чашми ақли пинҳони дркшм ҳар субҳи дам
پس به چشم عقل پنهان درکشم هر صبحدم
Чанд азин даврон ки ҳастанд ин худои даврон дар ӯ
چند ازین دوران که هستند این خدا دوران در او
Шояд ар домани зи даврони дркшм ҳар субҳи дам
شاید ار دامن ز دوران درکشم هر صبحدم
Аз худ ва ғайриӣ чунон фориғ шудам каз фориғӣ
از خود و غیری چنان فارغ شدم کز فارغی
Хат ба хоқонӣу хоқони дркшм ҳар субҳи дам
خط به خاقانی و خاقان درکشم هر صبحدم