Хӯн дилам махӯр ки ғамон ту ме хӯрам
خون دلم مخور که غمان تو میخورم
Раҳмӣ бикун ки захми синон ту ме хӯрам
رحمی بکن که زخم سنان تو میخورم
Ҳар май ки дидаи рехт ба полўнаҳи мижа
هر می که دیده ریخت به پالونهٔ مژه
Ёди хаёли инси расон ту ме хӯрам
یاد خیال انس رسان تو میخورم
Гуфтӣ чаҳ май хурӣ ки сафолини лабат пар аст
گفتی چه میخوری که سفالین لبت پر است
Дарди фироқи ногузарон ту ме хӯрам
درد فراق ناگذران تو میخورم
эй соқии фироқи гаронии ҳаме барам
ای ساقی، فراقِ گرانی همی برم
Нӯшӣ бизан сабк ки гарон ту ме хӯрам
نوشی بزن سبک که گران تو میخورم
Таънаи зании маро ки ғами ҷони ҳамеи хурӣ
طعنه زنی مرا که غم جان همی خوری
Ҷон он туаст ман ғам аз он ту ме хӯрам
جان آنِ توست من غم از آنِ تو میخورم
Ҳар душманӣ ки заҳр диҳад дўстконим
هر دشمنی که زهر دهد دوستگانیم
Заҳраш ба ёди нӯши лабон ту ме хӯрам
زهرش به یاد نوش لبان تو میخورم
Гуфтӣ ки аз сегон кӣ ? аз сегон ту
گفتی که از سگان کهای، از سگان تو
Ксиби даст санг фишон ту ме хӯрам
کهآسیب دست سنگ فشان تو میخورم
Ранҷа макун забонат ба дашном чун манӣ
رنجه مکن زبانت به دشنام چون منی
Ҳқо ки ман дареғи забон ту ме хӯрам
حقا که من دریغ زبان تو میخورم
Бар дасти ту чу тири ту ларзами зи чашми бад
بر دست تو چو تیر تو لرزم ز چشم بد
Ҳргаҳ ки захми тиру камон ту ме хӯрам
هرگه که زخم تیر و کمان تو میخورم
Мсмор бар лабам задӣу наъл бар ҷабин
مسمار بر لبم زدی و نعل بر جبین
Пас зм кунӣ маро ки ғамон ту ме хӯрам
پس ذم کنی مرا که غمان تو میخورم
Ман хок поем оби даҳони зи оташи ҳавоат
من خاک پایم آب دهان ز آتش هوات
Вонгаҳ чу ноӣ дами зи даҳон ту ме хӯрам
وانگه چو نای دم ز دهان تو میخورم
Кофур дон шавад зи дами сарди ман фалак
کافور دان شود ز دم سرد من فلک
Аз бас ки дами зи ғолияи дон ту ме хӯрам
از بس که دم ز غالیه دان تو میخورم
Барадии гумон ки бар дили хоқонӣ андҳӣ аст
بردی گمان که بر دل خاقانی اندهی است
Ман андҳш ба буии гумон ту ме хӯрам
من اندهش به بوی گمان تو میخورم
Хоки туам валек чаҳ хокӣ ки ҷуръаи рез
خاک توام ولیک چه خاکی که جرعه ریز
Аз ҷоми шоҳи малики ситон ту ме хӯрам
از جام شاه ملک ستان تو میخورم